आगरा, जागरण संवाददाता। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में फर्जीवाड़े की पोल खुल रही है। सूची में कहीं भवन नंबर गलत है तो कहीं यह अपूर्ण अंकित हैं। भवन स्वामी के नाम से लेकर मोबाइल नंबर तक गलत लिखे हुए हैं। प्रभारी स्वच्छ भारत मिशन और पर्यावरण अभियंता ने चार कंपनियों के प्रबंधकों को नोटिस जारी किया है। अब नगर निगम के साथ कंपनी की टीम प्रत्येक घर की जांच करेगी।

नगर निगम के सदन में 28 सितंबर को डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में लापरवाही को लेकर हंगामा हुआ था। पार्षदों की शिकायतों पर मेयर नवीन जैन ने अपर नगरायुक्त विनोद कुमार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। अपर नगरायुक्त ने कंपनियों से सूची लेकर सत्यापन के आदेश दिए हैं। अब तक हुए सत्यापन में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। सूची अधूरी है। कहीं भवन स्वामी का नाम गलत लिखा है तो कहीं उसका पता। मोबाइल नंबर के आगे एक से लेकर दस तक के अंक लिखे हुए हैं। दरेसी सहित कई अन्य क्षेत्रों में भवन दिखाए जा रहे हैं, जबकि इन क्षेत्रों में दुकानें बनी हुई हैं। मंटोला, पीपलमंडी, काला महल में ब्लॉक दर्शाए जा रहे हैं। इससे सत्यापन में दिक्कत आ रही है। प्रभारी स्वच्छ भारत मिशन राजीव राठी ने बताया कि सत्यापन के दौरान कंपनियों के प्रतिनिधि रहेंगे। भवन संख्या सहित अन्य की जानकारी देंगे।

आसान नहीं है सत्यापन

डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का सत्यापन आसान नहीं है। क्योंकि सूची में अंकित भवन धरातल में नहीं मिल रहे हैं।

इन कंपनियों को नोटिस

- प्रबंधक, अर्व एसोसिएट

- प्रबंधक, सोसाइटी फॉर एजुकेशन एंड वेलफेयर फॉर आल

- प्रबंधक, स्पाक ग्लोबल वेस्ट प्रा. लि.

- प्रबंधक, ओम मोटर्स एंड कंस्ट्रक्शन  

Posted By: Prateek Gupta

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