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आगरा की 685 ग्राम पंचायतें 50 लाख के पुरस्कार से वंचित, सिर्फ पांच रेस में शामिल

Published: Mon, 12 Oct 2026 05:10 PM (IST)

आगरा जिले की 690 ग्राम पंचायतों में से केवल पांच ही 'मुख्यमंत्री विशेष पंचायत पुरस्कार' योजना के मानकों को पूरा कर पाई हैं।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. आगरा की 690 में से केवल पांच पंचायतें ही पात्र।

  2. 685 पंचायतें 50 लाख रुपये के पुरस्कार से वंचित हुईं।

  3. स्वच्छता, आत्मनिर्भरता जैसे 10 मानक पूरे नहीं कर पाईं।

जागरण संवाददाता, आगरा। गांवों को स्वच्छ, आत्मनिर्भर और डिजिटल सुविधाओं से लैस बनाने की कवायद में ग्राम पंचायतें पिछड़ती नजर आ रही हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले की 690 ग्राम पंचायतों में से महज 10 ने 'मुख्यमंत्री विशेष पंचायत पुरस्कार' योजना के तहत आवेदन किया। इनमें भी पांच आवेदन जांच में खारिज हो गए।

50 लाख रुपये तक का पुरस्कार जीतने का अवसर पाने के लिए जिले की महज पांच ग्राम पंचायतें ही शुरुआती कसौटी पर खरी उतर सकी हैं। यह संख्या कुल ग्राम पंचायतों की एक प्रतिशत के करीब है।

'मुख्यमंत्री विशेष पंचायत पुरस्कार' योजना के तहत मांगे थे आवेदन

'मुख्यमंत्री विशेष पंचायत पुरस्कार' योजना के अंतर्गत 10 अक्टूबर तक आवेदन मांगे थे। योजना में ग्राम पंचायतों को 10 बिंदुओं पर निर्धारित मानक पूरे करने थे। इनमें अपने स्रोतों से आय अर्जित करना, गांव को प्लास्टिक मुक्त बनाने की दिशा में काम करना और घर-घर कूड़ा एकत्र करना जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल थे।

इसके अलावा, कॉमन सर्विस सेंटर और आधार केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी जरूरी है। योजना का उद्देश्य उन ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित करना है, जो सरकारी योजनाओं पर निर्भर रहने के बजाय अपने संसाधनों से आय बढ़ाएं और ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराएं। इसके लिए 50 लाख रुपये तक का पुरस्कार जीतने का अवसर दिया गया है। इसके बावजूद जिले की ग्राम पंचायतों में योजना को लेकर अपेक्षित उत्साह नजर नहीं आया।

680 ग्राम पंचायतों ने आवेदन ही नहीं किया

जिले में पुरस्कार के लिए आवेदन करने वाली 10 ग्राम पंचायतों में से पांच के आवेदन जांच के दौरान वैध नहीं पाए गए। इससे साफ है कि आवेदन करने वाली पंचायतें भी सभी जरूरी शर्तें पूरी नहीं कर सकीं। वहीं, 680 ग्राम पंचायतों ने पुरस्कार के लिए आवेदन ही नहीं किया। ऐसे में गांवों में स्वच्छता, स्थानीय आय और डिजिटल सेवाओं से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

पुरस्कार के लिए प्राप्त 10 आवेदनों में से पांच वैध पाए गए हैं। इन आवेदनों को शासन को भेजा जाएगा। अब पुरस्कार के लिए आगे का निर्णय शासन स्तर से लिया जाएगा।

-मनीष कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी

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