यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 19, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Agra Crime: युवक से चौथ मांगने में जेल भेजे गए वकीलों की आवाज, फाेरेंसिक लैब में होगा मिलान
Agra Crime दुष्कर्म के मुकदमे में आरोपित से सुलह करने के नाम पर वसूली का है आरोप। मामले में वैज्ञानिक ...और पढ़ें

आगरा, जागरण संवाददाता। हरीपर्वत पुलिस द्वारा चौथ वसूली के आरोप में जेल भेजे गए अधिवक्ताओं के मामले में पुलिस उनके खिलाफ डिजीटल साक्ष्य जुटा रही है। आरोपितों की आवाज का मिलान फोरेंसिक लैब में कराया जाएगा। वैज्ञानिकों की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
हरीपर्वत थाने में खंदौली की रहने वाली युवती ने राहुल निवासी एत्मादपुर के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में युवती ने अपने बयान का समर्थन नहीं किया। जिससे पुलिस को शक हुआ, उसने छानबीन के बाद पुलिस ने दावा किया कि दुष्कर्म का मुकदमा साजिश के तहत दर्ज कराया गया था। जिसमें आरोपित और पीड़िता के अधिवक्त आपस में मिल गए थे।
मामले में पुलिस ने अधिवक्ता शेखर प्रताप, जितेंद्र राजपूत, निशांत प्रजापति और युवती को चौथ वसूली के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एसपी सिटी विकास कुमार ने बताया आरोपितों ने राहुल से मोबाइल पर रुपये की मांग की थी। जिसे उसने रिकार्ड कर लिया। यह रिकार्डिंग साक्ष्य के रूप में पुलिस के पास मौजूद है।
विवेचक ने जिला जज की अदालत में आरोपितों की मिलान के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। जिला जज ने पुलिस को आवाज का मिलान कराने की अनुमति प्रदान कर दी। पुलिस आरोपितों को लखनऊ फोरेंसिक लैब आवाज के मिलान के लिए लेकर जाएगी। वहीं, सोमवार को आरोपितों की जमानत कर सुनवाई नहीं हो सकी। अब 20 जुलाई को सुनवाई होगी। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रताप स्वामी मेहरा, दुर्ग विजय सिंह भइया व अन्य जमानत प्रार्थना पत्र पर बहस करेंगे।
