आगरा, जागरण संवाददाता। आंवलखेड़ा से चोरी हुई तीन माह की अबोध बच्ची को एक युवक रिक्शे में ले जा रहा था। बच्ची के रोने से लोगों को शक हुआ। इसके बाद पुलिस की मदद से युवक को सूरसदन चौराहे पर पकड़ लिया। युवक ने पुलिस को बताया है कि वह बच्ची को आगरा किला के सामने पार्किंग से लेकर आया है। रकाबगंज पुलिस युवक से अभी पूछताछ कर रही। बरहन पुलिस को भी इसकी सूचना दे दी गई है।

ये था मामला

बरहन क्षेत्र के गांव नगला लोधा निवासी गोमती मंगलवार सुबह आंवलखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से दवा लेने गई थी। दवा लेकर वापस उस्मानपुर की ओर जा रही थी।रास्ते में सड़क किनारे बच्ची को लेटाकर वह लघुशंका करने चली गई। इसी बीच बच्ची चोरी हो गई। दोपहर 12 से शाम चार बजे तक वह तलाश करती रही, लेकिन बच्ची नहीं मिली तो उसने गांव में जाकर जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस बच्ची की तलाश में लगी थी। इसी बीच शाम को हरीपर्वत क्षेत्र के सूरसदन चौराहे पर एक युवक रिक्शे में बच्ची को लेकर जा रहा था। बच्ची बहुत रो रही थी।

राहगीराें को हुआ शक

राहगीरों ने चौराहे पर खड़े पुलिसकर्मियों को इसकी सूचना दे दी। उन्होंने युवक को रोक लिया। पुलिसकर्मियों ने पूछताछ की तो युवक सही जवाब नहीं दे पाया। इससे उस पर शक हो गया। युवक ने पुलिस को बताया है कि वह बच्ची को आगरा किला के सामने पार्किंग से लेकर आया है। वहां बच्ची जमीन पर पड़ी रो रही थी। कोई उसे नहीं ले रहा था। इसलिए वह उसे ले आया। हरीपर्वत पुलिस ने उसे रकाबगंज थाना पुलिस को सौंप दिया है।

परिवार को दी पुलिस ने खबर

रकाबगंज थाना पुलिस अभी उसके बयानों की सत्यता की जांच मौके पर पहुंचकर कर रही है। उधर, बच्ची को मेडिकल के लिए भेजकर उसके स्वजन को सूचना दे दी गई है। इंस्पेक्टर रकाबगंज का कहना है कि अभी युवक बयान बदल रहा है। वह खुद को चक्कीपाट का रहने वाला बता रहा है। अभी उससे पूछताछ की जा रही है।

Edited By: Prateek Gupta

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