'हेलो-हाय छोड़ो, भक्ति से नाता जोड़ो', आगरा की सड़कों पर दिखे 6 साल के बाल संत ने दिया सनातन संस्कृति से जुड़ने का संदेश
आगरा में छह वर्षीय बाल संत भक्त भागवत ने बच्चों और युवाओं को भक्ति व सनातन संस्कृति से जुड़ने का ...और पढ़ें

HighLights
छह वर्षीय बाल संत ने भक्ति का संदेश दिया।
'हेलो-हाय छोड़ो, भक्ति से नाता जोड़ो' का आह्वान।
आगरा में भक्ति वेव संस्था ने उत्सव आयोजित किया।
जागरण संवाददाता, आगरा। महज छह वर्ष की उम्र में बाल संत भक्त भागवत अपनी बाल सुलभ वाणी से बच्चों और युवाओं को भक्ति की राह से जोड़ने में जुटे हैं। शनिवार को कमला नगर स्थित महाराजा अग्रसेन सेवा सदन में भक्ति वेव संस्था के भक्ति एवं सनातन संस्कृति के दिव्य उत्सव में वे विशेष आकर्षण रहे। हेलो-हाय छोड़ो, भक्ति से नाता जोड़ो संदेश के जरिए उन्होंने नई पीढ़ी को संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जुड़ने की प्रेरणा दी।
बाल संत ने कहा कि आधुनिकता अपनाने के साथ सांस्कृतिक जड़ों को मजबूती से थामे रखना भी जरूरी है। भगवान के प्रति श्रद्धा, बड़ों का सम्मान और अच्छे संस्कार जीवन को सही दिशा देते हैं। बदलती जीवनशैली के बीच बच्चों और युवाओं को भक्ति को जीवन का हिस्सा बनाने, भगवान में आस्था रखने, परिवारों में संस्कारों के बीज रोपने और भारतीय परंपराओं का सम्मान करने का संदेश दिया।
धारावाहिक महाभारत में गुरु द्रोणाचार्य की भूमिका निभाने वाले अभिनेता सुरेंद्र पाल सिंह भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। समारोह का शुभारंभ पंडित सुभाष चंद्र शास्त्री के सान्निध्य में संगीतमय सुंदरकांड पाठ से हुआ। श्रीराम के गुणगान और भक्ति संगीत से सेवा सदन का वातावरण भक्तिमय हो गया। इसके बाद शास्त्री ने दीपावली पूजन की विधि, मंत्रोच्चारण के महत्व और सनातन परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना की जानकारी दी। उन्होंने दीपावली के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व से भी श्रद्धालुओं को परिचित कराया।
चार मित्रों की सोच से बनी भक्ति वेव
भक्ति वेव-सेवा, प्रसार, सनातन संस्था का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों के जरिए समाज को जोड़ना और सेवा व संस्कारों की भावना मजबूत करना है। संस्थापक संचित गोयल, अध्यक्ष जितेन्द्र गोयल, महामंत्री तुषार गोयल और कोषाध्यक्ष हरीश गोयल ने बताया कि मित्रता दिवस पर चार मित्रों की चर्चा में सनातन संस्कृति, सेवा और समाजहित को केंद्र में रखकर पहल करने का विचार आया।
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इसका उद्देश्य लोगों को जोड़ने के साथ नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं से परिचित कराना था। इसी सोच से संस्था बनी। इसका ध्येय वाक्य है, भक्ति से सेवा, सेवा से परिवर्तन। संचालन दीपक जैन ने किया। नंदकिशोर गोयल, राजकुमार अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, दिनेश मंगल, जितेंद्र अग्रवाल, रवि कांत श्रोतिया, सौरभ जैन एड, देवांश गोयल, महेंद्र गुप्ता, अंजली गोयल और प्रियंका गोयल मौजूद रहे।
