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एत्मादपुर बाईपास: जद में आने वाले गांवों में जमीन खरीद-बिक्री पर लगी रोक, किसानों में असमंजस

Published: Sun, 05 Jul 2026 09:03 PM (IST)

एनएचएआई के निर्देश पर आगरा के एत्मादपुर-टूंडला बाईपास परियोजना से प्रभावित गांवों में जमीन की खरीद-फरोख्त, भूमि उपयोग परिवर्तन और नए निर्माण पर रोक लगा दी गई है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. बाईपास प्रभावित गांवों में जमीन खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध।

  2. एनएचएआई के पत्र पर प्रशासन ने लिया सख्त कदम।

  3. किसानों ने केवल प्रभावित खसरों पर रोक की मांग की।

जागरण संवाददाता, आगरा। प्रस्तावित एत्मादपुर-टूंडला संयुक्त छह लेन बाईपास परियोजना को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के निर्देश पर बाईपास की जद में आने वाले गांवों में जमीन की खरीद-फरोख्त, भूमि की प्रकृति में परिवर्तन तथा नए निर्माण कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और विवादों से मुक्त रखने के उद्देश्य से लिया गया है। एनएचएआई की ओर से 11 जून 2026 को जिलाधिकारी आगरा को भेजे गए पत्र में एत्मादपुर ब्लैक स्पॉट के सुधार एवं एत्मादपुर-टूंडला संयुक्त बाईपास के निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार किए जाने की जानकारी दी गई है।

पत्र के अनुसार, तहसील एत्मादपुर के नवलपुर, धौर्रा, सुरैरा एतमाली, सुरैरा मुस्तकिल, रहनकलां और रहनखुर्द सहित अन्य प्रभावित गांवों की भूमि का अधिग्रहण किया जाना प्रस्तावित है।

एनएचएआई ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि भूमि अधिग्रहण की सूचना के बाद अक्सर प्रभावित क्षेत्रों में जमीनों की खरीद-फरोख्त, निर्माण कार्य तथा भूमि की श्रेणी बदलने के प्रयास बढ़ जाते हैं, जिससे मुआवजा प्रक्रिया प्रभावित होने के साथ कानूनी विवाद भी पैदा हो सकते हैं।

इसी आशंका के मद्देनजर प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया था। एसडीएम एत्मादपुर सुमित कुमार सिंह ने बताया कि एनएचएआई के पत्र के अनुपालन में संबंधित गांवों में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

अधिसूचित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री, भूमि उपयोग परिवर्तन तथा नए निर्माण कार्यों की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी संबंधित विभागों और राजस्व अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार के नियम उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

उधर, लंबे समय से चल रही वकीलों की हड़ताल समाप्त होने के बाद सोमवार से तहसील में बैनामे शुरू होने जा रहे हैं। ऐसे समय में प्रशासन के इस आदेश से प्रभावित गांवों में पहले से तय भूमि सौदों और एडवांस राशि देने वाले खरीदारों एवं विक्रेताओं के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।

कई लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले ही जमीन के सौदे तय कर लिए थे, लेकिन अब बैनामा नहीं होने से उनका पैसा फंसने की आशंका बढ़ गई है। वहीं, घरैरा निवासी नरेंद्र बघेल, भीकम सिंह, रनवीर सिंह, छोटेलाल, संजय यादव सहित कई किसानों ने प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाए हैं।

किसानों का कहना है कि यदि बाईपास के लिए केवल कुछ खसरा संख्या की भूमि अधिग्रहित की जानी है, तो प्रतिबंध भी उन्हीं खसरों तक सीमित होना चाहिए। उनका आरोप है कि पूरे मौजे पर रोक लगाने से उन किसानों को भी नुकसान उठाना पड़ेगा, जिनकी जमीन परियोजना की जद में नहीं आती। किसानों ने प्रशासन से आदेश की समीक्षा कर केवल प्रभावित खसरा संख्या पर ही प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

प्रशासन का कहना है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जाएगी और पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, प्रभावित ग्रामीणों की निगाह अब इस बात पर टिकी है कि प्रशासन उनकी आपत्तियों पर क्या निर्णय लेता है।

 

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