जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के नए नियम लागू, समय पर आवेदन न करने पर काटना होगा कोर्ट का चक्कर
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है, जिसके तहत दो साल बाद आवेदन करने पर कोर्ट की मंजूरी अनिवार्य होगी।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
दो साल बाद जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए कोर्ट की मंजूरी।
21 दिनों के भीतर आवेदन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।
समय बीतने के साथ प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया जटिल होगी।
जागरण संवाददाता, आगरा। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के नियम में गुरुवार से बड़ा बदलाव हुआ है। 21 दिनों के भीतर अगर कोई भी आवेदन आता है, तो इसका कोई भी शुल्क नहीं लिया जाएगा। पंजीकरण होने के बाद आसानी से प्रमाण पत्र जारी हो जाएगा, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता जाएगा, परेशानी और भी बढ़ती जाएगी।
जन्म या फिर मृत्यु प्रमाण पत्र अगर दो साल बीतने के बाद बनवाने के लिए आवेदन किया जाता है तो कोर्ट से इसकी मंजूरी लेनी होगी। बिना मंजूरी के प्रमाण पत्र नहीं बनेगा। व्यवस्था में यह बदलाव लागू हो गया है।
नगर निगम और चार जोनल कार्यालयों में हर दिन जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के 250 फार्म जमा होते हैं। वर्तमान में जो भी फार्म जमा होते हैं, निर्धारित अवधि के बाद तहसील सदर से इसकी रिपोर्ट मांगी जाती है। दूसरी रिपोर्ट निगम कार्यालय से आती है। दोनों रिपोर्ट के बाद प्रमाण पत्र जारी होता है।
एक अक्टूबर से इस व्यवस्था में बदलाव हो गया है। नगरायुक्त संतोष कुमार ने बताया कि जन्म-मृत्यु संशोधन अधिनियम 2026 से कार्य होगा। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इसकी जानकारी दे दी गई है।
ऐसे बनेगा प्रमाण पत्र
| दिन | प्रक्रिया | अधिकारी का नाम | जरूरी दस्तावेज |
| शून्य से 21 दिन तक | सामान्य प्रक्रिया | रजिस्ट्रार नगर निगम और ग्राम पंचायत | अस्पताल की पर्ची और माता-पिता का आधार कार्ड |
| 21 से 30 दिन तक | विलंब शुल्क के साथ | रजिस्ट्रार | सभी दस्तावेज और लेट फीस व शपथ पत्र |
| 30 दिन से एक साल तक | लिखित अनुमति से पंजीकरण | जिला रजिस्ट्रार या अतिरिक्त जिला रजिस्ट्रार | आवेदन पत्र-विलंब का कारण और शपथ पत्र के साथ फीस |
| एक से दो साल तक | आदेश से पंजीकरण | डीएम या फिर एसडीएम के आदेश पर | डीएम के लिखित आदेश पर सभी दस्तावेज लगेंगे |
| दो साल से अधिक | न्यायिक आदेश से ही पंजीकरण होगा | प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट | कोर्ट में याचिका-जन्म या फिर मृत्यु प्रमाण पत्र का सुबूत के साथ दो गवाह वकील के माध्यम से आदेश |
इसलिए जरूरी है जन्म प्रमाण पत्र
- आधिकारिक रिकार्ड
- उम्र के सत्यापन के लिए
- सरकारी नौकरी के लिए अहम दस्तावेज
- पासपोर्ट बनवाने के कार्य में आवश्यक
इसलिए जरूरी है मृत्यु प्रमाण पत्र
- मृत्यु का आधिकारिक कानूनी रिकार्ड है
- एलआइसी और पीएफ के क्लेम के लिए
- बैंक खाता और म्यूचुअल फंड संभालने को लेकर
- संपत्ति और विरासत को निपटाने के लिए
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