आगरा में आंगनबाड़ी भर्ती को छिपाई असली आय, DM की जांच में खुला खेल; होंगी निरस्त
आगरा में आंगनबाड़ी भर्ती में आय प्रमाण पत्रों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। डीएम मनीष बंसल ने ...और पढ़ें

डीएम मनीष बंसल।
जागरण संवाददाता, आगरा। इस साल हुई आंगनबाड़ी भर्ती में आय प्रमाण पत्रों में फर्जीबाड़ा हुआ है। एत्मादपुर तहसील में बड़ी संख्या में महिलाओं ने गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) श्रेणी के प्रमाण पत्र बनवा लिए। लेखपालों ने भी आंख मूंद बिना सत्यापन किए रिपोर्ट लगा दी लेकिन शिकायतों से पूरा खेल छिप नहीं सका। डीएम मनीष बंसल ने गोपनीय शिकायतों की जांच कराई और फिर पूरा खेल खुलकर सामने आ गया।
गरीबों का हक मार नौकरी पाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की भर्ती को रद करने के निर्देश दिए हैं। गलत रिपोर्ट लगाने वाले लेखपालों पर विभागीय कार्रवाई होगी। दैनिक जागरण ने एक नवंबर को एत्मादपुर तहसील में आय प्रमाण पत्र बनाने में खेल की खबर प्रकाशित की थी। लेखपालों ने गलत रिपोर्ट लगाकर प्रमाण पत्र जारी किए थे।
एसडीएम सुमित सिंह की कोर्ट में सुनवाई के बाद छह प्रमाण पत्रों को रद कर दिया गया था। आय प्रमाण पत्रों का यह खेल जिले की कई और भी तहसीलों में चल रहा है। इस साल जिले में आंगनबाड़ी में 708 पदों पर भर्तियां हुई हैं। इसमें 386 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 322 सहायिका हैं। इसके लिए 30 जून से 20 जुलाई के मध्य आनलाइन आवेदन मांगे गए थे। चयन पूरी तरह से शैक्षणिक योग्यता (न्यूनतम 12वीं) के आधार पर था।
इसमें लिखित परीक्षा या फिर इंटरव्यू नहीं हुआ। भर्ती में शहरी क्षेत्र के साथ ही एत्मादपुर, किरावली, खेरागढ़ और बाह तहसील भी शामिल थीं। सबसे बड़ा खेल आय प्रमाण पत्र को लेकर हुआ। बीपीएल श्रेणी में शहरी क्षेत्र में 56 हजार और ग्रामीण क्षेत्र में 46 हजार रुपये वार्षिक है। नौकरी पाने के लिए बड़ी संख्या में महिलाओं ने अधिक आय होने के बाद भी कम आय दिखाकर प्रमाण पत्र बनवा लिए।
इस कार्य में लेखपालों की अहम भूमिका रही। उजरई जाट एत्मादपुर की गौरी देवी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के दो पदों में हुए खेल की शिकायत पहले सीडीओ से की। गौरी ने बताया कि आय अधिक होने के बाद भी आवेदकों ने बीपीएल श्रेणी का आय प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी पा ली है। गौरी ने कई दस्तावेज भी दिए। ठोस कार्रवाई न होने पर डीएम से इसकी शिकायत की गई।
डीएम ने तहसीलदार एत्मादपुर देवेंद्र प्रताप सिंह से गोपनीय जांच की तो पूरा खेल खुलकर सामने आ गया। जांच में घोषित आय और वास्तविक आय के बीच अंतर होने,वास्तविक आय अधिक होने के विभिन्न तथ्य सामने आए हैं। डीएम मनीष बंसल ने फर्जी आय प्रमाण पत्र लगाने वाले अपात्रों की नियुक्ति और प्रमाण पत्र को निरस्त करने के आदेश दिए हैं।
गलत रिपोर्ट लगाने वाले लेखपालों पर विभागीय कार्रवाई के लिए कहा है। डीएम ने बताया कि अभी तक जो भी शिकायतें मिली हैं। उन सभी की जांच कराकर कार्रवाई की जा रही है। आगे जो भी शिकायतें सामने आएंगी। उन सभी पर कार्रवाई होगी।
सभी एसडीएम को जारी किए निर्देश
डीएम ने सभी एसडीएम को दिशा निर्देश जारी किए हैं। आय, जाति, निवास, हैसियत सहित अन्य प्रमाण पत्रों में ठीक तरीके से रिपोर्ट लगाने पर जोर दिया गया है। डीएम ने जांच रिपोर्ट की नियमित अंतराल में क्रास चेकिंग के निर्देश भी दिए हैं।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।