आगरा, जागरण संवाददाता। शाहगंज के भोगीपुरा में अधिवक्ता के पिता की हत्या के सभी आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर दीवानी के गेट संख्या दो पर क्रमिक अनशन पर बैठे वकीलों ने सोमवार को एसएसपी के आश्वासन के बाद उसे खत्म कर दिया। एसएसपी सुधीर सिंह ने अधिवक्ता महान मुदगल से बातचीत के बाद उन्हें हत्याकांड में निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद आठ दिन से जारी अनशन खत्म हो गया।

भोगीपुरा बाजार में दो नवंबर की शाम को संपत्ति के विवाद में अधिवक्ता महान मुदगल के पिता राम बहादुर मुदगल की हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। अधिवक्ता ने मुकदमे में 11 लोगों को नामजद किया था। पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए महान मुदगल व उनके साथी अधिवक्ताओं ने 22 नवंबर से दीवानी के गेट संख्या दो पर क्रमिक अनशन शुरू कर दिया था। अधिवक्ताओं की मांग थी कि पुलिस जब तक शेष नामजद आरोपित राहुल पचौरी, विकास पचौरी, प्रशांत पचौरी, मुकेश शर्मा, सुमित पालीवाल, अनिल पालीवाल व रेखा को भी गिरफ्तार नहीं करती तब तक वह अनशन से नही उठेंगे।

सेामवार को दोपहर करीब एक बजे एसएसपी सुधीर सिंह, एसपी सिटी विकास कुमार और एएसपी लखन अनशन स्थल पर पहुंचे। एसएसपी ने अधिवक्ता महान मुदगल व धरने पर बैठे अन्य वकीलों से वार्ता की। एसएसपी ने बताया कि अधिवक्ताओं को मामले में न्याय संगत व निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने अनशन खत्म कर दिया।

अब दूसरा पक्ष भी धरने पर बैठा

भोगीपुरा हत्याकांड में नामजद आरोपितों के पक्ष के लोग सोमवार से दीवानी के गेट संख्या तीन पर धरने पर बैठ गए। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता मुकेश शर्मा भी हत्याकांड में नामजद हैं। सोमवार को धरने पर बैठी जिला बार एसोसिएशन की संयुक्त सचिव हेमलता यादव ने कहा कि मुकेश शर्मा और सुमित पालीवाल को मुकदमे में गलत फंसाया गया है। बार द्वारा ज्ञापन के माध्यम से मुकेश शर्मा व सुमित पालीवाल के निर्दोष होने के साक्ष्य पुलिस-प्रशासन को दे दिए हैं। दोनों का नाम मुकदमे से निकाला जाए।

Edited By: Jagran