आगरा, जागरण संवाददाता। किसान आंदोलन के समर्थन में अधिवक्ता संगठनों ने छह फरवरी को न्यायिक कार्य से विरत रहने का एलान किया है। आगरा में उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना संघर्ष समिति और डाक्टर आंबेडकर बार एसोसिएशन ने शनिवार को न्यायिक कार्य से विरत रहने निर्णय किया है।

उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना संघर्ष समिति द्वारा शुक्रवार को इसे लेकर बैठक बुलाई गई। इसमें समिति ने किसान आंदोलन का समर्थन किया। तीनों किसान कानूनों बिजली विधेयक और एमएसपी पर नया कानून लाने की पुरजोर मांग की। समिति ने 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर रैली के दौरान किसान नेताओं के खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमे वापस लेने और आंदोलन को बदनाम करने की निंदा की।

बैठक में किसान आंदोलन के समर्थन में छह फरवरी को दोपहर 11 बजे दीवानी परिसर में किसान आंदोलन के समर्थन में प्रभात फेरी निकालने का फैसला किया गया। दीवानी परिसर में उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना संघर्ष समिति की बैठक की अध्यक्षता संयोजक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता केडी शर्मा व संचालन अरुण सोलंकी ने किया। बैठक में सुरेंद्र लाखन, दुर्ग विजय सिंह भैया,केसी शर्मा, भारत सिंह,नासिर वारसी, केपी सिंह चौहान, रमेश दीक्षित आदि वरिष्ठ अधिवक्ता मौजूद थे।

वहीं डाक्टर आंबेडकर बार एसोसिएशन ने भी छह फरवरी को किसान आंदोलन के समर्थन में न्यायिक कार्य से विरत रहने का एलान किया। एसाेसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि कृषि प्रधान देश में 80 फीसद आबादी किसानों से जुड़ी हुई है। कृषि राज्य सूची में होने के बावजूद भी किसान विरोधी कानून लाया गया। शुक्रवार को हुई बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता करतार सिंह भारतीय, सूरजभान भारती, खेमचंद शाक्यवार, अमर सिंह कमल, ओपी सिंह, राजेंद्र कुमार कर्दम, जसवंत सिंह राना, डाक्टर राजकुमार आदि मौजूद थे। 

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