आगरा, जागरण संवाददाता। कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में काेरोना वायरस की चेन तोड़ने को अग्रिम मोर्च पर तैनात पुलिसकर्मी भी इसका शिकार हो रहे हैं। बिना मास्क घूमने वालों का चालान करने से लेकर आक्सीजन की किल्लत पर अस्पताल में हंगामे की सूचना पर पहुंच रहे हैं। ऐसे में संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। बीस दिन में 80 पुलिसकर्मी संक्रमित हो चुके हैं। इन सभी को होम आइसोलेशन में रखा गया है। जबकि एक की मौत हो चुकी है।

जिले में अप्रैल से कोरोना संक्रमण का ग्राफ बढ़ा है। इसी के साथ कोरोना वायरस की चेन तोड़ने के लिए दो दिन का लाकडाउन भी लगाया गया। जिसे बढ़ाकर अब तीन दिन का कर दिया गया है। कोराेना संक्रमण की पिछली लहर में पुलिसकर्मियों ने पहली पंक्ति पर रहकर काम किया था। दूसरी लहर आने पर बार भी वह आगे बढ़कर काम कर रहे हैं। कर्फ्यू का पालन कराने के साथ ही बिना मास्क घरों से बाहर निकलकर घूमने वालों का चालान काट रहे हैं।व्यस्त बाजारों में व्यापारियों के बीच जागरूकता अभियान चला रहे हैं। इसके अलावा अस्पतालों में आक्सीजन की कमी को लेकर होने वाले हंगामों की जानकारी होने पर वहां जाना पड़ रहा है। उन्हें आक्सीजन प्लांट से लेकर मतगणना स्थल पर ड्यूटी देनी पड़ रही है।

अस्पतालों और आक्सीजन प्लांट समेत अन्य स्थानों पर वह कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आने के चलते वह भी संक्रमण के शिकार हो रहे हैं। इसके चलते 20 दिन के दौरान 80 पुलिसकर्मी संक्रमित हो चुके हैं। इनमें कोई एसपी से लेकर सिपाही तक शामिल हैं। वहीं कोरोना संक्रमण से एक उप निरीक्षक की मौत हो चुकी है। एसएसपी मुनिराज ने बताया कि अभी तक 80 पुलिसकर्मियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है।पुलिसलाइन में आइसोलेशन बैरक भी बनाई गई है। मगर, फिलहाल इसमें अभी तक किसी को रखा नहीं गया है।