आगरा, जागरण संवाददाता। आगरा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शहरभर के अस्पतालों की जानकारी के बाद एक और एप विकसित किया गया है। एमजी रोड और फतेहाबाद रोड पर सीसीटीवी कैमरों से बेसहारा पशुओं पर निगाह रखी जाएगी। सोमवार से एप की टेस्टिंग शुरू हो गई। यह कार्य आठ से दस दिनों तक चलेगा। एप की मदद से नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का झूठ पकड़ा जाएगा, जो ये कहते नजर आते हैं कि बेसहारा पशुओं को सरकारी गोशालाओं में भेज दिया गया है। वहीं विशिष्ट लोगों के आगमन के दौरान पशुओं की धरपकड़ में भी आसानी रहेगी।

दो हजार से अधिक हैं बेसहारा पशु: नगर निगम के सौ वार्डों में दो हजार से अधिक बेसहारा पशु हैं। इसमें 300 के आसपास सांड हैं। शहरी क्षेत्र में बेसहारा पशुओं की संख्या बढ़ रही है। सबसे अधिक पशु सिकंदरा सब्जी मंडी, ताजगंज सब्जी मंडी, बालूगंज फृूल मंडी, एमजी रोड, फतेहाबाद रोड, अर्जुन नगर रोड, जीवनी मंडी रोड, एमजी रोड-2 के आसपास हैं। इनकी वजह से अक्‍सर हादसे होते हैं।

इसलिए पड़ी जरूरत: आगरा स्मार्ट सिटी प्रा. लि. के मुख्य कार्यकारी अधिकारी निखिल टीकाराम का कहना है कि खेरिया मोड़ से ईदगाह बस स्टैंड से फतेहाबाद रोड होते हुए शिल्पग्राम तक, भगवान टाकीज चौराहा से अवंतीबाई चौराहा तक हर दिन वीआइपी मूवमेंट होता है। ऐसे में इन रोड के डिवाइडर या फिर किनारे बेसहारा पशु बैठे रहते हैं। कैमरों की मदद से इनकी धरपकड़ आसानी से हो सकेगी।

सीसीटीवी कैमरों को ठीक कराने का कार्य शुरू : सीसीटीवी कैमरों और पैनिक बटन के रखरखाव में लापरवाही बरतने पर भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड (बेल) पर 5.60 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सोमवार को बेल की टीम ने एमजी रोड, फतेहाबाद रोड में बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों को चालू करवाया। शहरभर में 1226 कैमरे लगाए जाने हैं जिसमें अब तक 1170 लग चुके हैं। 50 फीसद कैमरे खराब पड़े हुए हैं।

Edited By: Prateek Gupta