आगरा, जागरण संवाददाता। नगर निगम के सौ वार्डों में एलईडी स्ट्रीट लाइट का आडिट होगा। इससे ईईएसएल की पोल खुलेगी क्योंकि कर्मचारियों द्वारा लाइट को मरम्मत के नाम पर उतारने के बाद उसे पोल पर नहीं लगाया जाता है। वहीं एलईडी स्ट्रीट लाइट में हुए खेल को नगर निगम के सदन में उठाने में तैयारी चल रही है। सदन अगस्त में होगा।

नगर निगम के सौ वार्डों में 52 हजार स्ट्रीट लाइट के पोल हैं। इसमें दो हजार के आसपास सोडियम लाइट लगी हैं जबकि दो हजार पोल में कोई लाइट नहीं है। 38 हजार पोल में एलईडी स्ट्रीट लाइट लगी है। लाइट की मरम्मत का जिम्मा ईईएसएल के पास है। गुरु का ताल रेल ओवर ब्रिज, राजगर, मधुनगर, सेवला, अशोक नगर सहित कई अन्य क्षेत्रों में लाइट उतारने के बाद इन्हें नहीं लगाया गया। मुख्य अभियंता, विद्युत संजय कटियार का कहना है कि सभी जोन प्रभारियों से लाइट से संबंधित डिटेल मांगी गई है। हर लाइट का आडिट कराया जाएगा। इससे ईईएसएल कर्मचारियों की पोल खुलकर सामने आ जाएगी। पार्षद राजेश प्रजापति का कहना है कि इस मुद्दे को जल्द ही नगर निगम के सदन में उठाया जाएगा।

बर्दाश्त नहीं होगी मनमानी

मेयर नवीन जैन का कहना है कि ईईएसएल की मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जल्द ही इसे लेकर बैठक की जाएगी। जनता को किसी तरीके की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। 

Edited By: Tanu Gupta