आगरा, जागरण संवादादाता। 23 सौ किलोमीटर की दूरी तय करके प्रवासी पक्षियों में शुमार पाइड एवोसेट को ताजनगरी रास आ रही है। कीठम झील और जोधपुर झाल की वादियां इसे ऐसी भाईं हैं। कि हर वर्ष यह कम जल वाले जलाशयों में आमद दर्ज करता है। अंतरराष्ट्रीय संस्था वेटलैंड इंटरनेशनल की वार्षिक एशियन वाटरबर्ड सेंसक्स की गणना में यह साफ हुआ है कि पाइड एवोसेट कीठम स्थित सूर सरोवर पक्षी विहार की झील और जोधपुर झाल में हर वर्ष पहुंचता है। बायोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डवलमेंट सोसायटी के अध्यक्ष डा. केपी सिंह ने बताया कि पाइड एवोसेट पक्षी नार्थ एशिया से चलता है। कई राज्यों में रुककर यह ताजनगरी पहुंचता है। इसको कम पानी वाले जलाशय पसंद हैं। जिससे यह केंचुए और छोटे कीट का इस्तेमाल करता है। उन्होंने बताया कि पाइड एवोसेट पेड़ों पर नेस्टिंग न करके जमीन पर करता है। भारत के अलावा पाकिस्तान, बांग्लादेश में पाया जाता है। यह पक्षी तीन से चार अंडा देता है। यह केवल 250 मीटर की ऊंचाई पर उड़ता है। 

प्रवासी पक्षियों को रास आइ रामसर साइटसूर सरोवर पक्षी विहार दुनिया के नक्शे में शुमार है। वर्ष 1991 में प्रदेश सरकार ने कीठम झील को सूर सरोवर पक्षी विहार घोषित किया था और वर्ष 2020 में यह रामसर साइट में दर्ज हो गई। जबकि यहां पर पहले से ही बड़ी संख्या में प्रवासी और अप्रवासी पक्षी पहुंचते हैं। पक्षी विशेषज्ञों के अनुसार इस वर्ष सर्दियां देरी से शुरू हुई हैं। जिससे इनके मूल ठिकानों बर्फ नहीं गिरी है। सेंट्रल और नार्थ एशिया में भारी बर्फ पड़ने पर उनके लिए भोजन का संकट हो जाता है। इसलिए वह दूसरे देशों के लिए प्रवास करते हैं। 

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