आगरा, राजीव शर्मा। टूंडला विधानसभा के उपचुनाव में समाजवादी पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। जिला और महानगर इकाई के पदाधिकारी ही नहीं, वरिष्ठ नेताओं की लंबी-चौड़ी फौज इस चुनावी मैदान में उतार दी गई है। भाजपा के खाते से इस सीट को छीनने के लिए सपा ने पूरा जोर लगा दिया है। गुरुवार को मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ और बुधवार को डिप्‍टी सीएम डा. दिनेश शर्मा के दौरे के बाद इस सीट को लेकर गहमागहमी और ज्‍यादा बढ़ गई है। समाजवादी पार्टी के लिए यह चुनौती बन गई है कि किस तरह सत्‍तारूढ़ दल के प्रत्‍याशी को मात देकर ये सीट पार्टी के कब्‍जे में की जाए।

भाजपा के प्रो. एसपी सिंह बघेल के सांसद बनने के बाद से यह सीट रिक्त चली आ रही थी। वर्ष 2014 में फिरोजाबाद सीट से लोकसभा चुनाव हारने के बाद वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में प्रो. एसपी सिंह बघेल ने टूंडला सीट पर किस्मत आजमाई थी। उनके विजय पताका फहराया भी। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले नीला खेमा छोड़कर केसरिया खेमे में शामिल हुए बघेल को प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया। वर्ष 2019 में आगरा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, इसमें वह भारी मतों से विजयी हुए। टूंडला सीट तभी से रिक्त चली आ रही थी। अब इस सीट को भाजपा से छीनने के लिए सपा ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है। फिरोजाबाद सपाई इकाई तो लगी ही है, आगरा के सपाइयों ने चुनावी मैदान में मोर्चा संभाल लिया है। राष्ट्रीय महासचिव रामजी लाल सुमन, जिलाध्यक्ष रामगोपाल बघेल, महासचिव शिवराम यादव के साथ लाल सिंह लोधी, धर्मेंद्र यादव, ऊदल सिंह कुशवाह, राहुल चतुर्वेदी, सचिन चतुर्वेदी, महानगर अध्यक्ष चौधरी वाजिद निसार आदि सपा नेता पार्टी प्रत्याशी महाराज सिंह धनगर के लिए गांव-गांव चुनाव प्रचार कर रहे हैं। दरअसल, टूंडला विधानसभा सीट भले ही फिरोजाबाद जिले में हो लेकिन ये आगरा से भी उतनी नजदीक है, जितनी की फिरोजाबाद के। यहां के नेताओं का भी इस क्षेत्र में उतना ही प्रभाव रहता है। ऐसे में टूंडला विधानसभा के उपचुनाव में ताजनगरी के सपा नेताओं की भी प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है।

 

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