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आगरा, जागरण संवददाता। प्रॉपर्टी डीलर बबलू यादव के हत्‍याकांड का खुलासा आठ माह बाद भी नहीं हुआ है। पुलिस बेसुराग है और हत्‍यारे बेखाैफ। पुलिस की कार्यप्राणाली से क्षुब्‍ध होकर सोमवार सुबह बबलू के परिजनों ने एसएसपी ऑफिस के बाहर आत्‍मदाह का प्रयास किया। बबलू की मां, भाभी, बहन और भाई कैरोसिन अपने ऊपर डालकर माचिस जलाने ही वाले थे कि समय रहते पुलिसकर्मियों ने उन्‍हेें रोक लिया। फिलहाल चारों लोगों का मेडिकल कराकर घर भेज दिया गया है।

मामले के अनुसार 15 दिसंबर 2018 काेे ककरैठा निवासी प्रॉपर्टी डीलर अपने बच्‍चे को स्‍कूल छोड़ने लिए होली पब्लिक स्‍कूल आया हुआ था। तभी कुछ बाइक सवारों ने उसपर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। दिनदहाड़े हुई ये वारदात उस वक्‍त शहर में आग की तरह फैल गई थी। हत्‍यारे स्‍कूल के बाहर लगे सीसीटीवी में भी कैद हो गए थे।

मामले की प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस शांत होकर बैठ गई। बबलू के परिजनों ने कई बार अधिकारियों के कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया। थाने से लेकर डीजीपी तक हत्‍यारों को पकड़ने की गुहार लगाई लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। थक हारकर परिजन सोमवार सुबह एसएसपी कार्यालय पहुंच गए। यहां कार्यालय के बाहर खुद पर कैरोसिन डालकर आत्‍मदाह करने का प्रयास करने लगे लेकिन समय रहते पुलिसकर्मियों ने प्रॉपर्टी डीलर की मां सोनदेवी, भाई विनीत, बहन कीर्ति और भाभी अंजू को रोक लिया। पुलिस ने चारों को एसएसपी बबलू कुमार के सामने पेश किया। फिर मेडिकल कराकर पुलिस जीप से उन्‍हें घर भेज दिया गया। 

परिजनों का आरोप है कि सीसीटीवी में हत्‍यारों का चेहरा पता चलने के बावजूद भी पुलिस हाथ पर हाथ रखकर बैठी हुई है। नीचे से लेकर ऊपर तक हर जगह अपनी गुहार लगा चुके हैं लेकिन बबलू के हत्‍यारे अभी तक खुले घूम रहे हैं।  

Posted By: Tanu Gupta

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