जागरण संवाददाता, आगरा: मानव तस्करी और बालकों के लैंगिक अपराधों को रोकने लिए शनिवार को पुलिस लाइन में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें शक्ति वाहिनी संस्था के संचालक और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता रविकांत और रिषिकांत ने पुलिस अधिकारियों और संस्थाओं के लोगों को आवश्यक जानकारी दी। साथ ही इसे रोकने के लिए पुलिस के साथ-साथ गैर सरकारी संस्थाओं को भी जोड़ने की जरूरत बताई।

वर्कशॉप की अध्यक्षता आइजी डीसी मिश्रा ने की। इसमें विशेषज्ञों का कहना था कि स्त्रियां और बच्चों के अधिकार के लिए सरकारी संस्थाओं और सामाजिक संस्थाओं को एक साथ काम करना चाहिए। किसी भी शिकायत पर सर्व प्रथम पुलिस द्वारा कार्रवाई की जाती है, लेकिन पुलिस को इसके अलावा ऐसे प्रकरणों में बाल संरक्षण के लिए कार्य करने वाली संस्थाओं को जोड़ना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने हर थाने पर बाल कल्याण अधिकारी और जिला स्तर पर स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट के गठन को अनिवार्य किया है। मानव तस्करी से देश के साथ उप्र राज्य भी प्रभावित है। इस वर्कशॉप के माध्यम से मानव तस्करी रोकने के लिए पुलिस विभाग को कैसे निपटना होगा और इसमें आने वाली समस्याओं का कैसे निस्तारण किया जाएगा इसकी चर्चा की गई। वर्कशॉप में बाल कल्याण समिति, बाल संरक्षण यूनिट, जीआरपी, आरपीएफ, श्रम विभाग के साथ-साथ जोन के सभी जनपदों के अपर पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक, इंस्पेक्टर, महिला सहायता प्रकोष्ठ, स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट के प्रभारी मौजूद रहे।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस