आगरा, जागरण संवाददाता,: माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि मिट्टी से जुड़ें कारीगरों को सशक्त बनाने और उनके लिए संसाधन सुलभ कराने के लिए माटी कला बोर्ड निरंतर प्रयास कर रहा है। आधुनिक युग में कारीगरों को तकनीकि से युक्त बनाने के लिए प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। प्रदेशभर में मंडलस्तर पर लगने वाले शिविर के लिए 1200 कारीगरों का चयन किया गया है।

बोर्ड के अध्यक्ष प्रजापति ने आगरा भ्रमण के दौरान कारीगरों के पास पहुंचे और उनकी समस्याओं को जाना। अध्यक्ष ने बताया कि मिट्टी के बर्तनों एवं खिलौनों, मूर्तियों आदि बनाने वालों के लिए आधुनिक चाक भट्ठी, मिट्टी गूथने की मशीन उपलब्ध कराई जा रही है। कारीगर 11 और 21 लोगों का समूह बनाकर भी ये मशीनें ले सकते हैं। वहीं प्रशिक्षण पूरा कर चुके लोगों को अपना उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। केंद्र सरकार इनं संसाधनों पर 35 फीसद और राज्य सरकार 25 फीसद का अनुदान दे रही है। इसके साथ ही 10 लाख की एक अलग अनुदान योजना और है। प्लास्टिक की जगह मिटटी के बर्तनों को करें इस्तेमाल

बोर्ड अध्यक्ष का कहना है कि मिट्टी में 16 पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये मिट्टी के बर्तनों को उपयोग करने से सीधे हमारे शरीर में पहुंचते हैं। प्लास्टिक बर्तनों को प्रयोग में लाकर हम इनसे वंचित हो रहे हैं। हमें प्लास्टिक के बर्तनों को त्याग कर मिटटी के बर्तनों को इस्तेमाल करना चाहिए। ये बहुत साफ सुथरे हैं। इस दौरान विवेक शुक्ला, धर्मेद्र गोला राजेश शर्मा, हेमंत सिंह आदि लोग मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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