100 रुपये की रिश्वत में झेली जेल, चार साल चला मुकदमा; आगरा अदालत ने अब किए बरी
आगरा की विशेष अदालत ने 100 रुपये रिश्वत के आरोप में फंसे मंडी समिति के दो कर्मचारियों, हरिओम और रोशन ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
आगरा कोर्ट ने 100 रुपये रिश्वत मामले में दो कर्मचारियों को बरी किया।
मंडी समिति के हरिओम और रोशन लाल को मिली दोषमुक्ति।
जागरण संवाददाता, आगरा। 100 रुपये के चक्कर में चार साल पापड़ बेलने पड़ गए। रिश्वत के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ और जेल भी भेजा गया। बाद में गवाह ही मुकर गए। मंडी समिति के कर्मचारी हरीओम और रोशन लाल को 100-100 रुपये रिश्वत लेने के आरोप से विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण मृदुल दुबे ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।
सैंया थाने में दर्ज में सितंबर 2022 में मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोप था कि मध्य प्रदेश के शिवपुरी से आ रहे प्याज से लदे ट्रक चालक जयंत कुमार से कार में सवार कर्मचारियों ने रोक लिया था। मंडी समिति का कर्मचारी बताते हुए प्रपत्रों की जांच के नाम पर दो सौ रुपये रिश्वत ली थी।
चालक की शिकायत पर पुलिस ने आरोपितों पर भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कर उनसे रकम बरामद करके जेल भेजा था। मामले में गवाह चालक समेत आधा दर्जन लोग गवाही में मुकर गए। कोर्ट से दोष मुक्त होने के बाद आरोपियों ने अब चैन की सांस ली है।