नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क टोक्यो ओलंपिक में भारत का टेनिस अभियान सोमवार को समाप्त हो गया, क्योंकि दुनिया के 160वें नंबर के टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल को मेंस सिंगल्स के दूसरे दौर में रूस के दिग्गज खिलाड़ी डेनिल मेदवेदेव से हार मिली। डेनिल मेदवेदेव ने भारतीय खिलाड़ी सुमित नागल को 6-2, 6-1 से सीधे सेटों में हरा दिया। सुमित नागल और डेनिल मेदवेदेव के बीच ये मुकाबला टोक्यो के एरिएक टेनिस पार्क में खेला गया।

स्टैंड से हमवतन अंकिता रैना और सानिया मिर्जा का समर्थन सुमित नागल को मिला और उन्होंने ठोस क्रॉसकोर्ट बैकहैंड और अपने मजबूत अंदरूनी फोरहैंड के साथ अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश की, लेकिन ऑस्ट्रेलियन ओपन और यूएस ओपन के फाइनलिस्ट डेनिल मेदवेदेव ने भारतीय खिलाड़ी की सर्विस गेम्स पर लगातार दबाव बनाया और उन्हें एक भी बार आगे निकलने का मौका नहीं दिया।

दूसरी ओर सुमित नागल मैच में एक भी बार ब्रेक प्वाइंट नहीं अर्जित कर सके, हालांकि उन्होंने मेदवेदेव के कुछ सर्विस में परेशान किया, लेकिन सफलता मेदवेदेव को मिली। बता दें कि 23 वर्षीय सुमित नागल ने टोक्यो ओलंपिक 2020 के अपने पहले दौर के मैच में उज्बेकिस्तान के डेनिस इस्तोमिन को हराया था, जो 1996 में अटलांटा में लिएंडर पेस के बाद ओलंपिक पुरुष एकल टेनिस मैच जीतने वाले पहले भारतीय बने।

उधर, सानिया मिर्जा और अंकिता रैना रविवार को महिला युगल में अपना पहला मैच किचेनोक बहनों से हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गईं। इस तरह भारतीय टेनिस अभियान सोमवार को समाप्त हो गया। बता दें को सुमित नागल को टूर्नामेंट से ठीक पहले क्वालीफाई करने का मौका मिला था, क्योंकि एक खिलाड़ी ने टूर्नामेंट से हटने का फैसला किया था, जबकि मार्च की रैंकिंग के आधार पर सुमित नागल ही ऐसे भारतीय थे, जिन्हें ओलंपिक में खेलने का मौका मिला।

Edited By: Vikash Gaur