फेस्टिव सेल से पहले YouTube ने एक्सपैंड किया शॉपिंग एफिलिएट प्रोग्राम, अब Amazon, Meesho और Ajio के प्रोडक्ट्स भी होंगे टैग
त्योहारी सीजन से पहले YouTube ने भारत में अपने Shopping Affiliate Program को और बड़ा कर दिया है। इसके तहत ...और पढ़ें

त्योहारी सीजन से पहले YouTube का बड़ा दांव।
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। त्योहारी सीजन की मेजर सेल्स से पहले YouTube भारत में अपने शॉपिंग एफिलिएट प्रोग्राम को एक्सपैंड कर रहा है, जिसमें Amazon और Meesho जैसे नए मर्चेंट पार्टनर्स शामिल हैं।
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स Ajio, Tata CLiQ और IPO लाने की तैयारी कर रहा Snapdeal भी इस प्रोग्राम से जुड़ रहे हैं, जिसमें पहले से ही Flipkart, Myntra, Shopsy, Nykaa, Purplle और Tira जैसे प्लेटफॉर्म्स मौजूद हैं।
YouTube इंडिया की मैनेजिंग डायरेक्टर गुंजन सोनी ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, 'इन सबके एक साथ आने का मतलब है कि एक बहुत बड़ा कॉमर्स कैटलॉग एक सिंगल प्लेटफॉर्म YouTube पर लाया जा रहा है। एक तरह से, हमने यूजर्स और क्रिएटर्स दोनों के लिए भारत के बड़े रीटेल प्लेयर्स को एक ही डिजिटल शेल्फ पर ला दिया है।'
अक्टूबर 2024 में भारत में शुरू किया गया YouTube Shopping, YouTube के पार्टनर प्रोग्राम में शामिल क्रिएटर्स को लॉन्ग-फॉर्म वीडियो, Shorts और लाइवस्ट्रीम में प्रोडक्ट्स रेकमेंड करने की छूट देता है। वे अपने वीडियो में मर्चेंट पार्टनर्स के प्रोडक्ट्स को टैग कर सकते हैं और डिलीवरी फीस हटाकर प्रोडक्ट के प्राइस के आधार पर हर सेल पर कमीशन कमा सकते हैं।
500 से ज्यादा सब्सक्राइबर्स वाले क्रिएटर्स इस प्रोग्राम के लिए साइन अप कर सकते हैं। वे पुराने और नए दोनों वीडियो में प्रोडक्ट्स को टैग कर सकते हैं और लाइवस्ट्रीम के दौरान उन्हें पिन भी कर सकते हैं।
इन टाई-अप्स से YouTube क्रिएटर्स को क्या फायदा होगा?
सोनी ने कहा कि ये टाई-अप्स क्रिएटर्स की मुश्किलें कम करते हैं और उन्हें कमाई के ज्यादा मौके देते हैं। उन्होंने कहा, 'वे किसी एक कैटेगरी तक सीमित रहने के बजाय हर उस प्रोडक्ट, रीसेलर या ब्रांड को चुन सकते हैं जिसके साथ वे काम करना चाहते हैं।'
Amazon के साथ ये टाई-अप पिछले महीने सबसे पहले अमेरिका में शुरू हुआ था और आने वाले हफ्तों में ये भारत के क्रिएटर्स के लिए भी आ रहा है। YouTube इस पार्टनरशिप को ब्राजील और साल के आखिर तक दूसरे देशों में भी ले जाएगा।
Google का ये प्लेटफॉर्म उन क्रिएटर्स के लिए भी इंटरनेशनल ऑडियंस से कमीशन कमाना आसान बना रहा है जिनकी ग्लोबल फॉलोइंग है। कंपनी ने कहा कि वह बॉर्डर्स के पार टैग्स दिखने के तरीके को अपडेट कर रही है, जिससे प्लेटफॉर्म व्यूअर की लोकेशन के आधार पर लोकल करेंसी में रीजनल रीसेलर्स की डोमेस्टिक डील्स दिखाएगा।
Amazon पर इमर्जिंग कंट्रीज की सोशल कॉमर्स हेड, निधि ठक्कर ने कहा, 'शॉपर्स अपनी पसंद के प्रोडक्ट्स खोजने और चेक करने के लिए तेजी से क्रिएटर कंटेंट की तरफ जा रहे हैं। YouTube के साथ हमारी पार्टनरशिप इस प्रोसेस को और स्मूद बनाती है, जिससे कस्टमर्स क्रिएटर के रेकमेंडेशन से सीधे Amazon पर जाकर कुछ ही टैप्स में भरोसे के साथ खरीदारी कर सकते हैं।'
ठक्कर ने आगे कहा कि क्रिएटर्स के लिए ये इंटीग्रेशन अपने 'इन्फ्लुएंस को असली बिजनेस में बदलने के नए रास्ते खोलता है,' जिससे उन्हें एक मजबूत बिजनेस खड़ा करने में मदद मिलती है।

YouTube Shopping तेजी से हो रहा है मैच्योर
कंपनी ने बताया कि भारत में एलिजिबल क्रिएटर्स में से 50 परसेंट से ज्यादा YouTube Shopping एफिलिएट प्रोग्राम से जुड़ चुके हैं और 19 मिलियन से ज्यादा वीडियोज में प्रोडक्ट्स टैग किए जा चुके हैं।
Q1 2025 से Q1 2026 के बीच भारतीय क्रिएटर्स के एवरेज एफिलिएट पेआउट्स में साल-दर-साल 160 परसेंट से ज्यादा की बढ़त हुई है, जिसने 100 परसेंट के ग्लोबल ग्रोथ रेट को भी पीछे छोड़ दिया। हालांकि, Google के वीडियो प्लेटफॉर्म ने सही आंकड़ों का खुलासा नहीं किया।
सोनी ने कहा कि भारत में पूरे इकोसिस्टम के लिए शॉपिंग एफिलिएट प्रोग्राम अब काफी मजबूत स्थिति में पहुंच रहा है।
कंपनी ने बताया कि भारत में 450 मिलियन से ज्यादा लॉग-इन यूजर्स ने शॉपिंग से जुड़े कंटेंट को सर्च किया, जबकि भारतीय यूजर्स के बीच शॉपिंग से जुड़े वीडियो देखने का टाइम साल-दर-साल 55 परसेंट बढ़ गया।
इस साल की शुरुआत में Google और Deloitte की तरफ से जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, क्रिएटर-लेड कॉमर्स 2030 तक करीब 25 बिलियन डॉलर के ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) का योगदान दे सकता है, जो देश के कुल ई-कॉमर्स GMV का 10 परसेंट होगा, जिसके 250 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
YouTube क्रिएटर्स और ब्रांड्स के लिए नए AI टूल्स
इन पार्टनरशिप्स के साथ ही YouTube ने क्रिएटर्स और ब्रांड्स के लिए नए AI टूल्स भी पेश किए।
इसमें Ask Studio for Brand Partnerships शामिल है, जो क्रिएटर्स को कैंपेन पिच करने और ब्रांड के सवालों का तुरंत जवाब देने के लिए YouTube Studio के अंदर ही जनरेटिव AI का इस्तेमाल करेगा।
Creator Partnerships Boost ब्रांड्स के लिए क्रिएटर्स के साथ काम करना आसान बनाता है। एक बार ब्रांडेड वीडियो पब्लिश हो जाने के बाद, क्रिएटर्स जल्द ही एक सिंगल क्लिक कोड के जरिए पार्टनर एक्सेस शेयर कर सकेंगे, जिससे ब्रांड्स कैंपेन की परफॉर्मेंस चेक कर सकेंगे और क्रिएटर के ऑर्गेनिक कंटेंट पर पेड ऐड्स चला सकेंगे।
इसके अलावा, हाल ही में लॉन्च हुआ ऐड फॉर्मेट YouTube Affiliate Partnerships Boost ब्रांड्स को उन क्रिएटर वीडियोज को बूस्ट करने में मदद करता है जहां उनके प्रोडक्ट्स पहले से टैग हैं। इससे क्रिएटर्स को ज्यादा रीच और कमाई के मौके मिलते हैं। कंपनी के मुताबिक, Nykaa फेस्टिव सीजन के दौरान क्रिएटर कैंपेन्स को बड़ा करने और ज्यादा बिक्री के लिए इस फीचर का इस्तेमाल करने का प्लान बना रहा है।
YouTube डायनेमिक ब्रांड सेगमेंट्स की भी टेस्टिंग कर रहा है, जिससे क्रिएटर्स एक साथ 20 लॉन्ग-फॉर्म वीडियोज में ब्रांड सेगमेंट्स जोड़ सकते हैं, उन्हें लोकेशन के हिसाब से टारगेट कर सकते हैं और सीधे कॉल-टू-एक्शन बटन के साथ एक इन-बिल्ट शेल्फ लगा सकते हैं।
Exclusive Affiliate Campaigns के जरिए ब्रांड्स क्रिएटर्स को बोनस और ज्यादा कमीशन वाले स्पेशल कैंपेन्स में सीधे इनवाइट कर सकेंगे। ये फीचर अगले साल भारत में रोलआउट होगा।
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