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डीपफेक विवाद के बाद X का फैसला, अब केवल पेड यूजर्स बना सकेंगे Grok AI से फोटो: रिपोर्ट

Published: Fri, 09 Jan 2026 07:36 PM (IST)

महिलाओं और बच्चों की आपत्तिजनक तस्वीरें बनाने को लेकर आलोचना के बाद, एलन मस्क के मालिकाना हक वाले xAI ने ...और पढ़ें

Grok AI पर इमेज एडिटिंग को पेड यूजर्स तक सीमित कर दिया है।

Grok AI पर इमेज एडिटिंग को पेड यूजर्स तक सीमित कर दिया है। 

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। X ने सेक्सुअली एक्सप्लिसिट डीपफेक इमेज बनाने को लेकर बड़े पैमाने पर हुई आलोचना के बाद Grok AI पर इमेज जनरेशन और एडिटिंग को सिर्फ पेड यूजर्स तक सीमित कर दिया है। ये जानकारी रिपोर्ट्स के हवाले से मिली है। ये कदम UK में अधिकारियों के कथित दबाव और सख्त रेगुलेटरी कार्रवाई की बढ़ती मांगों के बीच उठाया गया है। Grok ने यूजर्स को इमेज में हेरफेर करके डिजिटल तरीके से कपड़े हटाने और ज्यादातर महिलाओं को, सेक्शुअल पोज में दिखाने की अनुमति दी थी। लोगों के विरोध के बाद, एलन मस्क की कंपनी ने इन फीचर्स को सिर्फ सब्सक्राइबर्स तक सीमित कर दिया है।

UK में गैर-कानूनी AI इमेज के कारण X को ब्लॉक करने का आग्रह किया गया

द गार्जियन की रिपोर्ट है कि ज्यादातर यूजर्स अब X पर Grok का इस्तेमाल करके इमेज जेनरेट या एडिट नहीं कर सकते। पेड सब्सक्राइबर्स, जिनकी आइडेंटिटी और पेमेंट डिटेल्स प्लेटफॉर्म के पास हैं, उन्हें एक्सेस मिलता रहेगा। बिना पेमेंट करने वाले यूजर्स अभी भी Grok के सेपरेट एप और वेबसाइट के जरिए इमेज एडिटिंग टूल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।

इस बीच, BBC ने रिपोर्ट किया कि ये फैसला UK में X पर जुर्माने, रेगुलेटरी एक्शन और संभावित प्रतिबंधों की चेतावनियों के बाद लिया गया। सरकारी सूत्रों ने ब्रॉडकास्टर को बताया कि उन्हें उम्मीद है कि Ofcom गैर-कानूनी AI-जेनरेटेड इमेज को लेकर चिंताओं के जवाब में सभी उपलब्ध शक्तियों का इस्तेमाल करेगा।

ऑनलाइन सेफ्टी एक्ट के तहत, Ofcom कथित तौर पर प्लेटफॉर्म तक एक्सेस को सीमित करने या UK में उनके काम करने की क्षमता को प्रतिबंधित करने के लिए कोर्ट के आदेश मांग सकता है। BBC ने कहा कि उसने इस मामले पर कमेंट के लिए रेगुलेटर से संपर्क किया है।

रिपोर्ट में बताया गया कि Grok आमतौर पर इस्तेमाल करने के लिए फ्री है और इसे पोस्ट या रिप्लाई में टैग किया जा सकता है। हालांकि, यूजर्स इमेज एडिट के लिए भी रिक्वेस्ट कर सकते थे जिससे डिजिटल तरीके से कपड़े हटा दिए जाते थे। ऐसे एडिट से प्रभावित कुछ महिलाओं ने BBC को बताया कि उन्हें अपमानित और अमानवीय महसूस हुआ।

शुक्रवार सुबह तक, BBC ने देखा कि Grok ने इमेज एडिट करने की कोशिश कर रहे यूजर्स को बताया कि ये फीचर अब सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए सीमित है और उन्हें साइन अप करने के लिए कहा गया। ऐसा लग रहा था कि X के पेड वेरिफिकेशन बैज वाले अकाउंट ही इमेज एडिट के लिए सक्सेसफुली रिक्वेस्ट कर पा रहे थे।

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