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WhatsApp ला सकता है ‘Restricted Chat’ फीचर, लिंक्ड डिवाइसेज और चैट एक्सपोर्ट पर लगेगी रोक: रिपोर्ट

Published: Sat, 03 Oct 2026 07:45 PM (IST)

Meta का पॉपुलर मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp यूजर्स की प्राइवेसी को और मजबूत करने के लिए एक नए 'Restricted Chat' फीचर ...और पढ़ें

WhatsApp टेस्ट कर रहा एक बेहद काम का नया सिक्योरिटी टूल।

WhatsApp टेस्ट कर रहा एक बेहद काम का नया सिक्योरिटी टूल।

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। Meta का इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp अपने यूजर्स का एक्सपीरियंस लगातार बेहतर बनाने के लिए Android, iOS और वेब पर समय-समय पर नए-नए फीचर्स और अपडेट्स लाता रहता है। हाल ही में टीन अकाउंट्स के लिए पैरेंटल कंट्रोल्स पेश करने के बाद, अब कंपनी कथित तौर पर एक ऐसे फीचर की टेस्टिंग कर रही है जो यूजर्स को चैट एक्सपोर्ट, Meta AI के इस्तेमाल और मीडिया ऑटो-डाउनलोड पर रोक लगाने के साथ-साथ सामने वाले के लिंक्ड डिवाइसेज पर भी चैट का एक्सेस ब्लॉक करने की सुविधा देगा।

WABetaInfo की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी अपने पुराने 'Advanced chat privacy' फीचर का नाम बदलकर 'Restricted chat' करने की टेस्टिंग कर रही है, जिसमें प्राइमरी डिवाइस की लिमिटेशन्स भी जोड़ी जा रही हैं। ऐसा शायद पिछले नाम की वजह से हो रहे कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए किया जा रहा है, जिससे कुछ यूजर्स को लगता था कि अगर वे इस ऑप्शनल फीचर को ऑन नहीं करेंगे तो उन्हें कम प्राइवेसी मिलेगी। ये बदलाव फिलहाल चुनिंदा Android बीटा टेस्टर्स के लिए रोलआउट किया जा रहा है।

ये फीचर चैट इन्फो स्क्रीन में दिखाई दे सकता है और किसी व्यक्ति के साथ चैट के लिए चार तरह के रेस्ट्रिक्शन्स लागू कर देगा: चैट के दूसरी तरफ मौजूद व्यक्ति अपने फोन में चैट मीडिया को ऑटोमैटिकली सेव नहीं कर पाएगा और न ही चैट को एक्सपोर्ट कर सकेगा। इसके अलावा, वह आपके साथ उस चैट में Meta AI का इस्तेमाल भी नहीं कर पाएगा।

सबसे अहम बात ये है कि उस यूजर को आपकी चैट्स एक्सेस करने के लिए लिंक्ड डिवाइसेज (जैसे WhatsApp Web या टैबलेट) का इस्तेमाल करने से भी रोक दिया जाएगा। WABetaInfo द्वारा शेयर किए गए WhatsApp बीटा एंड्रॉयड एप के डिस्क्रिप्शन के मुताबिक, इससे 'चैट में मौजूद लोगों को बातचीत एक्सेस करने के लिए अनऑफिशियल क्लाइंट्स या AI एजेंट्स का इस्तेमाल करने से रोकने में मदद मिलेगी।' ये बदलाव उन अनऑफिशियल टूल्स पर लगाम लगाएगा जो आमतौर पर कन्वर्सेशन्स को एक्सेस करने के लिए लिंक्ड डिवाइसेज पर निर्भर रहते हैं।

एक बार ये फीचर ऑन हो जाने के बाद, चैट के मैसेज दोनों यूजर्स के प्राइमरी डिवाइसेज तक ही सीमित रहेंगे। ये सुरक्षा घेरा मैसेज प्राइवेसी के लिए पहले से मौजूद एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन प्रोटोकॉल को और मजबूत करता है। इस बीच, प्लेटफॉर्म बिना टेक्स्ट लेबल्स वाले बॉटम नेविगेशन बार के एक नए और क्लीन लुक पर भी काम कर रहा है, जिससे इसे काफी हद तक iPhone जैसा लुक मिल सकता है।

इसके अलावा, कंपनी ने हाल ही में प्लेटफॉर्म पर टीन अकाउंट्स के लिए पैरेंटल कंट्रोल्स भी पेश किए हैं। ये माता-पिता के बच्चों के लिए सेफ्टी गार्ड्स और एक्सेस लिमिटेशन्स जोड़ते हैं ताकि वे प्लेटफॉर्म पर एक सुरक्षित माहौल में रह सकें।

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