नई दिल्ली, टेक डेस्क। WhatsApp में आई सिक्युरिटी ब्रीच पर टेलिकॉम मिनिस्टर रविशंबर प्रसाद ने कंपनी से जबाब मांगा है। केन्द्रीय मंत्री ने Facebook की स्वामित्व वाली कंपनी WhatsApp को 4 नवंबर तक इजराइली खुफिया एजेंसी द्वारा की गई जासूसी पर अपना जबाब देने को कहा है। आपको बता दें कि कल Facebook ने अपनी स्वामित्व वाली इंस्टैंट मैसेजिंग सर्विस WhatsApp के 1,400 यूजर्स की जासूसी करने को लेकर इजराइली कंपनी NSO Group पर मुकदमा करने की घोषणा की है। WhatsApp के दावों के मुताबिक, इजराइली कंपनी ने दुनिया भर के 1,400 से ज्यादा हाई प्रोफाइल वाले लोगों की जासूसी की है।

Facebook ने कहा कि इजराइली कंपनी ने ये जासूसी सरकार और हैकर्स को फायदा पहुंचाने के लिए किया है। दुनिया भर के 1,400 हाई प्रोफाइल वाले लोगों में भारत के 100 से ज्यादा सिविल सोसाइटीज के लोग और जर्नलिस्ट शामिल हैं। केन्द्रीय मंत्री ने WhatsApp से कहा कि वो भारत के करोड़ों यूजर्स की प्राइवेसी के बारे में जबाब दें। आपको बता दें कि इस समय भारत में 40 करोड़ से ज्यादा WhatsApp यूजर्स हैं। ऐसे में इस तरह का सिक्युरिटी ब्रीच भारत के करोड़ों यूजर्स को भविष्य में प्रभावित कर सकता है।

केन्द्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री ने ट्वीट करके कहा कि सरकार भारतीय नागरिकों की प्राइवेसी को लेकर काफी गंभीर है। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि सरकारी एजेंसियों के पास "अंतरविरोध के लिए अच्छी तरह से स्थापित प्रोटोकॉल है जिसमें राष्ट्रीय और राष्ट्रीय हित में स्पष्ट कारणों के लिए केंद्र और राज्य सरकारों में उच्च रैंक वाले अधिकारियों से अनुमोदन और पर्यवेक्षण शामिल है।"

भारत सरकार WhatsApp के इस सिक्युरिटी ब्रीच को लेकर काफी गंभीर है। उन्होंने WhatsApp से जबाब देने के लिए कहा है कि ये किस तरह की सिक्युरिटी ब्रीच है और इसकी वजह से भारतीय नागरिकों की प्राइवेसी कितनी प्रभावित हुई है। केन्द्रीय मंत्री ने इस मामले में इंस्टैंट मैसेजिंग प्रोवाइडर से 4 नवंबर तक विस्तृत रिपोर्ट देने के लिए कहा है। 

Posted By: Harshit Harsh

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