विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

वीडियो कॉल पर बात करते हुए धोखा खा जाएंगे आप! सामने आया ऐसा AI मॉडल, जो इंसानों की तरह हंसता और टोकता भी है

Published: Sun, 04 Oct 2026 08:00 AM (IST)

सैन फ्रांसिस्को की AI स्टार्टअप कंपनी Tavus ने अपना Human Interaction Model (HIM) पेश किया है, जिसका नाम 'Griffin' रखा ...और पढ़ें

Tavus ने पेश किया दुनिया का पहला ह्यूमन इंटरैक्शन मॉडल Griffin. Photo- ChatGPT.

Tavus ने पेश किया दुनिया का पहला ह्यूमन इंटरैक्शन मॉडल Griffin. Photo- ChatGPT. 

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। क्या हो अगर कोई AI आपकी जगह किसी जॉब इंटरव्यू या कॉलेज के वाइवा में शामिल हो जाए और पूछे गए सवालों के रियल-टाइम में जवाब देने लगे? सैन फ्रांसिस्को की टेक कंपनी Tavus ने अपने नए Human Interaction Model 'Griffin' के जरिए इसे मुमकिन कर दिखाया है। ये AI टूल नेचुरल आवाज, चेहरे के एक्सप्रेशन्स, हाथ के इशारों और बॉडी मूवमेंट्स के साथ आमने-सामने वीडियो बातचीत करने के लिए डिजाइन किया गया है। इतना ही नहीं, आम चैटबॉट्स से अलग ये नया AI टूल बातचीत के दौरान लोगों की बातें सुनने के साथ-साथ उनके विजुअल सिग्नल्स को भी समझता है और उसी हिसाब से तुरंत रिस्पॉन्ड करता है। आइए जानते हैं कि Griffin क्या है और ये कैसे काम करता है।

Griffin क्या है?

Griffin एक ऐसा AI मॉडल है जिसे रियल-टाइम वीडियो बातचीत के लिए Tavus नाम की कंपनी ने तैयार किया है। कंपनी इसे दुनिया का पहला Human Interaction Model (HMI) कह रही है। ये किसी आम चैटबॉट की तरह केवल टाइप किए गए सवालों का जवाब नहीं देता, बल्कि इसे फेस-टू-फेस इंटरैक्शन के लिए बनाया गया है। ये आपकी आवाज सुन सकता है, विजुअल इशारों को देख सकता है और बिल्कुल इंसानों जैसी आवाज, चेहरे के एक्सप्रेशन्स और बॉडी लैंग्वेज के साथ जवाब दे सकता है।

इतना ही नहीं, डेवलपर्स के दावे के मुताबिक वीडियो जनरेशन के लिए NVIDIA के VideoFDB बेंचमार्क पर इस AI मॉडल ने 5 में से 3.83 का स्कोर हासिल किया है। इसकी तुलना में असली इंसानों का स्कोर 3.92 था, जबकि इस लिस्ट में मौजूद दूसरे सबसे बेहतरीन सिस्टम का स्कोर महज 2.80 ही था।

कंपनी ने हाल ही में X पर अपने इस नए Human Interaction Model (HMI) को पेश करते हुए एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें इस AI मॉडल को लाइव काम करते दिखाया गया है। वीडियो में एक व्यक्ति को इस मॉडल से बातचीत करते देखा जा सकता है, जहां ये बिना किसी रुकावट या लैग के बड़ी आसानी से सवालों के जवाब देता नजर आता है।

खास बात ये है कि इसके जवाबों के साथ चेहरे के नेचुरल एक्सप्रेशन्स और हाथों के इशारे भी देखने को मिलते हैं, जिससे पहली नजर में ये पहचान पाना मुश्किल हो जाता है कि आप किसी AI मॉडल से बात कर रहे हैं या किसी असली इंसान से। हालांकि, ध्यान रहे कि इस टूल का अभी हमने खुद से ऑफिशियल टेस्ट नहीं किया है।

Griffin काम कैसे करता है?

कंपनी के अनुसार, ग्रिफिन बातचीत के दौरान हो रही चीजों को लगातार प्रोसेस करता रहता है, जिससे बातचीत जारी रहने के दौरान ही वह रुकावटों, आवाज के लहजे में बदलाव और दूसरे दिखाई देने वाले या सुनाई देने वाले सिग्नल्स पर प्रतिक्रिया दे पाता है।

ये मॉडल Tavus की वीडियो जनरेशन, स्पीच और बातचीत समझने की पुरानी रिसर्च पर तैयार किया गया है। ये सिस्टम्स Griffin को चेहरे के भाव, बोलने की टाइमिंग, बातचीत में ठहराव और आसपास के माहौल को समझने में मदद करते हैं।

कंपनी का मानना है कि इन खूबियों के चलते Griffin का इस्तेमाल मॉक इंटरव्यू की प्रैक्टिस, पर्सनल ट्यूटरिंग और कस्टमर सपोर्ट जैसे कामों में काफी फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि यहां यूजर्स को कोई खास प्रॉम्प्ट या कमांड सीखने की जरूरत नहीं पड़ती बल्कि वे सीधे नेचुरल तरीके से बात कर सकते हैं।

Griffin का इस्तेमाल कैसे करें?

फिलहाल Tavus ने Griffin को आम पब्लिक के लिए पूरी तरह रोलआउट नहीं किया है। कंपनी का कहना है कि इस टेक्नोलॉजी को सभी के लिए उपलब्ध कराने से पहले वे इसके डिस्क्लोजर और सेफ्टी फीचर्स पर काम कर रहे हैं। हालांकि, कंपनी अभी चुनिंदा टेस्टर्स और डेवलपर्स को शुरुआती टेस्टिंग के लिए Griffin-Lite का अर्ली एक्सेस ऑफर कर रही है।

यह भी पढ़ें: मुसीबत में बस एक आवाज और मदद तैयार? Google के नए सेफ्टी फीचर को लेकर सामने आई डिटेल