MB बचाने वाले देश में अब GBs की खपत, Jio के 10 साल पूरे; ₹228 से ₹7.5 पर आया 1GB डेटा
5 सितंबर को Reliance Jio के लॉन्च को पूरे 10 साल हो रहे हैं। इस एक दशक में 228 रुपये ...और पढ़ें

10 साल में बदल गई भारत की दुनिया! Photo- ChatGPT.
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। एक जमाना था जब मोबाइल का खर्च बचाने के लिए लोग मिस्ड कॉल का सहारा लेते थे। एक मिस्ड कॉल का मतलब होता था घर सुरक्षित पहुंच जाना या फिर बात करने की इच्छा जताना। इंटरनेट पर भी एक-एक MB का बाकायदा हिसाब रखा जाता था। दस साल बाद आज उसी मोबाइल पर वीडियो कॉल्स, डिजिटल पेमेंट्स, OTT, ऑनलाइन पढ़ाई, वर्क फ्रॉम होम और शॉपिंग रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। 5 सितंबर को Reliance Jio अपने लॉन्च के दस साल पूरे कर रहा है। इस दशक में भारतीय मोबाइल मार्केट ने महंगे और संभलकर खर्च होने वाले डेटा से सस्ते और भरपूर डेटा तक का सफर तय किया है। स्पीड कई गुना बढ़ चुकी है और प्रति ग्राहक मंथली कंजप्शन अब दर्जनों GB तक पहुंच गया है।
दस साल के इस सफर में डेटा स्पीड, कीमत और खपत- तीनों मोर्चों पर पूरी तस्वीर बदल गई है। साल 2016 में भारत में एवरेज मोबाइल डाउनलोड स्पीड लगभग 2.5 Mbps थी, जो दिसंबर 2025 तक 27 गुना से ज्यादा बढ़कर 68 Mbps के पार पहुंच गई। इसी दौरान एक GB डेटा की एवरेज कीमत 228 रुपये से भारी गिरावट के साथ 7.9 रुपये पर आ गई, यानी डेटा करीब 29 गुना सस्ता हो गया। इसका सीधा असर डेटा की खपत पर देखने को मिला। हर वायरलेस डेटा ग्राहक की मंथली कंजप्शन जो पहले 0.2GB से भी कम थी, वह 128 गुना से ज्यादा की छलांग लगाकर 26.7GB पर पहुंच गया। ये आंकड़े जियो के IPO DRHP में शामिल एनालिसिस मेसन रिपोर्ट के भारतीय टेलीकॉम मार्केट के आकलन से लिए गए हैं।
TRAI के ताजा आंकड़े बताते हैं कि डेटा की ये भूख और ज्यादा बढ़ गई है। मार्च 2026 की तिमाही में देश का एक वायरलेस डेटा ग्राहक हर महीने औसतन 26.7GB डेटा इस्तेमाल कर रहा था। वहीं, प्रति GB वायरलेस डेटा से मिलने वाला एवरेज रेवेन्यू गिरकर 7.51 रुपये पर आ गया। मार्च के अंत तक भारत में इंटरनेट ग्राहकों की कुल संख्या लगभग 109.3 करोड़ और ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 106.6 करोड़ तक पहुंच चुकी थी।

डेटा की खपत: नेशनल एवरेज 26.7GB, Jio पर 43.7GB
डेटा इस्तेमाल का ये बढ़ता ग्राफ Jio के नेटवर्क पर और भी साफ दिखाई देता है। अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में एक Jio ग्राहक ने हर महीने औसतन 43.7GB डेटा का इस्तेमाल किया। इस दौरान Jio नेटवर्क पर कुल 69.4 बिलियन GB का डेटा ट्रैफिक दर्ज किया गया, जो एक साल पहले की तुलना में 26.9 प्रतिशत ज्यादा है। जून के अंत तक Jio का कुल कस्टमर बेस 53.33 करोड़ था। मोबाइल डेटा की अगली छलांग अब 5G से आती दिख रही है। जून 2026 तक Jio के 5G ग्राहकों की संख्या करीब 28.5 करोड़ पहुंच चुकी थी और कंपनी के नेटवर्क पर 5G डेटा ट्रैफिक अब 4G के मुकाबले करीब 1.5 गुना हो चुका है।
डेटा के बढ़ते इस्तेमाल ने दुनिया भर में भारत की स्थिति को भी मजबूत किया है। एनालिसिस मेसन रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2026 तक भारत दुनिया में मोबाइल डेटा ट्रैफिक का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता बन गया था। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के दौरान, चीन को छोड़कर Jio के डिजिटल कनेक्टिविटी नेटवर्क ने दुनिया में सबसे ज्यादा मोबाइल डेटा ट्रैफिक संभाला।
अगर आंकड़ों से हटकर इस 10 साल के बदलाव को देखें, तो तस्वीर और भी आसान हो जाती है। जिस मोबाइल का इस्तेमाल कभी खर्च बचाने के लिए मिस्ड कॉल देने में होता था, आज उसी पर वीडियो कॉलिंग, पेमेंट्स, एजुकेशन, शॉपिंग और एंटरटेनमेंट सब कुछ चल रहा है। जो भारत कभी MB बचाकर खर्च करता था, आज वही देश हर महीने औसतन 26GB से ज्यादा मोबाइल डेटा की खपत कर रहा है।
