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PM Modi @12 Years: UPI से लेकर स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग तक, टेक सेक्टर में कैसे बदली भारत की तस्वीर

Published: Wed, 10 Jun 2026 12:31 PM (IST)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल में भारत के टेक्नोलॉजी सेक्टर में बड़ा बदलाव आया है। UPI, स्मार्टफोन ...और पढ़ें

PM Modi @12 Years: UPI से लेकर स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग तक, टेक सेक्टर में कैसे बदली भारत की तस्वीर

PM Modi @12 Years: UPI से लेकर स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग तक, टेक सेक्टर में कैसे बदली भारत की तस्वीर

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की कमान संभाली थी। तब से अब तक प्रधानमंत्री के तौर पर 12 साल पूरे करते हुए उन्होंने एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। इस दौरान देश के हर सेक्टर में कई बड़े बदलाव देखने को मिले।

हालांकि टेक्नोलॉजी सेक्टर में तो पिछले कुछ वक्त में सबसे तेज बदलाव देखने को मिला है। न सिर्फ डिजिटल पेमेंट बल्कि मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, 5G नेटवर्क और डिजिटल गवर्नेंस तक भारत ने ग्लोबल लेवल पर अपनी अलग पहचान बना ली है।

UPI ने बदली डिजिटल पेमेंट की दुनिया

मोदी सरकार के कार्यकाल में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI इस वक्त देश की सबसे बड़ी डिजिटल सफलता बनकर उभरा है। 2016 में लॉन्च हुए UPI ने ऑनलाइन पेमेंट को काफी ज्यादा आसान बना दिया है। आज भारत में हर महीने करोड़ों रुपये की ट्रांजैक्शन UPI के जरिए हो रही हैं। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारियों तक, डिजिटल पेमेंट आम लोगों की लाइफ का हिस्सा बन गया है। इतना ही नहीं कई अन्य देशों ने भी भारत के UPI मॉडल में दिलचस्पी दिखाई है।

स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग का हब बना भारत

एक वक्त वो भी था जब भारत ज्यादातर स्मार्टफोन इम्पोर्ट करता था, लेकिन आज भारत दुनिया के सबसे बड़े स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग हब में से एक बन गया है। ‘मेक इन इंडिया’ और प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव जैसी स्कीम्स के चलते Apple, Samsung और कई अन्य ब्रांड्स ने भारत में अपना प्रोडक्शन बढ़ाया है। इसके चलते देश में रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं और इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखने को मिली है।

4G से 5G तक का सफर

2014 में देश के कई हिस्सों में इंटरनेट कनेक्टिविटी काफी खराब थी लेकिन पिछले एक दशक में न सिर्फ 4G नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है बल्कि अब तो 5G सेवाएं देश के ज्यादातर शहरों और कस्बों तक पहुंच गई है। सुपर फास्ट इंटरनेट स्पीड ने ऑनलाइन एजुकेशन, हेल्थकेयर, एंटरटेनमेंट और डिजिटल सेवाओं को नई रफ्तार दी है।

डिजिटल इंडिया से बढ़ी सुविधाएं

‘डिजिटल इंडिया’ अभियान के चलते आज कई सरकारी सेवाएं ऑनलाइन हो गई हैं। DigiLocker, UMANG, CoWIN और आधार बेस्ड सर्विस ने करोड़ों लोगों के लिए डॉक्यूमेंट, वैक्सीनेशन और सरकारी स्कीम्स का लाभ लेना आसान बना दिया है। इससे काफी ज्यादा ट्रांसपेरेंसी बढ़ी है और सरकारी काम भी तेजी से हो रहे हैं।

स्टार्टअप और AI पर भी फोकस

आपको जानकर हैरानी होगी कि मोदी सरकार के दौरान भारत वर्ल्ड का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बनकर उभरा है। फिनटेक, एडटेक, हेल्थटेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे एरिया में तेजी से इन्वेस्टमेंट बढ़ा है।

सरकार भी AI, सेमीकंडक्टर और डीप टेक्नोलॉजी को बढ़ावा दे रही है और इसके लिए अब तक कई नई पॉलिसीस लेकर आई है। कुल मिलाकर देखा जाए तो पिछले 12 सालों में भारत का टेक सेक्टर डिजिटल पेमेंट, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, इंटरनेट कनेक्टिविटी और स्टार्टअप इनोवेशन के एरिया में नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है।

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