भारतीय मूल के हैकर्स ने Claude की मदद से OpenAI में लगाई सेंध, दो बग की मदद से 72 घंटे में किया हैक
भारतीय मूल के तीन रिसर्चर्स ने एंथ्रोपिक के एआई एजेंट का उपयोग करके ओपनएआई की इंटरनल रिपॉजिटरी तक पहुंच बनाई।

भारतीय हैकर्स ने एंथ्रोपिक AI से किया OpenAI को हैक
HighLights
भारतीय रिसर्चर्स ने OpenAI की आंतरिक रिपॉजिटरी तक पहुंच बनाई।
एंथ्रोपिक के AI एजेंट का उपयोग कर सुरक्षा बग का फायदा उठाया।
OpenAI ने बग बताने पर $6,500 का इनाम दिया।
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। OpenAI ने कुछ दिनों पहले बताया था कि उसके इंटरनल मॉडल ने सिक्योरिटी सिस्टम को बायपास किया। उसने अलग टेस्टिंग एनवायरमेंट से बाहर निकल कर दूसरी एआई कंपनी Hugging Face पर हमला किया। OpenAI का इंटरनल मॉडल IM1, जो कंपनी के GPT 5.6 मॉडल के बराबर माना जाता है। यह बिना अनुमति के इंटरनेट एक्सेस हासिल करने में सफल रहा था। अब तीन भारतीय मूल के रिसर्चर्स के ग्रुप वाले एथिकल हैकर्स ने दावा किया है कि उन्होंने Anthropic के AI एजेंट की मदद से OpenAI की इंटरनल रिपॉजिटरी तक पहुंच बना ली थी। उन्होंने ओपनएआई की दो क्रिटिकल सिक्योरिटी बग का फायदा उठाया था।
OpenAI ने सिक्योरिटी बग बताने पर दिया इनाम
एथिकल हैकर्स Hacktron की टीम में हर्ष जयसवाल, मोहन पेढ़ापति और राहुल मैनी शामिल हैं। उन्होंने ब्लॉग में बताया कि ओपनएआई सिस्टम की जांच के लिए रिसर्च की थी। उन्होंने बताया कि 25 जुलाई को उन्होंने दो “क्रिटिकल” सिक्योरिटी बग्स का फायदा उठाकर ओपनएआई के कर्मचारियों के चैटजीपीटी अकाउंट्स तक पहुंच बना ली थी। इन अकाउंट्स का एक्सेस मिलने के साथ वे OpenAI के इंटरनल रिपॉजिटरी और संभावित रूप से दूसरे कनेक्टर्स तक भी पहुंच बनाने में सफल रहे।
Hacktron की टीम ने बताया कि इन बग का पता चलते ही उन्हों 72 घंटे के अंदर ओपनएआई के इंटरनल रिपॉजिटरी तक पहुंच बना ली थी। उन्होंने बताया कि इस बग की जानकारी ओपनएआई को दे दी, जिसके पास कंपनी ने इन सिक्योरिटी बग्स को फिक्स कर दिया था।
Anthropic के Cloud AI से हैक किया ओपनएआई
Hacktron ने अपने ब्लॉग में बताया कि Anthropic के Opus 5 AI मॉडल के रिलीज होने के बाद उनकी टीम ने एक्सप्लॉइट तैयार किया। इसके बाद Claude AI एजेंट को अपने Discourse Cloud सर्वर के खिलाफ ऑटोनॉमस गोल लूप में चलाया। AI एजेंट ने एक्सप्लॉइट स्क्रिप्ट तैयार की और इसकी मदद से OpenAI के Discourse Cloud इंस्टेंस का रिमोट एक्सेस हासिल करने में सफल रहे।
Hacktron ने बताया कि उनकी टीम ने OpenAI के एक कर्मचारी के ChatGPT अकाउंट का एक्सेस हासिल किया। इस कर्मचारी का Codex, OpenAI के GitHub से कनेक्टेड था। इस कनेक्शन के जरिए ही हैकर्स OpenAI के इंटरनल रिपॉजिटरी तक पहुंचने में सफल रहे। रिपोर्ट के मुताबिक, पता चलने के बाद ओपनएआई ने इस बग को ठीक कर दिया है। इसके लिए ओपनएआई ने हैकर्स ग्रुप को 6,500 डॉलर (करीब 6.24 लाख रुपये) का बग बाउंटी भी ऑफर किया।
