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1 अक्टूबर से महंगा होगा WhatsApp पर बिजनेस करना! Meta ने बदले नियम, ऑर्डर और डिलीवरी अपडेट्स पर लगेगा चार्ज

Published: Tue, 29 Sep 2026 05:00 PM (IST)

मेटा 1 अक्टूबर, 2026 से भारत में WhatsApp बिजनेस प्लेटफॉर्म्स की कीमतों में बदलाव कर रहा है। बिजनेस को ग्राहकों ...और पढ़ें

WhatsApp Business Platform की नई प्राइसिंग लागू।

WhatsApp Business Platform की नई प्राइसिंग लागू। 

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। Meta भारत में 1 अक्टूबर 2026 से अपने WhatsApp Business Platform की प्राइसिंग में बदलाव कर रहा है, जिसका मतलब है कि बिजनेसेज को अब उन मैसेजेस के लिए भी पेमेंट करना होगा जो पहले फ्री थे। उदाहरण के लिए, अभी बिजनेसेज 24 घंटे की विंडो के भीतर कस्टमर्स के मैसेजेस का जवाब और ऑर्डर अपडेट्स बिल्कुल मुफ्त में भेज सकते हैं। लेकिन 1 अक्टूबर से ये बदल जाएगा। हालांकि, कुछ सीमित संख्या में मैसेजेस फ्री बने रहेंगे, लेकिन Meta यूटिलिटी मैसेजेस (जैसे ऑर्डर कन्फर्मेशन और डिलीवरी अपडेट्स) के लिए चार्ज लेगा, भले ही वे उसी 24 घंटे की विंडो के भीतर क्यों न भेजे गए हों।

ध्यान दें कि ये बदलाव केवल WhatsApp Business Platform पर लागू होते हैं, रेगुलर WhatsApp या WhatsApp Business एप पर नहीं।

तो आखिर 1 अक्टूबर से क्या बदल रहा है, क्या अब भी मुफ्त रहेगा और बिजनेसेज को कितना ज्यादा पेमेंट करना होगा? आइए समझते हैं।

1 अक्टूबर से क्या बदल रहा है?

अब तक, WhatsApp Business Platform का इस्तेमाल करने वाले बिजनेसेज किसी कस्टमर का मैसेज आने के 24 घंटे के भीतर उसे फ्री में जवाब दे सकते थे। इसमें प्रोडक्ट्स या ऑर्डर्स से जुड़े सवालों के जवाब देने के साथ-साथ ऑर्डर कन्फर्मेशन और डिलीवरी अपडेट्स भेजना शामिल था।

1 अक्टूबर से Meta इस 24 घंटे की विंडो के भीतर भेजे गए ऑर्डर अपडेट्स और दूसरे यूटिलिटी मैसेजेस के लिए बिजनेसेज से चार्ज लेना शुरू कर देगा। कस्टमर्स के सवालों के जवाब हर बिजनेस फोन नंबर पर प्रति माह पहले 1,000 सर्विस मैसेजेस के लिए फ्री रहेंगे। इसके बाद बिजनेसेज को एडिशनल रिप्लाई के लिए पैसे देने होंगे।

24 घंटे की विंडो के बाद भेजे जाने वाले यूटिलिटी मैसेजेस पर पहले से ही चार्ज लगता था, इसलिए वह नियम वैसा ही रहेगा।

WhatsApp Business मैसेजेस का कितना खर्च आएगा?

भारत में Meta ने ऑर्डर कन्फर्मेशन और डिलीवरी अपडेट्स जैसे यूटिलिटी मैसेजेस के लिए जीएसटी (GST) से पहले स्टैंडर्ड रेट 0.115 रुपये प्रति डिलीवर्ड मैसेज तय किया है। 18 परसेंट GST जोड़ने के बाद ये लगभग 0.136 रुपये प्रति मैसेज बैठता है।

30 सितंबर तक बिजनेसेज किसी कस्टमर के मैसेज करने के 24 घंटे के भीतर यूटिलिटी मैसेजेस फ्री में भेज सकते हैं। 1 अक्टूबर से उन्हें बिना GST के 0.115 रुपये प्रति डिलीवर्ड यूटिलिटी मैसेज देना होगा। उदाहरण के लिए, अगर कोई बिजनेस 1,000 ऑर्डर अपडेट्स भेजता है, तो उसे GST से पहले 115 रुपये या 18 परसेंट GST मिलाकर करीब 135.70 रुपये चुकाने होंगे।

मैसेज की रेट इस बात पर निर्भर करती है कि मैसेज किस तरह का है। मेटा मार्केटिंग मैसेज (जैसे प्रमोशनल ऑफर और सेल अनाउंसमेंट्स) के लिए 0.8631 रुपये प्रति मैसेज की दर तय करता है, जबकि ऑथेंटिकेशन मैसेज (जैसे वन-टाइम पासवर्ड या OTP) की कीमत GST से पहले 0.115 रुपये प्रति मैसेज होती है।

1 अक्टूबर 2026 से Meta हर बिजनेस फोन नंबर के लिए प्रति माह पहले 1,000 सर्विस रिप्लाई फ्री देगा। इसके बाद, सर्विस मैसेजेस की दर संबंधित मार्केट में यूटिलिटी और ऑथेंटिकेशन दरों के बराबर होगी।

उदाहरण के तौर पर, अगर भारत में कोई बिजनेस एक महीने में 1,500 सर्विस रिप्लाई भेजता है, तो पहले 1,000 फ्री होंगे और बाकी बचे 500 मैसेजेस के लिए उसे पेमेंट करना होगा। 0.115 रुपये प्रति मैसेज के हिसाब से ये GST से पहले 57.50 रुपये या GST मिलाकर करीब 67.85 रुपये होगा।

क्या-क्या फ्री रहेगा?

इन बदलावों के बावजूद WhatsApp Business के सभी मैसेजेस चार्जेबल नहीं होंगे।

जैसा कि पहले बताया गया है, बिजनेसेज को हर बिजनेस फोन नंबर पर हर महीने 1,000 सर्विस मैसेजेस फ्री मिलेंगे। इसके अलावा कस्टमर्स हमेशा की तरह बिजनेसेज को फ्री में मैसेज भेज सकते हैं और उन्हें इन मैसेजेस को भेजने या रिसीव करने के लिए कोई पैसे नहीं देने होंगे।

Meta उन बिजनेसेज के लिए मौजूदा 72 घंटे की फ्री विंडो को भी जारी रख रहा है, जिन्हें 'Click-to-WhatsApp' विज्ञापनों या Facebook पेजेस पर मौजूद कॉल-टू-एक्शन बटन्स के जरिए मैसेजेस मिलते हैं। इन तीन दिनों के दौरान बिजनेसेज बिना कोई Meta मैसेजिंग चार्ज दिए कस्टमर्स को मैसेज भेज सकते हैं।

इस फ्री विंडो की पेशकश करके Meta का मकसद ज्यादा से ज्यादा बिजनेसेज को अपने एडवरटाइजिंग टूल्स का इस्तेमाल करने के लिए बढ़ावा देना है, ताकि वे संभावित कस्टमर्स तक पहुंच सकें और उनसे WhatsApp पर जुड़ सकें।

कुल मिलाकर, 1 अक्टूबर से जो बिजनेसेज कस्टमर्स को जवाब देने, ऑर्डर अपडेट्स भेजने और डिलीवरी नोटिफिकेशन शेयर करने के लिए WhatsApp का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें इन मैसेजेस के लिए Meta को ज्यादा पेमेंट करना पड़ सकता है।

हालांकि, आम कस्टमर्स के लिए कुछ भी नहीं बदलेगा। उन्हें बिजनेसेज को मैसेज भेजने या WhatsApp पर रिप्लाई और अपडेट्स पाने के लिए कोई पैसे नहीं देने होंगे।

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