नई दिल्ली, टेक डेस्क। आज हम वैश्विक स्तर पर कोरानावायरस जैसी बड़ी महामारी का सामना कर रहे हैं। लेकिन वक्त संभलने और धैर्य बनाए रखने का है। ऐसे में हमारे सामने इस स्थिति में कुछ बेहतर कर गुजरने की चुनौती है। कोरोनावायरस महामारी के बीच उत्पन्न हुई आर्थिक संकट के दौर में हमने Jagran HiTech #NayaBharat सीरीज की शुरुआत की है। इस सीरीज को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत मिशन के विजन को ध्यान में रखकर बनाया गया है। देश की आर्थिक गति को फिर से पटरी पर लाने के लिए इंडस्ट्री के लीडर्स की क्या प्लानिंग है, ये जानने के लिए Jagran HiTech के एडिटर सिद्धार्था शर्मा ने इंडस्ट्री के लीडर्स और एक्सपर्ट्स से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की है।

महामारी के इस दौर में टेक इंडस्ट्री से जुड़ी तमाम तरह की जानकारी हासिल करने और इसके भारत पर पड़ने वाले असर को लेकर  Vivo india के डायरेक्टर (ब्रांड स्ट्रेटजी) निपुन मार्या की क्या राय है? आइए जानते हैं...

सिद्धार्था शर्मा - लॉकडाउन और COVID-19 की वजह से पिछले दो से तीन माह में Vivo और स्मार्टफोन इंडस्ट्री को किस तरह का नुकसान झेलना पड़ा है? 

निपुण मार्या- COVID-19 के चलते स्मार्टफोन इंडस्ट्री ही नहीं सभी तरह की इंडस्ट्री को नुकसान झेलना पड़ रहा है। इसमें कुछ इंडस्ट्री को ज्यादा तो कुछ को कम नुकसान झेलना पड़ा है। लेकिन कुल मिलाकर हर इंडस्ट्री नुकसान में रही है। कारोबार के लिहाज से अप्रैल माह काफी बुरा साबित हुआ, क्योंकि अप्रैल माह पूरी तरह से लॉकडाउन में गुजरा। इस दौरान कोई बिक्री नहीं हुई, लेकिन अब मई में जैसे-जैसे लॉकडाउन में ढ़ील मिल रही है.. ऐसे में सेल्स में धीरे-धीरे ही सही, सुधार देखा जा रहा है। वहीं, आने वाले हफ्तों और महीनों में सेल्स में सुधार की उम्मीद की जा रही है। 

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सिद्धार्था शर्मा- कोरोनावायरस ने कारोबारी माहौल को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है। लोग अब सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने लगे हैं। यूजर्स दुकान के बजाय ऑनलाइन खरीदारी कर रहे हैं। कॉन्टैक्सलेस डिलीवरी शुरू हो गई है। ऐसे में कोरोना के बाद इस बदले कारोबारी माहौल में Vivo बिजनेस इनोवेशन के तौर पर क्या कर रही है? जिससे कस्टमर की सिक्योरिटी बरकरा रह सके?

निपुण मार्या- भारत में 60 से 61 फीसद लोग ऑफलाइन स्मार्टफोन खरीदना पसंद करते हैं। लेकिन, आज के वक्त में कस्टमर्स स्टोर विजिट करके ऑफलाइन स्मार्टफोन खरीदने से बच रहे हैं। ऐसे में Vivo ने कस्टमर की सिक्योरिटी के साथ उसके ऑफलाइन ट्र्स्ट को बरकरार रखते हुए Vivo Smart Solutiton शुरू किया है। इसके तहत कस्टमर घर बैठे फेसबुक या मैसेज के जरिए Vivo को अपनी स्मार्टफोन पसंद बता सकता है। इसके लिए कस्टमर को अपना पिन कोड और स्टेट का नाम बताना होगा। जैसे ही फेसबुक या Vivo ई-स्टोर से कंपनी को कस्टमर का मैसेज मिलेगा। कंपनी की तरफ से कस्टमर के पास कॉल जाएगा और यह समझने की कोशिश की जाएगी कि कस्टमर कौन सा फोन खरीदना चाहता है। इसके बाद Vivo कस्मटर के नजदीकी रिटेलर्स के पास फोन खरीदने का एक मैसेज भेजेगा और वो रिटेलर्स कस्टमर के घर तक स्मार्टफोन की डिलीवरी देगा।

सिद्धार्था शर्मा- केंद्र सरकार की तरफ से 20 लाख करोड़ रुपए का राहत पैकेज जारी किया गया है। यह राहत पैकेज खासकर MSME के लिए था। लेकिन Vivo कई छोटे सप्लायर के साथ काम करता रहा है। ऐसे में Vivo सरकार के इस राहत पैकेज को कैसे देख रही है? 

निपुण मार्या- यह राहत पैकेज कई चरणों में आएगा। मेरा मानना है कि पहले चरण में सरकार की तरफ से छोटे और मध्यम वर्ग के कारोबारियों को दी गई राहत बहुत जरूरी थी, क्योंकि भारत का एमएसएमई और एसएमई सेक्टर अर्थव्यवस्था के लिए काफी मददगार साबित होता है। यह बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करता है। साथ ही भारत का निर्यात इस सेक्टर से बड़े पैमाने पर आता है।  

सिद्धार्था शर्मा- स्मार्टफोन इंडस्ट्री में दोबारा से डिमांड बढ़ाने के लिए आपका सरकार के लिए क्या सुझाव है?

निपुण मार्या- मेरा मानना है कि जैसे-जैसे मार्केट खुलेंगी, वैसे फिर से डिमांड आएगी। लेकिन पहली प्राथमिकता COVID-19 से लड़ना है। इसके बाद ही इंडस्ट्री और मार्केट को खोलना चाहिए। अभी तक हमने काफी हद तक स्थिति को कंट्रोल किया है और मैं यही चाहूंगा कि सरकार चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन को खोले। 

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सिद्धार्था शर्मा- लॉकडाउन के दौर में Vivo का Make in India मुहिम वाला logo आया है। इसके लाने की क्या वजह रही है, इसके बारे में बताइए।

निपुण मार्या- इस logo का चुनाव काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। इस logo में काफी डिटेलिंग की गई है। logo में कई सारे गियर्स हैं। इसमें हमारे राष्ट्रीय प्रतीक को शामिल किया गया है। साथ ही, युवा भारत को सिंबल के जरिए दर्शाया गया है। 

सिद्धार्था शर्मा- Vivo ने लॉकडाउन में कई सारी पहल शुरू की हैं। उसके बारे में हमारे पाठकों को बताइए?

निपुण मार्या- Vivo ने CSR एक्टिविटी के तहत कई सारी पहल शुरू की हैं। लेकिन एक कंपनी होने के नाते यह हमारी जिम्मेदारी थी। ऐसे में इस बारे में मैं बहुत ज्यादा बात नहीं करना चाहूंगा। लेकिन संक्षेप में कहूंगा कि लॉकडाउन में Vivo ने केंद्र और राज्य सरकारों के साथ मिलकर पीपीई किट और मास्क बांटने समेत 50 हजार लीटर सैनेटाइजर डिस्ट्रीब्यूट किया है। 

सिद्धार्था शर्मा- लॉकडाउन और COVID-19 के बाहर निकलने को लेकर आप क्या संदेश देना चाहेंगे?

निपुण मार्या- वास्तव में COVID-19 और लॉकडाउन एक चुनौतीपूर्ण वक्त रहा है। लेकिन मुझे उम्मीद है कि जल्द हम इस स्थिति से बाहर निकलेंगे। हम सभी काफी मजबूत है् और भारत एक महान देश है। ऐसे में हम इस महामारी पर जीत दर्ज करेंगे।

Jagran HiTech #NayaBharat सीरीज के तहत इंडस्ट्री के लीडर्स और एक्सपर्ट्स ने क्या कहा है, ये जानने के लिए यहां क्लिक करें।

(Written By- Saurabh Verma)

Posted By: Harshit Harsh

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