नई दिल्ली, टेक डेस्क। भारत सरकार ने दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को देश में 5G सेवाओं को शुरू करने के लिए स्पेक्ट्रम आवंटन पत्र जारी कर दिए हैं। इसकी जानकारी स्वयं केंद्रीय संचार मंत्री ने दी है। मंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये ये सूचना दी है।

क्या कहा भारत के संचार मंत्री ने

केंद्रीय संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Koo के जरिये 5G का अपडेट देते हुए बताया कि स्पेक्ट्रम असाइनमेंट लेटर जारी कर दिए गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने टीएसपी (Telecom Service Provider) से 5G लॉन्च की तैयारी के लिए भी अनुरोध किया है।

इस स्पेक्ट्रम आवंटन के साथ ही भारत अब हाई-स्पीड 5G दूरसंचार सेवाओं को शुरू करने के अंतिम चरण में पहुँच चुका है।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी 5G पर दी जानकारी

इस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र के नाम अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि ये Decade, मानव जाति के लिए tecahade का समय है और ये टेक्नोेलॉजी का Decade है। लेकिन भारत के लिए तो ये tecahade है , जिसका मन टेक्नोलॉजी से जुड़ा हुआ है। प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि भारत अब 5G के दौर की ओर कदम रख रहा है। देश को इसके लिए अब बहुत ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा। उनहोंने ये भी बताया कि सेमीकंडक्टर निर्माण और ऑप्टिकल फाइबर केबल जैसी तकनीकों पर सरकार अपना ध्यान केंद्रित कर रही है।

पीएम ने कहा कि गांवों में 5G, सेमीकंडक्टर निर्माण और ओएफसी के साथ, सरकार डिजिटल इंडिया के माध्यम से जमीनी स्तर पर क्रांति ला रही है।

5G क्या है, और यह 3G और 4G से कैसे अलग है?

5G पांचवीं पीढ़ी का मोबाइल नेटवर्क है जो बहुत तेज गति से डेटा के बड़े स्तर को प्रसारित करने में सक्षम है।

3G और 4G की तुलना में, 5G में बहुत कम विलंबता (latency) है जो विभिन्न क्षेत्रों में यूजर्स के अनुभव को बढ़ाएगी।

प्रतिभागी कौन हैं?

इस स्पेक्ट्रम नीलामी में चार प्रमुख भागीदार हैं रिलायंस जियो, अदानी समूह, भारती एयरटेल और वीआई यानी वोडाफोन आइडिया।

नीलामी से सरकार को राजस्व कितना प्राप्त हुआ?

  • दूरसंचार विभाग को हाल ही में संपन्न हुई 5G नीलामी से कुल 1.50 लाख करोड़ रुपये की बोलियां मिलीं।
  • शुरुआत में नीलामियों से 80,000-90,000 करोड़ रुपये के राजस्व होने का अनुमान लगाया गया था।

5G के बारे में ये भी जानें 

  • 5G सेवाएं 4G से करीब 10 गुना तेज होने की उम्मीद है।
  • टेलीकॉम ऑपरेटरों को 15 अगस्त से पहले स्पेक्ट्रम का आवंटन होने की उम्मीद थी जिससे ऐसी उम्मीद थी कि देश में 5G सेवाएं सितंबर से अक्टूबर महीने तक शुरू हो जाएंगी।
  • लेकिन अब वर्ष 2022 के अंत तक देश के कई शहरों में हाई-स्पीड 5G टेलीकॉम सेवाओं के शुरू होने की उम्मीद है।

Edited By: Kritarth Sardana