नई दिल्ली, हर्षित हर्ष। इन दिनों लॉकडाउन के दौरान ई-कॉमर्स वेबसाइट पर जरूरी और गैर जरूरी सामानों की बिक्री केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन्स को ध्यान में रखकर की जा रही है। गृह मंत्रालय द्वारा चिन्हित किए गए रेड जोन में केवल जरूरी सामानों की बिक्री ई-कॉमर्स साइट्स पर की जा रही है, जबकि ग्रीन और ऑरेंज जोन में 4 मई से कुछ गैर जरूरी सामानों की भी बिक्री शुरू हो गई है। इन गैर जरूरी सामानों में स्मार्टफोन्स, लैपटॉप समेत तमाम इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स, फैशन और ब्यूटी प्रोडक्ट्स आते हैं।

ई-कॉमर्स कंपनी Flipkart के नाम पर इन दिनों कई फर्जी फेसबुक पेज एक्टिव हुए हैं। इन फर्जी पेज को Flipkart Deals, Flipkart Offers, Flipkart Sale offers आदि के नाम से क्रिएट किए गया है। इनमें से ज्यादातर पेज हाल ही में क्रिएट किए गए हैं। इन फेसबुक पेज के जरिए स्मार्टफोन्स पर 90 प्रतिशत तक के डिस्काउंट वाली डील्स को प्रमोट किया जा रहा है। इन डील्स पर क्लिक करते ही आपको यह एक Flipkart की तरह ही हू-ब-हू दिखने वाले पेज पर रिडायरेक्ट करता है। जहां पर आप कई स्मार्टफोन्स को देख सकते हैं।

जैसे ही आप इन स्मार्टफोन्स को खरीदने के लिए क्लिक करते हैं तो ये आपको एक पेज पर रिडायरेक्ट करता है। आप इनमें दिए गए पेमेंट ऑप्शन को चुनकर अपने अकाउंट की जानकारी दर्ज करेंगे आप ऑनलाइन ठगी का शिकार हो जाएंगे। क्योंकि ये फर्जी पेज आपको एक फर्जी ई-कॉमर्स वेबसाइट पर रिडायरेक्ट करता है जहां से आपके बैंक डिटेल्स चोरी किए जा सकते हैं।

ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के उपाय

अगर, आप डील्स वाली इन फर्जी वेबसाइट को देखें तो आपको उसमें Flipkart का सही URL नहीं दिखता है, बल्कि वो किसी फर्जी वेबसाइट या पेज का लिंक होता है। साथ ही इन डील्स में मिलने वाले स्मार्टफोन्स पर नजर डालें तो ये भी पता चलता है कि इनमें से कई स्मार्टफोन्स ऐसे हैं जो कि किसी अन्य ई-कॉमर्स वेबसाइट जैसे कि Amazon पर एक्सक्लूसिवली उपलब्ध है। अगर, आप भी इस तरह की किसी भी डील्स या ऑफर का लिंक मैसेज में या सोशल मीडिया के जरिए प्राप्त करते हैं या फिर फोन कॉल के जरिए आपको लकी डील्स के बारे में बताया जाता है तो आपको कुछ जरूरी चीजों का ध्यान रखना होगा।

फोन कॉल्स या SMS आने पर कैसे बचें- ज्यादातर लोगों के पास इस तरह के कॉस या SMS आते हैं कि आपके नंबर को फ्री गिफ्ट या लकी डील में चुना गया है आपके इस ऑफर का लाभ लेने के लिए हमें आपके अकाउंट की क्रेडिट कार्ड की या डेबिट कार्ड की जानकारी चाहिए ताकि आपके अकाउंट में हम आपके द्वारा जीती कई राशि को ट्रांसफर कर सकें। इस तरह के फोन कॉल्स या मैसेज आने पर आप किसी भी तरह की निजी जानकारी जैसे की कार्ड का नंबर, बैंक डिटेल्स, आधार नंबर आदि को शेयर न करें।

सोशल मीडिया और फर्जी वेबसाइट से इस तरह बचें

URL करें चेक- अगर आप किसी तरह के डील या ऑफर को सोशल मीडिया या फिर Whatsapp के जरिए स्पॉट करते हैं तो आपको जो लिंक दिया जाएगा उसमें कई तरह की स्पेलिंग मिस्टेक हो सकती है। URL यानि की लिंक के शुरुआत में 'https' को जरूर चेक करें। अगर, वेबसाइट का लिंक https से शुरू होता है तो वो एक सिक्योर यानि की सुरक्षित वेबसाइट होगा।

कीमत करें वेरिफाई- इसके अलावा ये भी चेक करें की जिस भी प्रोडक्ट को लिस्ट किया गया है उसकी यहां दर्ज की गई कीमत में अन्य वेबसाइट या प्रोडक्ट के आधिकारिक वेबसाइट की कीमत में ज्यादा अंतर तो नहीं है। साथ ही, दोनों ही जगह उस प्रोडक्ट के MRP (मैक्सिमम रिटेल प्राइस) को जरूर चेक करें। जैसा की ऊपर हमने दिखाया है कि ऑफर वाले पेज की URL काफी अलग है और हर प्रोडक्ट पर भारी डिस्काउंट दिया जा रहा है।

प्राइवेट नेटवर्क का करें इस्तेमाल- कभी ऑनलाइन शॉपिंग करते समय किसी भी शेयर्ड नेटवर्क का इस्तेमाल न करें। हमेशा सिक्योर नेटवर्क या फिर ब्राउजर में Incognito या प्राइवेट ब्राउसिंग का ही इस्तेमाल करें। इससे आपके द्वारा इस्तेमाल किए गए पेमेंट डिटेल्स के लीक होने का खतरा नहीं होता है। क्रेडिट या डेबिट कार्ड का नंबर, पासवर्ड, CVV और OTP किसी से भी शेयर न करें। इस तरह आप ऑनलाइन फ्रॉड होने के खतरे से बच सकते हैं।

इन फर्जी पेज के बारे में और जानकारी के लिए हमने Flipkart से संपर्क किया। Flipkart के प्रवक्ता ने बताया, "हमारे पास इस तरह के नकली/लुकलाइक डोमेन, फिशिंग साइटों और फर्जी वेबसाइटों, ऐप्स और सोशल मीडिया पेजों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और पहचानने के लिए एक मजबूत प्रणाली है जो हमारे ब्रांड Flipkart को प्रतिरूपित करके बड़े पैमाने पर हमारे ग्राहकों के साथ हुए धोखाधड़ी और कपटपूर्ण गतिविधियों को रोकने लिए लगातार निगरानी करते हैं। हमारे प्रयासों का एक बड़ा हिस्सा यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया जाता है कि हमारे ग्राहक शिक्षित हो सकें।

हम समाचार मीडिया में, साथ ही साथ सोशल मीडिया सहित हमारे स्वामित्व वाले प्लेटफार्मों पर ग्राहक जागरूकता सामग्री को अंग्रेजी, हिन्दी सहित प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं में प्रकाशित करते हैं, जिससे हमारे ग्राहकों को विभिन्न प्रकार की धोखाधड़ी गतिविधियों और अपराधियों के तौर-तरीकों के बारे में पता चलता है।

हम इस जानकारी को सोशल मीडिया, हमारे स्वामित्व वाली सामग्री प्लेटफ़ॉर्म फ्लिपकार्ट स्टोरीज, साथ ही इंटरनेट विज्ञापन और सामग्री विपणन के माध्यम से पिछले एक साल से ग्राहक जागरूकता अभियान चलाकर ग्राहकों को जागरूक कर रहे हैं। इसके अलावा हम रिपोर्ट किए गए सभी सूचित उदाहरणों की भी जांच करते हैं जो हमारे ध्यान में आते हैं। ऐसे मामले उजागर होने के बाद, हम उन्हें संबंधित कानून प्रवर्तन अधिकारियों को सौंप देते हैं।"

Posted By: Harshit Harsh

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