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Chrome समझकर किया डाउनलोड और खुल गया कुछ और! प्ले स्टोर पर सामने आया बड़ा फर्जीवाड़ा

Published: Thu, 15 Oct 2026 08:00 PM (GMT+05:30)

Google Play Store की सिक्योरिटी पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हाल ही में प्ले स्टोर ...और पढ़ें

Google Play Store पर दिखा फर्जी Chrome एप।

Google Play Store पर दिखा फर्जी Chrome एप। 

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपने हाल ही में Play Store से Google Chrome डाउनलोड किया है? तो हो सकता है कि वह एप फेक हो। एक Reddit पोस्ट के मुताबिक, Google Chrome से हूबहू मिलता-जुलता एक संदिग्ध एप प्ले स्टोर के सर्च रिजल्ट्स में दिखाई दिया। इस एप का नाम और लोगो कथित तौर पर ओरिजिनल एप जैसा ही था। हालांकि, इसे किसी दूसरे ही डेवलपर ने तैयार किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, Google द्वारा हटाए जाने से पहले ये फर्जी एप 1,00,000 से ज्यादा डाउनलोड्स पार कर चुका था। इससे भी ज्यादा चिंता की बात ये है कि एप ने वेब ब्राउजिंग की जगह AI अवतारों वाला एक चैट-स्टाइल इंटरफेस और ढेरों एड्स ऑफर किए, जिसने गूगल के एप स्क्रीनिंग प्रोसेस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फेक Chrome एप

Reddit पोस्ट के मुताबिक, Google Chrome से काफी मिलता-जुलता ये नकली एप ऑफिशियल Google Play Store के सर्च रिजल्ट्स में नजर आया। इसका नाम और लोगो ओरिजिनल क्रोम एप के बिल्कुल करीब था, लेकिन इसे एक अलग एप डेवलपर द्वारा लिस्ट किया गया था जिसका नाम ‘Hizbartech’ है। पोस्ट में आगे बताया गया कि ये कॉपी एप सर्च रिजल्ट्स में एक 'Sponsored' लिस्टिंग के तौर पर असली Chrome एप के ठीक ऊपर दिखाई दे रहा था।

इस पोस्ट पर किए गए एक कमेंट के मुताबिक, ये एप पहली बार 22 अगस्त को ‘Ball Bounce’ नाम के गेमिंग एप के तौर पर लिस्ट हुआ था। बाद में 30 सितंबर को इसका नाम और लोगो बदलकर Google Chrome जैसा कर दिया गया। जिन यूजर्स ने इसे इंस्टॉल किया, उन्होंने कथित तौर पर पाया कि ये न तो कोई गेम था और न ही कोई ब्राउजर। इसके बजाय, ये AI अवतारों वाला एक चैट-स्टाइल इंटरफेस खोलता था और स्क्रीन पर Ads की भरमार कर देता था। हालांकि, अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि एप ने पासवर्ड्स चुराए हों या फोन में मालवेयर इंस्टॉल किया हो।

Play Store की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस लिस्टिंग ने हटाए जाने से पहले कथित तौर पर 1,00,000 से ज्यादा डाउनलोड्स का आंकड़ा पार कर लिया था, जिससे ये सवाल उठ रहा है कि ये एप गूगल के सेफ्टी चेक्स से कैसे पास हो गया और क्या इसके नाम और आइकन में हुए बदलावों का सही से रिव्यू किया गया था या नहीं। दूसरी बड़ी चिंता इसके पेड प्रमोशन के इस्तेमाल को लेकर है, क्योंकि गूगल के एक मशहूर प्रोडक्ट से मिलती-जुलती होने के बावजूद ये लिस्टिंग टॉप पर जगह बनाने में कामयाब रही। हालांकि, खबर लिखे जाने के समय ये फेक एप गूगल प्ले स्टोर पर नजर नहीं आ रहा था।

सुरक्षित कैसे रहें?

भले ही ऐसी चीजें हमेशा नहीं होतीं, लेकिन हर किसी को हमेशा सावधानी बरतनी चाहिए ताकि वे ऐसे जालों में फंसने से बच सकें। ऐसा करना काफी आसान है। Play Store से कोई भी एप डाउनलोड करने से पहले हमेशा उसके डेवलपर का नाम जरूर चेक कर लें। असली Chrome एप का पब्लिशर 'Google LLC' है। ये बात भी ध्यान में रखें कि सिर्फ स्पॉन्सर्ड टैग होने से कोई एप फर्जी नहीं हो जाता और न ही ज्यादा डाउनलोड काउंट यह साबित करता है कि एप असली ही है। अगर आपको कभी कोई संदिग्ध एप दिखाई दे, तो तुरंत Play Store पर उसकी रिपोर्ट करें ताकि संबंधित अथॉरिटीज इस मामले की जांच कर सकें।

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