यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bard vs ChatGPT: गूगल के बार्ड से कितना अलग है चैटजीपीटी, फीचर्स के आधार पर दोनों में क्या है अंतर?
Bard Vs ChatGPT गूगल का बार्ड अपने राइवल चैटजीपीटी से कई मायनों में अलग है। इस आर्टिकल में आप दोनों ...और पढ़ें

नई दिल्ली, टेक डेस्क। हाल ही में टेक कंपनी गूगल ने अपने एआई चैटबॉट मॉडल बार्ड के एक्सेस को लेकर नया एलान किया है। गूगल ने बार्ड के पब्लिक एक्सेस को ओपन करने की जानकारी दी है। वहीं दूसरी ओर, ओपनएआई के चैटबॉट चैटजीपीटी के नए एडिशन को पेश किया गया है।
ऐसे में दोनों कंपनियों के चैटबॉट में अंतर को जानना पहले से और भी जरूरी हो गया है। इस आर्टिकल में दोनों Bard और ChatGPT के बीच अंतर को जानने की कोशिश करते हैं-
Bard Vs. ChatGPT कोडिंग में कैसा है हाल
चैटजीपीटी में कोडिंग को लेकर दावा किया जाता है कि एआई मॉडल कॉम्प्लेक्स कोड भी क्रिएट करने में सक्षम है। इसी कड़ी में मॉडल की टेस्टिंग भी रिसर्चर्स द्वारा की गई। Johannes Gutenberg University Mainz और University College London ने चैटजीपीटी की टेस्टिंग कोडिंग के लिए की।
.jpg)
वहीं रिसर्चर्स ने बताया कि मॉडल इस फीचर के दावों के साफ सफल रहा। दूसरी ओर, गूगल बार्ड को लेकर जानकारी दी गई है कि मॉडल अभी कोडिंग के लर्निंग प्रॉसेस में है। वर्तमान में गूगल बार्ड में यह फीचर नहीं मिलता नहीं भविष्य में मिलने की संभावना है।
Bard Vs. ChatGPT कितनी भाषाओं का है ज्ञान
चैटजीपीटी मॉडल की बात करें तो कंपनी का दावा है कि एआई मॉडल स्पेनिश, फ्रेंच, अरबी, मंदारिन, इतालवी, जापानी और कोरियाई भाषाओं का ज्ञान रखता है। जबकि मॉडल इंग्लिश प्राइमरी भाषा के साथ आता है। वहीं दूसरी ओर, बार्ड फिलहाल इंग्लिश की ही जानकारी रखता है।
Bard Vs. ChatGPT ड्राफ्ट क्रिएट करने की क्षमता
बार्ड यूजर्स को हर प्रोम्प्ट का अलग-अलग वर्जन देता है। यानी यूजर के पास पूछे गए सवाल के जवाबों में से किसी एक बेहतर जवाब को सुनने की सहूलियत होती है। वहीं दूसरी ओर, चैटजीपीटी यूजर को पूछे गए सवाल पर केवल एक ही रिस्पॉन्स देता है।
Bard Vs. ChatGPT पुरानी बातचीत को कितना रख पाते हैं याद
पुरानी बातचीत को याद रखने के मामले में ओपनएआई का चैटजीपीटी बेहतर काम करता है। मॉडल को पुरानी बातचीत 3000 शब्दों के डेटा के साथ याद रखने का फीचर दिया गया है।
.jpg)
वहीं भविष्य में पुरानी बातों को ना दोहराने की कंडीशन पर काम करता है। दूसरी ओर, बार्ड में यह खूबी अभी लिमिटेड है, कंपनी का दावा है कि भविष्य में क्षमता को और विकसित किया जाएगा।
