नई दिल्ली । भारती एयरटेल एक बार फिर सुर्खियों में है वह भी गलत कारणों से। भारत में अपने महत्वकांक्षी एयरटेल जीरो प्लान पर इंटरनेट यूजर्स का गुस्सा झेलने के बाद, टेलिकॉम में अग्रणी इस कंपनी पर अब आरोप लगा है कि यह 3जी इंटरनेट ग्राहकों के ब्राउजिंग सेशन पर एक कोड के जरिए नजर रख रहा है।

दरअसल, बंगलौर के एक प्रोग्रामर थेजस ने एयरटेल द्वारा 3जी इंटरनेट ग्राहकों की जासूसी करने का खुलासा करने का दावा किया है। थेजस ने ट्वीट करके बताया कि “एयरटेल ने 3जी में एक जावा स्क्रिप्ट कोड लगा रखा है, जिससे यूजर्स के इंटरनेट यूज करने के दौरान वह किस वेबसाइट या एप को देखता है इस पर निगरानी रखी जाती है।‘

हालांकि बाद में एयरटेल ने एक स्टेटमेंट में इस कोड के होने की बात को यह कहकर स्वीकार किया है कि “सॉल्यूशन या कोड इसलिए इस्तेमाल किए जाते हैं ताकि ग्राहकों के डाटा यूज को ट्रेक किया जा सकें और फिर अंतत: उन्हें बेहतर अनुभव प्रदान किया जा सकें।“ बकौल एयरटेल विश्वभर में टेलिकॉम कम्पनियां ऐसा करती हैं और एक जिम्मेदार कॉरपोरेट होने के नाते वे अपने ग्राहकों की निजता का सम्मान करते हैं और ग्राहकों के डाटा की गोपनीयता का हनन बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करते हैं।

थेजस ने इस बात का खुलासा किया कि एयरटेल ने दरअसल एरिक्सन के साथ इस डाटा ट्रैकर सॉल्यूशन के लिए साझेदारी की है। सोशल साइट्स पर बताया जा रहा है कि एयरटेल 3जी में लगे इस कोड का काम हर उस वेबसाइट/वेबपेज पर नजर रखना है जो यूजर ओपन कर रहा है। वेबसाइट को ट्रैक करने के बाद एयरटेल अपने ग्राहक को उसी तरह के विज्ञापन दिखाता है। सोशल साइट्स यूजर्स का मानना है कि यह सीधे-सीधे ग्राहकों की निजता पर हमला है। बिना अनुमति ऐसा नहीं किया जाना चाहिए।

Posted By: Sachin Bajpai

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस