Vlogging की करने जा रहे हैं शुरुआत, पहला वीडियो बनाने से पहले जान लें सभी जरूरी बातें
वीडियो शूट, एडिट और पब्लिश करने की तकनीकी सुविधाओं के चलते हर घंटे इंटरनेट मीडिया पर बेशुमार वीडियो अपलोड हो ...और पढ़ें

व्लॉगिंग की दुनिया में कैसे बनाएं पहचान
HighLights
व्लॉगिंग की शुरुआत स्मार्टफोन से करें, परफेक्शन का इंतजार न करें।
ऑडियो की गुणवत्ता सबसे महत्वपूर्ण, अच्छे माइक्रोफोन में निवेश करें।
खास पलों को रिकॉर्ड करें, फ्रेमिंग और लाइटिंग पर ध्यान दें।
ब्रह्मानंद मिश्र, नई दिल्ली। यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक ने लोगों को अपनी जिंदगी और पसंद की चीजों को साझा करने का ऐसा प्लेटफॉर्म दिया है, जहां आप पहचान और पैसा दोनों बना सकते हैं। इसके लिए लोग खूब प्रयास भी करते हैं, पर हर कोई सफल नहीं होता, यह भी सच है। ट्रेवलिंग से लेकर कुकिंग तक, मेकअप से लेकर फिटनेस तक, पालतू जानवरों से लेकर एडवेंचर स्पोर्ट्स तक ये प्लेटफॉर्म असंख्य वीडियो ब्लॉगिंग (व्लॉगिंग) से भरे हुए हैं। आज दुनिया को जितना ज्यादा रिकॉर्ड किया जा रहा है, उतना पहले कभी नहीं हुआ। हर तरह के डिजिटल क्रिएटर्स अपने अनुभव ऑनलाइन रिकॉर्ड कर रहे हैं और उसे दुनिया के साथ साझा कर रहे हैं।
आज के समय में कहीं से भी शूट, एडिट और पब्लिश करने की आजादी मॉडर्न लाइफ के सबसे बड़े फायदों में से एक है। फोटोग्राफरों, फिल्ममेकर्स और विजुअल क्रिएटर्स को अब घर पहुंचने और सैकड़ों या हजारों रॉ फाइलों या वीडियो क्लिप्स को देखने के लिए इंतजार करने की जरूरत नहीं होती। अब उन्हें सेटअप के साथ, रियल टाइम ऑर्गनाइज और एडिट करने जैसी सुविधाएं मिली हुई हैं। आप व्लॉगिंग की दुनिया में पहचान बनाना चाहते हैं? पर शुरुआत नहीं हो पा रही है, तो इसके पीछे क्या हैं कारण और कैसे होगी आपके पहले वीडियो ब्लॉगिंग की शुरुआत, आइए जानते हैं।
'परफेक्शन' के भ्रम से निकलें
आपके पास ढेर सारे आइडिया हैं, दिमाग में कहानियां भी घूम रही हैं, लेकिन कैमरा अभी भी शेल्फ पर ही रखा है। आप हर बार यही सोच कर काम टालते रहते हैं कि आपके पास पर्याप्त इक्विपमेंट नहीं है, आपको प्रोडक्शन का आइडिया नहीं है या आपको गाइड करने वाला नहीं है। संभव है कि ये सभी जरूरतें पूरी करने के चक्कर में कभी व्लॉगिंग शुरू ही न कर पाएं।
आपको शुरुआत तो कहीं से करनी ही होगी। अपनी यात्रा को रिकॉर्ड करना है या रोजमर्रा की जिंदगी शेयर करना है या एजुकेशनल वीडियो बनाना है या फिर अपना पर्सनल ब्रांड; आपको प्रोफेशनल और परफेक्शन के भ्रम से निकलकर शुरुआत अपने स्मार्टफोन से करनी चाहिए। आपका लक्ष्य ऐसा सिस्टम बनाने पर हो, जहां आप आसानी से शूटिंग, रिकॉर्डिंग और पब्लिशिंग कर पाएं।
व्लॉगिंग शुरू करने के लिए किसी प्रोफेशनल स्टूडियो, महंगे इक्विपमेंट से भरे सूटकेस या बड़ी प्रोडक्शन टीम की जरूरत नहीं है। सेटअप बहुत छोटा और सहज होना चाहिए, क्योंकि सबसे अच्छा सिस्टम वही होता है जिसे आप आसानी से कहीं भी ले जा सकें, जल्दी से सेट-अप कर सकें और सहजता से इस्तेमाल कर सकें।

सेटअप में कब करें निवेश
आप सिर्फ अपने एडवेंचर और पसंद की चीजों को ही शूट करना चाहते हैं, तो मानकर चलें कि इसे भी देखने वाले इंटरनेट मीडिया पर मौजूद हैं। आपकी मेहनत और थोड़ी सी किस्मत 1,000 सब्सक्राइबर का जादुई आंकड़ा पार करा सकती है, जहां से आपका शौक आपको पैसे कमाने में भी मदद करने लगेगा। यही समय है जब आपको व्लॉगिंग सेटअप में गंभीरता से निवेश करना चाहिए, ताकि आपका कंटेंट देखने और सुनने में अच्छा हो सके। स्मार्टफोन से शुरुआत के बाद जैसे-जैसे आपका चैनल और अनुभव बढ़ता है, आप अधिक महंगे और अच्छे ऑप्शन की ओर बढ़ सकते हैं।
स्मार्टफोन से ऐसे करें शुरुआत
मॉडर्न फ्लैगशिप स्मार्टफोन से आप प्रोफेशनल लेवल वीडियो बना सकते हैं। फोन छोटा, आसानी से इस्तेमाल होने वाला और हमेशा साथ रहने वाला डिवाइस है। हालांकि, फोन से व्लॉगिंग से शुरू करते हुए कुछ बुनियादी बातें जरूर पता होनी चाहिए, जैसे कंपोजिशन, कहानी सुनाने का तरीका, ऑडियो, लाइटिंग और एडिटिंग। ज्यादातर चीजें आप इंटरनेट मीडिया पर वीडियो से भी सीख सकते हैं। इमेज क्वालिटी को थोड़ा और बेहतर बनाने के लिए खास कैमरे का ऑप्शन चुन सकते हैं।
ऐसे चुनें अच्छा कैमरा
केवल रिजोल्यूशन देखना ही पर्याप्त नहीं होता। कुछ अन्य बातों पर भी ध्यान दें, जैसे :
- कैमरे का ऑटोफोकस
- स्टेबलाइजेशन
- बैटरी लाइफ
- कम रोशनी में इमेज क्वालिटी
- माइक्रोफोन कनेक्टिविटी
- स्क्रीन की विजिबिलिटी
- वजन और आसानी से ले जाने की सुविधा
- फुटेज ट्रांसफर करने की सुविधा
ऑडियो की तकनीक समझना क्यों जरूरी
वीडियो की क्वालिटी अगर प्रोफेशनल लेवल नहीं है, तो शायद उससे ज्यादा फर्क न पड़े, लेकिन आडियो खराब है तो दर्शक नहीं टिकेंगे, यह बात पूरी तरह सच है। इसीलिए नए व्लॉगिंग के लिए माइक्रोफोन सबसे जरूरी अपग्रेड में से एक है। एक छोटा वायरलेस माइक्रोफोन चलते-फिरते, यात्रा करते या डेस्क से दूर कैमरा से बात करने में काफी उपयोगी हो सकता है।
कुछ जरूरी बातें
- माइक्रोफोन को हमेशा बोलने वाले व्यक्ति के पास रखना चाहिए।
- कुछ फीट दूर रखा कैमरा भले ही शानदार इमेज दे, लेकिन उसका इन-बिल्ट माइक्रोफोन आपकी आवाज के साथ ट्रैफिक, हवा या आस पास की आवाज को भी रिकॉर्ड कर सकता है।
- व्लॉग रिकॉर्ड करने से पहले एक छोटा आडियो टेस्ट करना जरूरी है। खुद को रिकॉर्ड करने के बाद हेडफोन से सुनें और बैकग्राउंड शोर या हवा की आवाज की जांच करें। कुछ सेकंड का टेस्ट पूरी फुटेज को खराब होने से बचा सकता है।
लाइटिंग को भी समझना जरूरी
पहले व्लॉगिंग के लिए आपको प्रोफेशनल लाइटिंग किट की जरूरत नहीं है। नेचुरल लाइट सबसे बेहतर है। अगर घर के अंदर शूट कर रहे हैं तो खिड़की को सीधे अपने पीछे रखने के बजाय खिड़की की तरफ मुंह करके बैठना चाहिए। इससे चेहरे पर रोशनी एक जैसी पड़ती है और कैमरा चमकदार बैकग्राउंड के हिसाब से एक्सपोजर सेट नहीं करता।
एक छोटी एलईडी लाइट का प्रयोग कर सकते हैं। इसे सीधे अपनी तरफ करने के बजाय अपने चेहरे के एक तरफ थोड़ा हटाकर रखें। इससे अधिक गहराई आती है और कैमरा के ठीक सामने लाइट लगाने से जो सपाट लुक आता है, उससे बचा जा सकता है। अगर बाहर शूट कर रहे हैं तो दोपहर की तेज धूप चेहरे पर छाया बना सकती है, इसलिए खुली छाया में यह बेहतर होगा।
स्टेबिलिटी का रखें खास ध्यान
अगर फुटेज हिल रही है या उसे स्थायीपन नहीं है तो वीडियो क्वालिटी पूरी तरह खराब हो जाएगी। शुरुआत में छोटा ट्राइपॉड उपयोगी हो सकता है। इससे आप खुद को रिकॉर्ड कर सकते हैं। चलते हुए फुटेज के लिए छोटा गिंबल अधिक स्मूथ मूवमेंट दे सकता है। हालांकि, यह हर किसी के लिए यह जरूरी नहीं है। आप चाहें तो कैमरा को दोनों हाथों से पकड़कर कोहनियों को शरीर के पास रखें और धीरे चलें, तो भी अच्छी फुटेज मिल जाती है। कभी-कभी बेहतर तकनीक ही सबसे अच्छा इक्विपमेंट होती है।
सब कुछ रिकॉर्ड करने की जरूरत नहीं होती
व्लॉगिंग के दौरान सबसे कुछ रिकॉर्ड करना शुरुआत में एक बहुत ही आम गलती है। इसके बजाय खास पलों पर फोकस करना चाहिए। जब कुछ दिलचस्प हो, तब उसे रिकॉर्ड करना चाहिए। किसी रिएक्शन को फिल्म करने, क्लोज-अप शॉट लेने पर फोकस रखना चाहिए। खुद को फ्रेम करना सीखना चाहिए, रिकॉर्डिंग से पहले फ्रेम देखना सबसे जरूरी तैयारी है। जिस तरफ आप देख रहे हैं या जा रहे हैं, उधर थोड़ी जगह छोड़नी चाहिए। बैकग्राउंड साफ सुथरा होना चाहिए, इसका इमेज क्वालिटी पर सीधा असर होता है। सिर के पीछे से लैंप, शेल्फ और बैकग्राउंड की दूसरी चीजें अजीब तरह का कंपोजिशन बना सकती हैं।
व्लॉग के पहले और बाद में क्या करें?
शूटिंग से पहले: सभी चीजें चार्ज कर लें, स्टोरेज खाली कर लें, माइक्रोफोन चेक करें। कहानी को तैयार कर लें।
शूटिंग के दौरान: मुख्य हिस्से को रिकॉर्ड करें। छोटे क्लिप शूट करें और अपने आडियो को मॉनिटर करते रहें।
शूटिंग के बाद: एडिटिंग से पहले फुटेज का बैकअप लें। क्लिप्स को ए-रोल, बी-रोल, ऑडियो और म्यूजिक में सेव करें।
एडिटिंग के दौरान: सबसे पहले दोहराव वाली चीजें हटा दें। फिर कहानी को व्यवस्थित करें। आखिर में ऑडियो, रंग और म्यूजिक को एडजस्ट करें।
पब्लिश करने से पहले: पूरा वीडियो हेडफोन लगाकर एक बार लैपटॉप और फोन पर देखें। शुरुआती 30 सेकंड ऐसा हो कि दर्शक उस पर रुकें।
शुरुआती व्लॉगिंग किट
कैमरा: स्मार्टफोन या कांपैक्ट/मिररलेस कैमरा
माइक्रोफोन: वायरलेस या कॉम्पैक्ट डायरेक्शनल माइक्रोफोन
ट्राइपॉड: फोन/कैमरा माउंट वाला छोटा और हल्का ट्राइपॉड
लाइट: घर के अंदर फिल्मिंग के लिए कॉम्पैक्ट एलईडी लाइट
हेडफोन: रिकॉर्ड की गई आडियो सुनने के लिए
स्टोरेज: एक्स्ट्रा मेमोरी कार्ड या फोन में पर्याप्त स्टोरेज
पावर: एक्स्ट्रा बैटरी या पावर बैंक
बैग: सारा सामान रखने के लिए छोटा कैमरा बैग या रोजाना इस्तेमाल होने वाला बैकपैक
एक पूरा व्लॉग बनाने के लिए इतना काफी है। बाकी सामान जरूरत के हिसाब से आगे भी ले सकते हैं।
