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ऑनलाइन नौकरी के नाम पर ठगी से कैसे बचें, जानें पहचान और बचाव के तरीके

Published: Wed, 09 Sep 2026 03:31 PM (GMT+05:30)

अगर पैसे कमाने के लिए पैसे मांगने वाला कोई जॉब ऑफर है या बिना किसी जांच-पड़ताल के ही बहुत अच्छी ...और पढ़ें

खाली हो जाएगा बैंक खाता, सतर्क रहें जॉब ऑफर में

खाली हो जाएगा बैंक खाता, सतर्क रहें जॉब ऑफर में

HighLights

  1. वर्क फ्रॉम होम के नाम पर लाखों की ठगी.

  2. फर्जी रिक्रूटर निजी जानकारी मांगकर करते हैं धोखाधड़ी.

  3. कंपनी की जांच करें, संदिग्ध ऑफर्स से बचें.

ब्रह्मानंद मिश्र, नई दिल्ली। वर्क फ्रॉम होम की सुविधा को देखते हुए गुरुग्राम की एक महिला ने फैशन रिटेलर की जॉब के लिए ऑनलाइन अप्लाई किया। इसके बाद जॉब डिटेल्स और रजिस्ट्रेशन लिंक के साथ उन्हें एक वॉट्सएप मैसेज प्राप्त हुआ। पहले अकाउंट एक्टिवेशन, फिर ऑनलाइन टास्क पूरा करने के नाम पर उनसे पैसे जमा कराए गए। लगभग दो लाख रुपये गंवाने के बाद उन्हें अपने साथ हो रही ऑनलाइन ठगी का एहसास हुआ। इसी तरह नौकरी दिलाने के नाम पर इंदौर की एक महिला से 'भारतीय रोजगार संस्था' ने 87000 रुपये ऐंठ लिये।

वॉट्सएप और टेलीग्राम के जरिये जॉब स्कैम के कुछ ऐसे ही मामले हैदराबाद और तमिलनाडु में भी चर्चा में रहे। लिंक्डइन पर एक ऐसे ही फर्जी रिक्रूटर ने एक युवा को जॉब इंटरव्यू में शामिल होने के लिए सामान्य से दिखने वाले एक डॉक्यूमेंट को डाउनलोड करने का लिंक भेजा, जो कि मैलिसियस सॉफ्टवेयर निकला। इसके कुछ ही घंटे बाद हैकर्स ने उसका बैंक खाता साफ कर दिया।

दरअसल, आज नई नौकरी तलाशने का तरीका लगभग ऑनलाइन हो गया है। कंपिटिशन और आवेदकों की अथाह भीड़ से पटे जॉब मार्केट में कोई भी मौका नहीं चूकना चाहता, यही कारण है कि बहुत से युवाओं को लगता है कि वे किसी ऑनलाइन रिक्रूटमेंट पर शक करने का जोखिम नहीं उठा सकते, क्योंकि मौके बार-बार नहीं मिलते। बेरोजगार युवाओं की यही बेचैनी ऑनलाइन ठगों और साइबर अपराधियों के लिए आसान मौका तैयार कर देती है। यही कारण है कि नौकरी के फर्जी विज्ञापनों, मनगढ़ंत और जाली नियुक्ति पत्रों से धोखाधड़ी करने वाली भर्ती कंपनियां न केवल बेरोजगार युवाओं को आर्थिक चोट दे रही हैं, बल्कि उनका समय और भरोसा भी छीन रही हैं।

'ग्लोबल एंटी-स्कैम अलायंस' की मानें तो दुनियाभर में 70 प्रतिशत वयस्क हर साल स्कैम का सामना करते हैं। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भी कहता है कि आवेदक ऐसे स्कैम से सावधान रहें, पैसे या फाइनेंशियल फायदे के बदले नौकरी का वादा करने वाले लोगों पर आंख बंद करके भरोसा न करें। नेशनल करियर सर्विस (एनसीएस) पोर्टल रजिस्ट्रेशन, नौकरी के लिए आवेदन या इंटरव्यू के लिए कभी कोई फीस नहीं लेता है। लोगों को संदिग्ध कॉल, मैसेज, ईमेल या फर्जी रिक्रूटमेंट ऑफर से सावधान रहना चाहिए, खासकर जिनमें पर्सनल जानकारी, गोपनीय जानकारी या सीधे पेमेंट की मांग की जाती है।

कैसे फंस जाते हैं जॉब ऑफर के भ्रम में 

लिंक्डइन की एक रिसर्च बताती है कि नौकरी "असली है या नहीं", इसे लेकर अब अधिक सतर्क होने की जरूरत है। उनके सर्वे में शामिल लगभग तीन-चौथाई (72 प्रतिशत) प्रोफेशनल मानते हैं कि वे आवेदन करने से पहले नौकरी की असलियत के बारे में सोचते हैं, वहीं 57 प्रतिशत प्रोफेशनल एक साल पहले की तुलना में अब इस बात पर अधिक सवाल उठाते हैं कि कोई नौकरी स्कैम तो नहीं है। एक बड़ा 'रेड फ्लैग' (खतरे का संकेत) तब होता है जब लिंक्डइन छोड़कर किसी पर्सनल चैट एप पर जाने के लिए कहा जाता है, 90 प्रतिशत जॉब स्कैम प्राइवेट मैसेजिंग पर जाने के बाद होता है। यहां लिंक्डइन के सुरक्षा टूल आपकी सुरक्षा नहीं कर पाते, न ही अकाउंट के फेक अकाउंट का वेरिफिकेशन हो पाता है। असली खतरा जानकारी की कमी और दबाव के मेल से पैदा होता है।

नौकरी से जुड़े आम स्कैम

1. नकली जॉब लिस्टिंग : ज्यादातर जॉब साइट्स पर एंप्लायर की पुष्टि की व्यवस्था होने के बावजूद स्कैमर्स कभी-कभी अपनी लिस्टिंग करवाने में कामयाब हो जाते हैं। सबसे अधिक नकली जॉब लिस्टिंग इंटरनेट मीडिया पर होती है। इनमें अक्सर युवाओं से आवेदन पूरा करने या काम शुरू करने के लिए फीस देने को कहा जाता है।


2. धोखेबाजी : नौकरी से जुड़े घोटालों के मामले में स्कैमर अक्सर किसी एजेंसी, सरकारी संस्था या हायरिंग फर्म के प्रतिनिधि होने का दिखावा करते हैं। वे अक्सर उम्मीदवारों से स्क्रीनिंग फीस के तौर पर पैसे ट्रांसफर कराते हैं।

3. ईमेल: रिक्रूटर होने का दावा करने वाले ईमेल्स की इनबाक्स में भरमार होती है। ये आपके रिज्यूमे को जॉब बोर्ड से उठाते हैं। कुछ ईमेल असली रिक्रूटर से आते हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में ये स्कैम से ही जुड़े होते हैं। ये पहचान या बैंक अकाउंट नंबर जैसी सेंसिटिव जानकारी मांगते हैं।

4. ऑनलाइन मैसेजिंग सर्विस के जरिये इंटरव्यू : आपको फाइनल लिस्ट में से चुनने की जानकारी देते हैं, आमतौर जिसके लिए आपने कभी अप्लाई नहीं किया था। इंटरव्यू अरेंज करने के दौरान वे मैसेजिंग सर्विस का इस्तेमाल करने के लिए कहते हैं। इस दौरान वे आपकी निजी जानकारियां जुटा लेते हैं। यही से असली खतरा शुरू होता है।

5. क्रेडिट रिपोर्ट : नौकरी तय करने के लिए स्कैमर आपकी क्रेडिट हिस्ट्री की जांच को जरूरी बताता है। वे आपकी फाइनेंशियली जिम्मेदारी परखने के नाम पर आपकी निजी जानकारियों में सेंध लगाते हैं। वे कई बारे पेमेंट और नकली चार्ज वसूलते हैं।

6. करियर कंसल्टिंग : अगर कोई व्यक्ति करियर कंसल्टेंट बनकर आपके रिज्यूमे को बेहतर करने का उपाय बताता है, तो यह आपके लिए नई मुसीबत पैदा कर सकता है।

7. वर्क-फ्रॉम-होम जॉब : पिछले कुछ वर्षों में इसकी मांग अधिक बढ़ी है। स्कैमर्स रिमोट वर्क की चाहत रखने वालों को टारगेट करते हैं। अक्सर, इस स्कैम में नौकरी ढूंढने वाले को फीस देने या सामान खरीदने के लिए मनाया जाता है। शुरुआती रजिस्ट्रेशन फीस, कमीशन के नाम पर भी आपसे ठगी हो सकती है।

8. सरकारी नौकरियां : अगर किसी सरकारी नौकरी में आपकी पोजिशन बेहतर बनाने के लिए पैसे मांगे जाते हैं, तो यह स्कैम हो सकता है।

समझें कुछ चेतावनी संकेतों को

गैर जरूरी कॉल : अगर कोई व्यक्ति बार बार काल करता या दबाव डालकर जॉब आफर स्वीकार करने के लिए कहता है तो सतर्क होने की जरूरत है।

गैर पेशेवर ईमेल : स्कैम ईमेल में अक्सर साफ तौर पर गलतियां दिखती हैं और कांटैक्ट डिटेल्स जैसी जरूरी जानकारियां नहीं होतीं।

नकली अकाउंट और वेबसाइट : स्कैमर आमतौर पर नकली नियोक्ता के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म या नकली चैनल बनाते हैं। इनमें जरूरी जानकारियों का अभाव होता है।

निजी जानकारियों की मांग : स्कैमर अक्सर पहले से आपकी पर्सनल जानकारी मांगते हैं। वे सीधे कनेक्शन का वादा करके जरूरी डाक्यूमेंट मांग लेते हैं।

जॉब स्कैम से बचाएंगे ये टिप्स

अपनी समझ पर भरोसा करें : अगर किसी जॉब आफर या कंपनी पर आपको शक है तो खुद पर भरोसा करें। अगर अनिश्चितता, बेचैनी या खतरा महसूस होता है, तो उससे दूर ही रहें।

अपनी रिसर्च करें : अप्लाई करने से पहले कंपनी के बारे में अच्छी तरह रिसर्च करें, ताकि उसकी पहचान से जुड़ी जानकारी को पता हो सके। कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट और इंटरनेट मीडिया पेज के बारे में जानें।

वेबसाइट के बारे में जानें : कंपनी के वेब एड्रेस की शुरुआत "https://" से हो, न कि "http://." से। इससे यह पक्का होता है कि साइट असली और सुरक्षित है। आप डोमेन एज और वेबसाइट रजिस्ट्री टूल में यूआरएल डालकर उसकी सत्यता जांच सकते हैं।

निजी जानकारी सुरक्षित रखें : अपने बैंक अकाउंट, क्रेडिट कार्ड नंबर, आधार नंबर और अन्य जरूरी जानकारी को अनजान लोगों के साथ साझा करने से बचें। वैध कंपनियां कभी भी पेमेंट कार्ड की जानकारी नहीं मांगती। वे आपको नौकरी पर रखने से ऐसे जानकारियों के मांगने का कोई तुक नहीं है।

कंपनी का रिव्यू देखें : जॉब साइट्स पर अक्सर रिव्यू सेक्शन होते हैं, जहां कर्मचारी और कैंडिडेट कंपनी के साथ अपने अनुभव शेयर करते हैं। इससे फैसला लेने में मदद मिल सकती है।

लिंक्डइन में हैं स्कैम से सुरक्षा के उपाय  

लिंक्डइन के स्पोक्सपर्सन के मुताबिक जॉब स्कैम लगातार बनी रहने वाली चुनौती है। करियर की शुरुआत करने वाले प्रोफेशनल्स अक्सर इसके आसान शिकार बन जाते हैं। लिंक्डइन के सर्वे के मुताबिक 54 प्रतिशत जेन जी नौकरी खोजते समय चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसे लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। हम फेक जॉब पोस्ट पर नजर रखते हैं और अनेक टूल्स का प्रयोग करते हैं ताकि आप भरोसे के साथ नौकरी खोज सकें।

लिंक्डइन पहचान, रिक्रूटर प्रोफाइल, कंपनी पेज व नौकरियों के लिए वेरिफिकेशन बैज देता है। इससे आवेदकों को भरोसेमंद जानकारी मिलती है। दुनिया भर में 10 करोड़ से अधिक सदस्यों ने यहां पर अपनी जानकारी वेरिफाई करवाई है। नौकरी खोजते समय सुरक्षित रहने की सलाह भी दी जाती है। उदाहरण के लिए, अगर कोई जॉब पोस्ट करने वाला आपसे पैसे मांगता है या प्रोसेस की शुरुआत में ही आपकी निजी और संवेदनशील जानकारी मांगता है, तो इसे एक बड़ी चेतावनी के तौर पर देखना चाहिए।

प्रोफेशनल्स को ऐसे अनचाहे संपर्क से भी सावधान रहना चाहिए जिसमें कंपनी की वेरिफाई की जा सकने वाली जानकारी न हो, जिसमें जल्दबाजी दिखाई गई हो या जिसमें अविश्वसनीय आफर हों। चूंकि स्कैम करने वाले अक्सर बातचीत को जल्दी से लिंक्डइन से बाहर ले जाने की कोशिश करते हैं, इसलिए लिंक्डइन की तरफ से आप्शनल मैसेज अलर्ट दिया जाता है। साथ ही, हम संदिग्ध स्कैम मैसेज को जंक फोल्डर में भेज देते हैं ताकि आप अपने इनबाक्स में असली मौकों पर ध्यान दे सकें।

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