नई दिल्ली, टेक डेस्क। Chandigarh University MMS Case: पंजाब की मोहाली स्थित एक यूनिवर्सिटी में एक छात्रा ने अपनी 60 साथी छात्राओं का आपत्तिजनक वीडियो बनाकर एक साथ वायरल होने कर दिया। इस घटना ने महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगा दिया  है। 

ये कोई पहली घटना नहीं है, जब किसी का इस तरह से वीडियो बनाया गया हो। आए दिन ऐसा मामले सुनने में आते हैं। कभी किसी मॉल में महिलाओं के चेंजिंग रूम में तो कभी किसी होटल या पब्लिक टॉयलेट में हिडन कैमरा मिल रहे हैं। यह एक ऐसी समस्या है जिससे तमाम उपायों के बाद भी निजात नहीं पाई जा सकी है।

इसलिए इस तरह के स्पाई कैमरा से बचने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ती है। हम आपको बता रहे हैं कि आप कैसे हिडन कैमरा का पता लगाकर खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।

कहां छिपे हो सकते हैं हिडन कैमरे

ये कैमरा किसी भी जगह पर नहीं रखा जा सकता है, क्योंकि इन्हें छिपाकर रखना पड़ता है। इन्हें कुछ खास जगहों पर छिपाया जाता है। स्मोक डिटेक्टर, एयर फिल्टर, घड़ी, सॉफ्ट टॉय, टीवी कैबिनेट, हेयर ड्रायर, पेन या वॉल डेकोर में ये आसानी से छिपाए जा सकते हैं।

पता करने का क्या है तरीका

  • मोबाइल की फ्लैश लाइट है रामबाण- आज के दौर में हर मोबाइल में फ्लैश लाइट होती ही है। इसलिए यह हिडन कैमरा का पता लगाने में रामबाण साबित होती है। ज्यादातर हिडन कैमरों में ग्रीन या रेड LED लाइट्स होती हैं।  लाइट्स चमकती रहती हैं। अब आपको हिडन कैमरा का पता लगाने के लिए उस कमरे को स्कैन करने की जरूरत पड़ती है।

    इसके लिए आपको सबसे पहले कमरे की लाइट बंद करनी होगी। फिर स्कैनिंग के लिए अपने स्मार्टफोन की LED लाइट चालू करनी है। अब अगर कमरे में हिडन कैमरा लगा हुआ है तो मोबाइल कैमरे पर कोई लाइट जरूर चमकती दिखाई देगी।

  • अधिक सतर्कता-  किसी होटल में कमरा लेते वक्त आप चेक करें कि कमरे में कोई गैजेट अजीब तरीके से तो नहीं रखा गया है। पब्लिक टॉयलेट और वाशरूम का इस्तेमाल करते समय सावधान रहें। कई बार कमरे या वॉशरूम में लगे स्मोक डिटेक्टर्स में भी हिडन कैमरे छिपे होते हैं। इसलिए वहां भी ध्यान दें। इसके साथ ही कमरे में दीवार, परदें, बिजली के आउटलेट, टिशू बॉक्स, वॉल सॉकेट और एयर फिल्टर इक्विपमेंट्स की भी गहराई से जांच करें। 
  • संदिग्ध डिवाइस को छुपा दें- अगर आपको कमरे, बाथरूम या चेंजिग रूम में कोई संदिग्ध उपकरण मिलता है, जिसके बारे में आप पता नहीं लगा पा रहे हैं तो उस डिवाइस को अनप्लग कर किसी अलमारी में बंद कर दें या किसी मोटे कपड़े से ढक दें।
  • ऐप्स से भी हो सकता है बचाव- इन सबके बाद भी अगर आपको कहीं हिडन कैमरा होने का संदेह है तो आप कुछ मोबाइल ऐप्स की मदद ले सकते हैं। ये ऐप्स रिकॉर्डिंग डिवाइस की फ्रीक्वेंसी को स्कैन कर सकते हैं। Detectify और Radarbot जैसे कुछ ऐप्स हैं जो एंड्रॉइड और आईओएस फोन के लिए उपलब्ध हैं। अपने आस-पास के हिडन कैमरा का पता लगाने के लिए इनमें कई फीचर्स मौजूद रहते हैं।

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Edited By: Kritarth Sardana