क्या 120Hz डिस्प्ले सच में ज्यादा बैटरी खाती है? दूर करें कन्फ्यूजन
आजकल के स्मार्टफोन्स में मिलने वाला 120Hz रिफ्रेश रेट डिस्प्ले बैटरी की खपत बढ़ा सकता है, खासकर गेमिंग और लगातार ...और पढ़ें

क्या 120Hz डिस्प्ले सच में ज्यादा बैटरी खाती है? दूर करें कन्फ्यूजन
HighLights
120Hz डिस्प्ले आमतौर पर अधिक बैटरी का उपयोग करती है।
गेमिंग और लगातार स्क्रॉलिंग से बैटरी खपत बढ़ जाती है।
एडेप्टिव रिफ्रेश रेट फीचर बैटरी बचाने में सहायक है।
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। आजकल न सिर्फ प्रीमियम फोन्स बल्कि ज्यादातर बजट और मिड रेंज स्मार्टफोन्स में भी 120Hz तक का रिफ्रेश रेट सपोर्ट देखने को मिलने लगा है। कंपनियां इसे स्मूद स्क्रॉलिंग, बेहतर गेमिंग और शानदार विजुअल एक्सपीरियंस के लिए फोन में देती हैं। हालांकि, कई लोगों के मन में ये सवाल भी रहता है कि क्या 120Hz डिस्प्ले यूज करने से फोन की बैटरी जल्दी खत्म होती है?
सीधे शब्दों में इसका जवाब हां है, क्योंकि कई कंडीशंस में 120Hz रिफ्रेश रेट ज्यादा बैटरी खर्च कर सकता है। हालांकि, इसका असर फोन की डिस्प्ले टेक्नोलॉजी, ब्राइटनेस और यूज करने के तरीके पर भी डिपेंड करता है।
120Hz डिस्प्ले कैसे खर्च करती है ज्यादा बैटरी?
रिफ्रेश रेट का मतलब है कि डिस्प्ले पर हर सेकंड में कितनी बार स्क्रीन पर मौजूद फोटो को रिफ्रेश करता है। जहां 60Hz डिस्प्ले एक सेकंड में 60 बार, जबकि 120Hz डिस्प्ले 120 बार रिफ्रेश हो सकती है। फोन में ज्यादा रिफ्रेश रेट होने से स्क्रॉलिंग और एनिमेशन ज्यादा स्मूद दिखाई देते हैं, लेकिन स्क्रीन को ज्यादा बार रिफ्रेश करने में एक्स्ट्रा पावर खर्च हो सकती है। इसका असर खासतौर पर तब दिखाई दे सकता है, जब यूजर लंबे टाइम तक गेमिंग कर रहा हो या लगातार सोशल मीडिया पर स्क्रॉल कर रहा हो।
क्या हर मोबाइल में होती है ज्यादा बैटरी खर्च?
सीधे तोर पर कहें तो ऐसा जरूरी नहीं है कि 120Hz डिस्प्ले वाले हर डिवाइस की बैटरी तेजी से खत्म हो। कुछ फोन्स में अब Adaptive Refresh Rate फीचर मिलने लगा है। इस फीचर की मदद से डिस्प्ले जरूरत के मुताबिक रिफ्रेश रेट कम या ज्यादा कर सकती है। उदाहरण के लिए स्क्रीन पर फास्ट स्क्रॉल करते टाइम रिफ्रेश रेट बढ़ जाता है, जबकि स्टेबल फोटो देखने पर ये कम हो सकता है। इससे बैटरी की खपत भी कम हो जाती है।
