नई दिल्ली, हर्षित हर्ष। इन दिनों एंटी चाइनीज ऐप्स को अपने स्मार्टफोन्स से डिलीट करने की एक मुहिम शुरू हुई है। जिसका जीता-जागता उदाहरण 'Remove China Apps' और 'Mitron' जैसे ऐप्स की लोकप्रियता है। शॉर्ट वीडियो मेकिंग ऐप्स TikTok के राइवलरी के तौर पर पिछले दिनों Mitron ऐप को लॉन्च किया गया है। लॉन्च के तुरंत बाद ही ये ऐप Google Play Store पर लोकप्रिय हो गया है। इसे 5 मिलियन से ज्यादा डाउनलोड्स मिल गए। यही नहीं, स्मार्टफोन्स में चाइनीज ऐप को डिटेक्ट करने वाला ऐप 'Remove China Apps' भी लोगों के बीच लोकप्रिय हो गया है। लॉन्च के कुछ सप्ताह के बाद ही इस ऐप को Google Play Store पर एक मिलियन से ज्यादा डाउनलोड्स मिले हैं। 

पिछले सप्ताह इन ऐप्स को Google Play Store से हटा लिए गए थे। हालांकि, बाद में ये ऐप्स एक बार फिर से Google Play Store पर वापस आ गए। Google ने इन ऐप्स द्वारा पॉलिसी वायलेशन की बात कही थी। लेकिन, क्या आप जानते हैं, TikTok के अलावा भी कई ऐसे ऐप्स हैं जिन्हें भारतीय यूजर्स द्वारा काफी डाउनलोड किए गए हैं? इन ऐप्स में ज्यादातर ऐप्स, सोशल मीडिया, शॉर्ट वीडियो मेकिंग, इंटरटेनमेंट, वेब ब्राउजर, वीडियो स्ट्रीमिंग ऐप्स, यूटीलिटी ऐप्स, गेमिंग ऐप्स यहां तक की ई-कॉमर्स ऐप्स भी शामिल हैं।

भारत क्यों है चीनी ऐप्स के लिए बड़ा बाजार?

भारत इस समय दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता हुआ इंटरनेट बाजार है। यहां स्मार्टफोन और इंटरनेट यूजर्स की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में चाइनीज ऐप डेवलपर्स कंपनियों के लिए ये सबसे फलता-फूलता बाजार साबित हो रहा है। भारत में पिछले दो सालों में इंटरनेट और स्मार्टफोन यूजर्स की संख्या में जबरदस्त वृद्धि देखी गई है। अगर, आंकड़ों पर जाएं तो इस समय भारत में ऐप डेवलपर्स के लिए 1.3 बिलियन भावी कंज्यूमर्स हैं, जिसकी वजह से भारत को तेजी से बढ़ते हुए ऐप बाजार के तौर पर देखा जा रहा है।

(फोटो साभार- Google Play Store)

चाइनीज ऐप यूजर्स लगातार बढ़े

स्मार्टफोन ऐप्स पर नजर रखने वाली वेबसाइट App Annie की रिपोर्ट पर नजर डालें तो दिंसबर 2017 में Google Play Store पर उपलब्ध टॉप-100 ऐप्स में से केवल 18 ही चाइनीज ऐप्स थे, जो दिसंबर 2018 तक बढ़कर 44 पहुंच गए थे। 2019 के अंत तक यह आंकड़ा और बढ़ गया है। TikTok, Helo, Cam Scanner, Kwai, PUBG, Vigo, SHAREit, UC Browser जैसे कई चाइनीज ऐप्स भारतीय यूजर्स के बीच लोकप्रिय हैं। इनमें से कुछ ऐप्स तो चीनी स्मार्टफोन्स के साथ बाय डिफॉल्ट इंस्टॉल करने के लिए आते हैं। जिन्हें यूजर्स जाने-अनजाने में अपने स्मार्टफोन में डाउनलोड कर लेते हैं।

टॉप-100 में ये ऐप्स हैं सबसे ज्यादा लोकप्रिय

Google Play Store पर डाउनलोड किए जाने वाले टॉप-100 ऐप्स की बात करें तो यहां हर जीनर में चाइनीज ऐप्स ने घुसपैठ की है। सोशल मीडिया और कंटेंट प्लेटफॉर्म्स की बात करें तो Helo और SHAREit का नाम इन टॉप-100 चाइनीज ऐप्स में शामिल हैं। एंटरटेनमेंट और शॉर्ट वीडियो मेकिंग ऐप्स की कैटेगरी में TikTok, Kwai जैसे ऐप्स शामिल हैं। वहीं, वेब ब्राउजर्स की बात करें तो UC Browser, UC Browser Mini जैसे ऐप्स हैं। वीडियो स्ट्रीमिंग ऐप्स की बात करें तो LiveMe, Bigo Live, Vigo Video जैसे ऐप्स शामिल हैं। यूटिलिटी ऐप्स, जिनका हम काफी ज्यादा इस्तेमाल करते हैं उनमें BeautyPlus, Xender, Cam Scanner जैसे ऐप्स शामिल हैं। गेमिंग में PUBG, Clash of Kings, Mobile Legends जैसे ऐप्स शामिल हैं। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की बात करें तो ClubFactory, Shein और Romwe जैसे ऐप्स के नाम शामिल हैं। चाइनीज ऐप डेवलपर्स ने Google Play Store पर लगभग हर जीनर में अपनी जगह बना ली है।

(फोटो साभार- Google Play Store)

भारतीय यूजर्स के बीच सबसे लोकप्रिय चाइनीज ऐप्स

भारतीय यूजर्स के बीच ये 25 चाइनीज ऐप्स सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। इन्हें Google Play Store पर मिलियन्स डाउनलोड्स मिले हैं। Helo, SHAREit, TikTok, Kwai, UC Browser, UC Browser Mini, LiveMe, Bigo Live, Vigo Video, Beauty Plus, Xender, Cam Scanner, PUBG, Clash of Kings, Mobile Legends, Club Factory, Shein, Romwe, AppLock, VMate, Mafia City, Battle of Empire जैसे ऐप्स को भारतीय यूजर्स सबसे ज्यादा पसंद करते हैं।

चाइनीज ऐप्स से क्यों है खतरा?

आपके मन में ये सवाल जरूर उठ रहा होगा कि भला चाइनीज ऐप्स से हमें क्या खतरा हो सकता है? इनमें से कई ऐप्स तो आप हर रोज इस्तेमाल कर रहे होंगे। एंटी चाइनीज ऐप्स मूवमेंट के अलावा भी कई और चीजें हैं जिनकी वजह से हमें इन चाइनीज ऐप्स से खतरा है। सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण खतरा हमें डाटा चोरी का है। ये बात कई बार निकलकर सामने आई है कि चाइनीज ऐप्स और स्मार्टफोन्स की वजह से यूजर्स डाटा लीक हुए हैं, जिनमें यूजर्स की महत्वपूर्ण जानकारियां जैसे की ई-मेल आईडी, नाम, मोबाइल नंबर, लिंग जैसी डिटेल्स शामिल हैं। यूजर्स के इन निजी डाटा को डार्क वेब में खुलेआम बेचा जाता है। आपके निजी डाटा का इस्तेमाल करके आपको टारगेट किया जा सकता है और आप साइबर क्राइम के शिकार भी हो सकते हैं।

कई बार आपने खुद एक्सपीरियंस किया होगा कि आप किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Facebook, Twitter या वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म YouTube पर इस तरह के किसी चाइनीज ऐप के ऐड को देखते हैं, जैसे ही आप इनमें से किसी ऐप को अपने स्मार्टफोन में क्लिक करके इंस्टॉल करते हैं तो अगली बार जब भी आप सोशल मीडिया स्क्रॉल करते हैं आपको उसी जीनर के कई और ऐप्स के एड प्रॉम्प्ट होते हैं। आप सोच रहे होंगे कि ऐसा क्यों होता है? ऐसा इसलिए होता है कि आपके इंटरेस्ट को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के द्वारा चिन्हित कर लिया जाता है। ऐसे में जब भी आप इंटरनेट ब्राउस करेंगे आपके उसी जीनर के कई और ऐप्स के ऐड दिखाई देंगे। आप भी इनमें से किसी चाइनीज ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आप अपने ऐप की सेटिंग्स में जाकर परमिशन्स को मैनेज कर लें ताकि आपकी निजी जानकारियों की रक्षा हो सकेगी।

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