क्या आपके घर में भी है विंड चाइम? सुख-समृद्धि के लिए जान लें ये जरूरी वास्तु नियम
वास्तु शास्त्र के अनुसार, विंड चाइम और छोटी घंटियां घर में सकारात्मक ऊर्जा लाती हैं और सुख-समृद्धि के द्वार खोलती ...और पढ़ें
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वास्तु शास्त्र विंड चाइम के लिए

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हममें से अधिकतर लोगों को घर में विंड चाइम्स या छोटी-छोटी घंटियां लगाना काफी पसंद है। जब हवा के झोंकों के साथ घर में लगी विंड चाइम्स या छोटी घंटियों से निकलने वाली मधुर आवाज गूंजती है, तो मन को एक अलग तरह का सुकून मिलता है।
लेकिन क्या आपको पता है कि यह प्यारी आवाज न सिर्फ कानों को शांति का एहसास दिलाती है, बल्कि आपके जीवन से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में भी मदद करती है। इसके अलावा इन्हें घर में लगाने से सुख और समृद्धि के द्वार भी खुल सकते हैं।
वास्तु शास्त्र में ध्वनि तरंगों का काफी ज्यादा महत्व है। सही दिशा में रखी गई विंड चाइम सोई हुई किस्मत को जगाने का काम करती है। इसके विपरीत गलत दिशा में रखी गई विंड चाइम मानसिक तनाव और भ्रम का कारण बनती हैं।
विंड चाइम किस दिशा में लगाए
विंड चाइम खरीदते समय आपको सबसे पहले उसकी सही दिशा और सामग्री पर ध्यान देना चाहिए। वास्तु विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि आप पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में विंड चाइम लगाना चाहते हैं, तो धातु से बनी विंड चाइम को खरीदें। यह दिशा बच्चों के करियर और सौभाग्य को जगाने का काम करती हैं।
दूसरी तरफ यदि आप अपने घर की पूर्व या दक्षिण पूर्व दिशा को सजाने चाहते हैं, तो लकड़ी या बांस से बनी विंड चाइम सबसे ज्यादा फल प्रदान करती है। ऐसा माना जाता है कि लकड़ी विकास और प्रगति का प्रतीक है।

छड़ों की संख्या का रखें खास ध्यान
विंड चाइम में छड़ों की संख्या का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी है। घर में शांति और सद्भाव लाने और कलह से मुक्ति पाने के लिए 7 या 8 छड़ों वाली विंड चाइम का इस्तेमाल करना सबसे शुभ माना जाता है।
यदि आप फेमस या अपना सामाजिक दायरा बढ़ाना चाहते हैं, तो उत्तर-पश्चिम दिशा में 6 छड़ों वाली विंड चाइम लगाना अत्यंत फायदेमंद साबित होती है।
प्रवेश द्वार पर घंटी का महत्व
सिर्फ विंड चाइम्स ही नहीं, बल्कि घर के मुख्य द्वार पर एक छोटी पीतल की घंटी लटकाने से भी सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। जब भी कोई दरवाजा खोलता है, घंटी की प्यारी से आवाज घर में मौजूद सोई हुई ऊर्जा को सक्रिय करने में मदद करती है। यह आवाज नकारात्मक ऊर्जाओं को घर में प्रवेश करने से रोकती है।
विंड चाइम कहां नहीं लगाएं?
वास्तु शास्त्र के मुताबिक, विंड चाइम को कभी भी ऐसी जगह पर न लगाएं जहां कोई उसके नीचे बैठता या सोता है। इसके अलावा रसोई, भंडरा घर के कोने या अंधेरे कमरे में लगाने से बचें। ऐसी जगहों पर विंड चाइम लगाने से प्रवाह विपरीत काम करती है।
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