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घर में मां लक्ष्मी के चरण लगाते समय न करें ये गलतियां, इन वास्तु नियमों से बनी रहेगी सुख-समृद्धि

Published: Tue, 01 Sep 2026 06:28 PM (IST)

घर में माता लक्ष्मी के चरण पादुका लगाते समय वास्तु नियमों का पालन करना चाहिए। इससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और माता लक्ष्मी का वास होता है।

सुख-समृद्धि के लिए घर में लक्ष्मी चरण पादुका लगाने के वास्तु नियम (Picture Credit: AI Generated)

सुख-समृद्धि के लिए घर में लक्ष्मी चरण पादुका लगाने के वास्तु नियम (Picture Credit: AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर देखा जाता है कि लोग घर के मुख्य द्वार पर माता लक्ष्मी के चरण लगाते हैं। मान्यता है कि इससे घर में माता लक्ष्मी का वास होता है और खुशहाली बनी रहती है।

मुख्य रूप से दिवाली की सुबह लोग घरों में माता लक्ष्मी की चरण पादुकाएं जरूर जगाते हैं और उनसे घर में निवास करने का आग्रह करते हैं।

यह चरण घर की खुशहाली के लिए बहुत शुभ माने जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं इन्हें घर में लगाते समय भी आपको वास्तु के कुछ नियमों का पालन करने की सलाह दी जाती है। कई लोग इसे घर के मुख्य द्वार पर लगाते हैं, तो कुछ लोग इसे पूजा के स्थान पर लगाते हैं। आइए आपको बताते हैं वास्तु के उन नियमों के बारे में जिनका पालन करके आपको घर में लक्ष्मी जी के चरण लगाने चाहिए।

लक्ष्मी चरण पादुका क्या होती हैं?

लक्ष्मी चरण पादुका, माता लक्ष्मी के पवित्र पैरों के निशान वाली छोटी नक्काशीदार आकृतियों का एक जोड़ा होता है। यह कई बार स्टीकर की तरह भी मिलता है और ये धातुओं के भी बनाए जाते हैं।

मान्यता है कि यदि आप इसे घर में सही स्थान पर लगाती हैं तो घर की आर्थिक स्थिति अच्छी बनी रहती है और यह समृद्धि का संकेत देती हैं।

लक्ष्मी चरण का मतलब यह होता है कि माता लक्ष्मी के चरणों के निशान। इसे घर की दहलीज पर लगाना इस बात का प्रतीक है कि आप घर में माता लक्ष्मी के सदैव आगमन की प्रतीक्षा में रहते हैं।

घर में लक्ष्मी चरण पादुका किस स्थान पर लगानी चाहिए?

अगर हम वास्तु की मानें तो माता लक्ष्मी की चरण पादुकाएं हमें कुछ विशेष स्थानों पर ही लगानी चाहिए। आइए जानें उसके बारे में-

  • घर के मुख्य द्वार पर, चौखट के ठीक अंदर जमीन पर पर माता लक्ष्मी की चरण पादुकाएं लगानी चाहिए।
  • हमेशा आपको इस बार का ध्यान रखने की जरूरत है कि उनके चरण घर के भीतर प्रवेश करने की मुद्रा में लगाए गए हों।
  • आप लक्ष्मी चरण पूजा घर में, लक्ष्मी जी की मूर्ति के सामने या उनके बगल में भी लगा सकते हैं। इन चरण पादुकाओं को मंदिर के भीतर प्रवेश करते हुए लगाना चाहिए।
  • आप घर की तिजोरी या पैसों के स्थान पर भी लक्ष्मी जी की चरण पादुकाएं लगा सकते हैं।

लक्ष्मी चरण पादुका की सही दिशा क्या होनी चाहिए?

लक्ष्मी चरण पादुका की दिशा से जुड़ा सबसे जरूरी नियम यह है कि चरण के पैरों की उंगलियों का मुख घर के अंदर की ओर होना चाहिए, न कि दरवाजे के बाहर की तरफ।

अंदर की ओर मुख वाले पैरों का मतलब है कि माता लक्ष्मी घर में प्रवेश कर रही हैं। वहीं बाहर की ओर मुख वाले पैरों का अर्थ है उनका घर से बाहर निकलना।

वास्तु शास्त्र में उत्तर, उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा को माता लक्ष्मी के चरण लगाने के लिए सबसे शुभ माना गया है। चूंकि उत्तर दिशा देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर की दिशा मानी जाती है और उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण को देवताओं की दिशा माना जाता है, इसलिए इसी स्थान पर लक्ष्मी चरण लगाने शुभ होते हैं।

अगर आप भी घर के मुख्य द्वार पर माता लक्ष्मी के चरण लगा रहे हैं तो आपको यहां बताए वास्तु नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। इससे घर में सदैव समृद्धि बनी रहती है और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा होती है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।