विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Vastu Tips: घर में सुख-शांति और पॉजिटिव एनर्जी के लिए लगाएं ये धार्मिक चिह्न

Published: Tue, 29 Jul 2025 05:39 PM (IST)

हर कोई अपने घर में सुख-शांति बनाए रखना चाहता है। इसके लिए वास्तु शास्त्र में कई उपाय बताए गए हैं। ...और पढ़ें

इन प्रतीक चिह्नों को घर में लगाने से बनी रहती है सकारात्मकता।
इन प्रतीक चिह्नों को घर में लगाने से बनी रहती है सकारात्मकता।

HighLights

  1. ॐ को ब्रह्मांड की मूल ध्वनि माना जाता है।
  2. स्वस्तिक का चिह्न शुभता का प्रतीक होता है।
  3. त्रिशूल दैविक और दैहिक कष्ट दूर करता है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हर कोई चाहता है कि उसके घर में सुख शांति बनी रहे। इसके लिए कई तरह के वास्तु उपायों को अपनाया जाता है। जैसे घर में नमक के पानी से पोछा लगाने से घर की निगेटिविटी दूर होती है। मगर, पॉजिटिविटी की क्या? उसे घर में लाने के लिए और लगातार बनाए रखने के लिए क्या करना चाहिए। 

इसका आसान सा तरीका है कि आप अपने घर में सकारात्मकता लाने वाले कुछ धार्मिक प्रतीक चिह्न जरूर रखें। ये प्रतीक चिह्न न सिर्फ आपके घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर रखेंगे, बल्कि लगातार सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह भी बनाए रखेंगे। आइए जानते हैं आप किन चीजों को घर में लगा सकते हैं… 

स्वस्तिक का चिह्न 

स्वस्तिक को हमेशा शुभ शुरुआत और सफलता का प्रतीक माना गया है। पहले के समय में हर शुभ कार्य से पहले घरों के दरवाजों पर स्वास्तिक का चिह्न बनाया जाता था। आज भी पूजा पाठ से पहले स्वास्तिक का चिह्न बनाया जाता है। घर के मुख्य द्वार पर इसे लगाने से वास्तु दोष दूर होता है और पॉजिटिव एनर्जी बनी रहती है।

ॐ का चिह्न रखना 

‘ॐ’ को ब्रह्मांड की मूल ध्वनि माना जाता है, जो सृष्टि के प्रारंभ से है और हमेशा रहेगी। यह तीन अक्षर अ, ओ और म से मिलकर बनी है, जो ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतिनिधित्व करते हैं। ॐ का जाप, ध्यान और श्रवण आध्यात्मिक विकास और शांति के लिए किया जाता है। ‘ॐ’ इसका चित्र या शोपीस घर में लगाने से आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ती है। 

यह भी पढ़ें- Vastu Tips: रसोई में आप न करें ये गलतियां, सुख-समृद्धि में कमी के साथ घर आती हैं बीमारियां

त्रिशूल का चिह्न 

त्रिशूल के तीन शूल दैविक, दैहिक और मानसिक कष्टों को दूर करते हैं। वास्तु शास्त्र में इसे शुभ प्रतीक माना जाता है। घर में सकारात्मक ऊर्जा लाने और नकारात्मक शक्तियों को दूर करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। इसे घर के मुख्य द्वार पर या मंदिर में रखना शुभ माना जाता है।

यह भी पढ़ें- Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन पर इन मंत्रों का करें जाप, सभी ग्रहों का परेशानियां हो जाएंगी दूर 

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।