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सावन में करें नर्मदेश्वर शिवलिंग की स्थापना, दिशा से लेकर अभिषेक तक, पढ़ें वास्तु के सही नियम

Published: Tue, 18 Aug 2026 03:56 PM (IST)

सावन में नर्मदेश्वर शिवलिंग की स्थापना अत्यंत शुभ मानी जाती है। वास्तु नियमों का पालन कर इसे स्थापित करने से ...और पढ़ें

कैसे करें नर्मदेश्वर शिवलिंग की स्थापना? (AI-Generated Image)

कैसे करें नर्मदेश्वर शिवलिंग की स्थापना? (AI-Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में नर्मदेश्वर शिवलिंग को स्वयंभू और अत्यंत पवित्र माना गया है। सावन के महीने में घर में नर्मदेश्वर शिवलिंग की स्थापना करना अधिक फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस पवित्र माह में नर्मदेश्वर शिवलिंग का अभिषेक करने से घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।

भक्त पर महादेव की कृपा बरसती है। नर्मदेश्वर शिवलिंग की पूजा का पूर्ण फल तभी प्राप्त होगा, जब इसे विधिपूर्वक स्थापित किया जाए। इसलिए नर्मदेश्वर शिवलिंग की स्थापना के लिए वास्तु शास्त्र में बताए गए नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। इससे शिव भक्त को जीवन में शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि नर्मदेश्वर शिवलिंग की स्थापना के समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

Narmadeshwar Shivling

(AI-Generated Image)

नर्मदेश्वर शिवलिंग की स्थापना के वास्तु टिप्स

  • नर्मदेश्वर शिवलिंग की स्थापना करने के लिए सावन, सोमवार, महाशिवरात्रि या सावन शिवरात्रि का दिन अधिक शुभ माना जाता है, क्योंकि इन दिनों महादेव की पूजा-अर्चना करने का विधान है।
  • नर्मदेश्वर शिवलिंग की स्थापना के लिए उत्तर दिशा को शुभ माना जाता है, क्योंकि भगवान शिव का निवास कैलाश पर्वत उत्तर दिशा में है।
  • नर्मदेश्वर शिवलिंग को मंदिर में अकेले स्थापित नहीं करना चाहिए। इसके साथ मां पार्वती, गणेश जी, कार्तिकेय जी और नंदी की मूर्ति की स्थापना करें।
  • एक बात का विशेष ध्यान रखें कि नर्मदेश्वर शिवलिंग का मुख नंदी की तरफ होना चाहिए।
  • स्थापना करने के बाद नर्मदेश्वर शिवलिंग का रोजाना अभिषेक करना चाहिए।

इन बातों का रखें ध्यान

  • रोजाना स्नान करने के बाद ही शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए।
  • गंदे हाथों से शिवलिंग को भूलकर भी नहीं छूना चाहिए।
  • शिवलिंग के आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। ऐसा माना जाता है कि शिवलिंग के आसपास किसी भी प्रकार की गंदगी होने से महादेव नाराज हो सकते हैं और पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है।
  • शिवलिंग पर तुलसी के पत्ते, केतकी के फूल और हल्दी अर्पित नहीं करनी चाहिए। इन चीजों को शिवलिंग पर चढ़ाने से शिव जी नाराज हो सकते हैं।
  • शिवलिंग का अभिषेक करने के लिए तांबे या चांदी के लोटे का प्रयोग करना शुभ माना जाता है।
  • अभिषेक लोहे या प्लास्टिक के बर्तन से नहीं करना चाहिए।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।

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