विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

श्री यंत्र से लेकर कामधेनु तक: वो 6 चमत्कारी सिंबल जो बदल देंगे आपके घर की पूरी एनर्जी

Published: Fri, 17 Jul 2026 04:00 PM (IST)

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में कुछ विशेष शुभ प्रतीकों को स्थापित करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और ...और पढ़ें

वास्तु से जुड़े 6 सबसे शुभ चिह्न (Picture Credits- AI Image)

वास्तु से जुड़े 6 सबसे शुभ चिह्न (Picture Credits- AI Image)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र में घर की सुख-शांति और पॉजिटिव एनर्जी का खास ख्याल रखा जाता है। अक्सर हम जाने अनजाने घर के अंदर ऐसी ऊर्जाओं को बढ़ने देते हैं, जिनसे नकारात्मकता बढ़ती है, लेकिन वास्तु में कई ऐसे खास शुभ प्रतीक (Symbols) हैं, जिन्हें घर में स्थापित करने से ऊर्जा का संतुलन बना रहता है।

ये 6 शुभ चिह्न न सिर्फ घर से वास्तु दोष दूर करने का काम करते हैं, बल्कि परिवार में धन, समृद्धि, आपसी प्यार और अच्छी सेहत का भी संचार करते हैं। अगर आप भी अपने घर का वातावरण सुखद, शांत और सकारात्मक बनाना चाहते हैं, तो इन चमत्कारी प्रतीको को अपने घर में जरूर लगाएं। आइए जानते हैं कौन-से हैं वो 6 शुभ चिह्न जो जीवन में सौभाग्य लाने को आकर्षित करते हैं।

1

श्री यंत्र

घर में श्री यंत्र लगाने से पैसों से जुड़ी समस्या खत्म होने लगती है। इस यंत्र को घर में लगाने से मां लक्ष्मी का आशीर्वाद आकर्षित होता है।

ऐसे लोग जो किसी भी तरह की वित्तीय परेशानियों का सामना कर रहे हैं, उन्हें अपने घर में श्री यंत्र को जरूर लगाना चाहिए। श्री यंत्र को लगाने के लिए सबसे उत्तम दिशा नॉर्थ ईस्ट और स्थान पूजा घर और लॉकर रूम है।

2

ओम

हिंदू धर्म में ऊं का अत्यंत आध्यात्मिक महत्व है। ऊं की आदि ध्वनि है, कहने का मतलब अध्यात्म की सबसे उच्च और श्रेष्ठ ध्वनि है। घर में ऊं चिह्न लगाने से शांति, स्पष्टा और सकारात्मक वातावरण बरकरार रहता है। इसे हमेशा पूजा घर, लिविंग रूम या मुख्य दरवाजे के ऊपर लगाना चाहिए।

swastik

स्वास्तिक

स्वास्तिक चिह्न का हिंदू धर्म के अलावा अन्य धर्मों में भी गहरा महत्व है। इसे सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। स्वास्तिक का मतलब कल्याणकारी होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में स्वास्तिक चिह्न लगाने सुख-समृद्धि और सौभाग्य में वृद्धि होती है। इसे हमेशा घर के मुख्य द्वार, धन से जुड़े स्थान या पूजा रूम में लगाना चाहिए।

5

कलश

हिंदू धर्म से जुड़े रीति-रिवाजों में कलश का खास धार्मिक महत्व है। वास्तु शास्त्र के साथ-साथ ऋग्वेद जैसे ग्रंथों में भी कलश का स्पष्ट वर्णन देखने को मिलता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार कलश को सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। घर में कलश का चिह्न लगाने से प्रचुरता और शुद्धता बनी रहती है, जो सकारात्मक ऊर्जा को अपनी ओर आकर्षित करती है। कलश से जुड़े चिह्न को ईशान कोण दिशा में लगाना चाहिए।

3

कामधेनु गाय

कामधेनु गाय को हिंदू दर्शन में पोषण, उदारता और जीवन की निरंतरता का प्रतीक मानी जाती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार कामधेनु गाय को घर में स्थापित करने से पारिवारिक सद्भाव, इच्छाओं की पूर्ति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। कामधेुन गाय के चिह्न को हमेशा लिविंग रूम में ही लगाना चाहिए।

4

हाथी का जोड़ा

घर में हाथी का जोड़ा रखना भी शुभ माना जाता है। इस चिह्न को साहस, संरक्षण और जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करते हैं। हिंदू धर्म में हाथी को भगवान गणेश से जोड़कर देखा जाता है, जो शुभता का प्रतीक है। घर के मुख्य द्वार पर हाथी का जोड़ा लगाना चाहिए। हालांकि इस दौरान एक बात का खास ध्यान रखें कि, हाथी की सूंड ऊपर की ओर हो।

यह भी पढ़ें- बच्चों के पुराने कपड़े, खिलौने और पालना घर में रखना सही या गलत? पढ़ें वास्तु नियम

यह भी पढ़ें- खाना अमृत है, तो बर्तन क्यों टूटा? वास्तु के अनुसार कैसा होना चाहिए आपका लंच बॉक्स

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।