किस उंगली में पहनें लोहे का छल्ला? 90% लोग नहीं जानते सही नियम, फायदे की जगह हो सकता है भारी नुकसान
शनिदेव के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए लोहे का छल्ला पहनने के सही नियम और फायदे बताए गए ...और पढ़ें
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शनि दोष से मुक्ति के लिए लोहे का छल्ला (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि लाख कोशिशों और कड़ी मेहनत के बावजूद आपको सफलता नहीं मिल रही है? क्या आपने भी अक्सर महसूस किया है कि बेवजह की परेशानियां और मानसिक तनाव आपकी जिंदगी का हिस्सा बन गए हैं? अगर हां, तो यह शनिदेव का प्रभाव हो सकता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हमारे जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव के पीछे ग्रहों के न्यायाधीश यानी शनिदेव हो सकते है। जब शनि की दशा भारी होती है, तो जिंदगी में काफी उथल-पुथल मच जाती है, लेकिन घबराने की कोई बात नहीं है। ज्योतिष में इससे बचने के लिए लोहे के छल्ले का इस्तेमाल करने का कहा गया है। आइए जानते हैं इसके बारे में-
किस उंगली में धारण करें यह छल्ला?
शनिदेव के बुरे प्रभाव को कम करने और सकारात्मक ऊर्जा पाने के लिए लोहे के छल्ला काफी असरदार माना गया है। हालांकि, इसका पूरा असर पाने के लिए जरूरी है कि इसे सही उंगली में पहना जाए। इसे हमेशा अपने सीधे हाथ यानी राइट हैंड की बीच वाली उंगली (मध्यमा) में पहनना चाहिए.
ऐसा इसलिए क्योंकि हस्तरेखा शास्त्र और ज्योतिष में इस उंगली का सीधा संबंध शनि ग्रह से माना गया है। अगर आप किसी वजह से सीधे हाथ में नहीं छल्ला नहीं पहन पा रहे हैं, तो इसे उल्टे हाथ की बीच वाली उंगली में भी पहन सकते हैं।
पहनने का सही दिन और समय
ज्योतिष शास्त्र में हर चीज का फायदा तभी मिलता है, जब उसे सही नियम और सही समय पर किया जाए। ऐसा ही कुछ लोहे के छल्ले के साथ भी है। इस अंगूठी को धारण करने का सही समय शनिवार या अमावस्या का दिन होता है, क्योंकि यह दोनों की दिन शनिदेव को समर्पित होते हैं। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि इस छल्ले को 'प्रदोष काल' यानी शाम का वह समय जब दिन ढल रहा हो, के दौरान ही पहनें।
अंगूठी धारण करने की सही विधि
इस छल्ले को बाजार से लाकर सीधे पहनने की गलती बिल्कुल भी न करें। इसके पहनने के भी कुछ नियम हैं, जो निम्न हैं-
- सबसे पहले शनिवार की शाम इसे थोड़े से सरसों के तेल में डुबोकर रखें।
- इसके बाद साफ मन से शनि मंत्र 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' का 108 बार जाप करें।
- जाप पूरा होने पर छल्ले को गंगाजल से धोकर पवित्र कर लें।
- फिर इसे शनिदेव की मूर्ति या तस्वीर के पास रखकर शनि चालीसा पढ़ें और उनकी आरती करें।
- प्रार्थना करने के बाद इसे उंगली में पहन लें।
- शनिदेव को अनुशासन और ईमानदारी प्रिय है, इसलिए इसे पहनने के बाद गलत कामों से दूर रहें।
किसे पहनना चाहिए लोहे का छल्ला?
जिन लोगों की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या कोई अन्य शनि दोष मौजूद है, उनके लिए यह छल्ला किसी संजीवनी से कम नहीं। हालांकि, यह जानना बेहद जरूरी है कि इसे पहनने से पहले किसी अनुभवी ज्योतिषी को अपनी कुंडली जरूर दिखा लें। बिना उचित सलाह के इसे पहनने से कई बार इसके उल्टे परिणाम भी मिल सकते हैं।
क्या होंगे इसके फायदे?
- इस छल्ले को धारण करने से शनि के अशुभ प्रभावों और जीवन की रुकावटों में भारी कमी आती है।
- करियर और बिजनेस में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और तरक्की के नए रास्ते खुलते हैं।
- यह अंगूठी इंसान के अंदर से अज्ञात भय, मानसिक तनाव और निगेटिविटी को दूर करती है।
- लंबे समय से चली आ रही पैसों की तंगी भी धीरे-धीरे खत्म होने लगती है।
