श्री राम ही नहीं, इन 4 महाबलियों से भी हारा था लंकापति रावण; रामायण में छिपा है यह अनसुना रहस्य
रामायण के कई ऐसे अनसुने रहस्य हैं जिनमें एक बात लंकापति रावण से जुड़ी है, जिससे यह पता चलता है ...और पढ़ें

रामायण के अनसुने रहस्य: इन 4 महाबलियों ने रावण को हराया था (Picture Credit: AI Generated)
HighLights
बाली ने रावण को अपनी बांह में दबाकर समुद्र परिक्रमा कराई।
सहस्त्रबाहु अर्जुन ने अपनी हजार भुजाओं से रावण को पराजित किया।
राजा बलि के बच्चों ने रावण को अस्तबल में बांध दिया।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। जब भी बात आती है लंकापति रावण की शक्तियों की तब उसे इतना शक्तिशाली माना जाता है कि वो प्रभु श्री राम के अलावा कभी किसी से नहीं हारा। वहीं रामायण के कुछ ऐसे रहस्य भी हैं जिनसे आज भी लोग अनजान हैं। वो रहस्य हैं उन महाबलियों के जिन्होंने रावण को राम जी से पहले पराजित किया था।
हममें से अधिकतर लोग यही जानते हैं कि लंकापति रावण को केवल भगवान श्रीराम ने ही पराजित किया था, लेकिन रामायण और अन्य पौराणिक कथाओं में रावण की कई ऐसी पराजयों का वर्णन मिलता है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।
आइए आपको बताते हैं रामायण ग्रंथ के उसी रहस्य के बारे में जो हमें एक बार फिर से यह सोचने पर मजबूर करता है कि, रावण को पराजित करने वाले योद्धा कौन थे। आइए जानें उनके बारे में।
वानरों के राजा बाली
एक बार रावण बाली से युद्ध करने के लिए उसके पास पहुंचा। उस समय बाली पूजा कर रहा था। लंकापति रावण बार-बार बाली को युद्ध के लिए ललकार रहा था, जिससे उसकी पूजा में बाधा उत्पन्न हो गई। जब रावण नहीं माना तो बाली ने उसे अपनी बांह में दबा लिया। ऐसा कहा जाता है कि बाली रोज चारों समुद्रों की परिक्रमा करता था। वह बहुत तेज गति से समुद्रों की परिक्रमा करके वापस लौटता और फिर सूर्य को अर्घ्य देता था।
जब रावण ने बाली से युद्ध की कोशिश की तब बाली ने रावण को होनी बांह में ही दबा कर समुद्र की परिक्रमा की। इसका कारण यह था कि बाली को यह वरदान था कि वो जिससे भी युद्ध करेगा उसकी आधी शक्तियां बाली के पास आ जाएंगी। इसी वजह से रावण की शक्तियां बाली के पास चली गईं थी।
सहस्त्रबाहु अर्जुन
सहस्त्रबाहु अर्जुन को अत्यंत शक्तिशाली राजा माना जाता था। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार उनके पास एक हजार भुजाएं थीं और इसी कारण उसे सहस्त्रबाहु कहा जाता था।
एक बार रावण सहस्त्रबाहु अर्जुन से युद्ध करने पहुंचा। उस समय सहस्त्रबाहु ने अपनी हजार भुजाओं से नर्मदा नदी के प्रवाह को रोक दिया।
पानी एकत्र होने के बाद जब उसने नदी का प्रवाह छोड़ा तो तेज बहाव के कारण रावण की सेना बह गई। इसके बाद जब रावण और सहस्त्रबाहु के बीच युद्ध हुआ तब रावण उससे पराजित हो गया।
राजा बलि
राजा बलि पाताल लोक के महान राजा थे। एक बार रावण उनसे युद्ध करने के इरादे से पाताल लोक स्थित उनके महल में पहुंच गया। वहां जाकर उसने राजा बलि को युद्ध के लिए ललकारा।
उस समय राजा बलि के महल में कुछ बच्चे खेल रहे थे। उन्होंने रावण को पकड़ लिया और उसे घोड़ों के साथ अस्तबल में बांध दिया। रावण जैसा शक्तिशाली योद्धा भी वहां स्वयं को मुक्त नहीं करा पाया और उसकी राजा बलि से पराजय हो गई।
भगवान शिव
हम सभी जानते हैं कि रावण भगवान शिव का परम भक्त था, लेकिन एक समय उसके भीतर अपनी शक्ति का इतना अहंकार आ गया कि वह स्वयं महादेव को चुनौती देने कैलाश पर्वत पहुंच गया। रावण ने जब भगवान शिव को युद्ध के लिए ललकारा तब महादेव ध्यान में लीन थे। उस समय रावण ने कैलाश पर्वत को उठाने का प्रयास किया।
तभी भगवान शिव ने अपने पैर के अंगूठे से कैलाश का भार इतना बढ़ा दिया कि रावण का हाथ पर्वत के नीचे दब गया। रावण ने अपना हाथ निकालने के लिए बहुत प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हुआ। अंततः उसने भगवान शिव से क्षमा मांगी और उनकी स्तुति भी की।
भगवान शिव समेत ये ऐसे महाबली थे जिन्होंने रावण को प्रभु श्री राम से पहले ही पराजित कर दिया था।
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