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'महापुण्य' कमाने का मौका है वृषभ संक्रांति, भूल से भी न करें ये 3 गलतियां

Published: Wed, 13 May 2026 05:21 PM (IST)

15 मई को सूर्य देव वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। ऐसे में इस दिन पर वृषभ संक्रांति मनाई जाएगी।

वृषभ संक्रांति पर इन गलतियों से बचें (Picture Credit- AI Generated)

वृषभ संक्रांति पर इन गलतियों से बचें (Picture Credit- AI Generated)

HighLights

  1. 15 मई 2026 को सूर्य, वृषभ राशि में करेंगे प्रवेश

  2. पवित्र स्नान और दान-पुण्य से मिलेगा लाभ

  3. झूठ बोलने, तामसिक भोजन, देर तक सोने से बचें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वृषभ संक्रांति शुक्रवार, 15 मई को मनाई जाएगी। इस दिन सूर्य देव मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। यह दिन दान-पुण्य, स्नान और सूर्य उपासना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। चलिए जानते हैं कि इन दिन पर आपको किन कार्यों को करने से बचना चाहिए, अन्यथा इसके अच्छे परिणाम नहीं मिलते।

वृषभ संक्रांति का महत्व

वृषभ संक्रांति वैशाख-ज्येष्ठ मास का संक्रमण काल है, जो आर्थिक समृद्धि, कृषि कार्य की शुरुआत और दान-पुण्य के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन पवित्र स्नान, सूर्य देव की पूजा और दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि का वास बना रहता है। वृषभ राशि के स्वामी शुक्र हैं, जो ऐश्वर्य और सुख का प्रतीक है। ऐसे में इस दिन पर किए गए शुभ कार्यों और दान-पुण्य आदि से साधक को धन और संपत्ति में लाभ देखने को मिलता है। साथ ही यह समय निवेश के लिए भी बहुत शुभ माना जाता है।

वृषभ संक्रांति शुभ मुहूर्त

वृषभ संक्रांति पुण्य काल - सुबह 5 बजकर 30 मिनट से सुबह 6 बजकर 28 मिनट तक

वृषभ संक्रांति का क्षण - सुबह 6 बजकर 28 मिनट पर

शुभ फलों के लिए करें ये काम

  • वृषभ संक्रांति पर पवित्र नदियों (गंगा) में स्नान जरूर करें। अगर ऐसा करना संभव न हो तो घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर भी स्नान कर सकते हैं।
  • इस दिन पर सुबह जल्दी उठकर स्नान के बाद सूर्य देव को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें और "ॐ घृणि सूर्याय नमः" मंत्र का जप करें।
  • इस दिन पर आपको अपनी क्षमता के अनुसार अन्न, वस्त्र का दान और गायों की सेवा करना चाहिए, जिससे पुण्य की प्राप्ति होती है।
  • संक्रांति के समय (पुण्य काल) में प्यासों को पानी पिलाना या फिर प्याऊ लगवाना भी बहुत ही फलदायी माना जाता है।
  • शुभ फलों की प्राप्ति के लिए मन में शांति और श्रद्धा का भाव रखें।
Vrishabha Sankranti AI (1)
(Picture Credit- AI Generated)

इन कार्यों से बनाएं दूरी

  • वृषभ संक्रांति पर मानसिक और शारीरिक शुद्धि के लिए झूठ बोलने, तामसिक भोजन करने, बेवजह विवाद करने और देर तक सोने से बचना चाहिए।
  • इस दिन पर देर तक सोने से बचें और सूर्योदय से पहले उठने का प्रयास करें। देर तक सोने से ऊर्जा का ह्रास (नुकसान) होता है।
  • तामसिक भोजन जैसे मांस, मछली, शराब के सेवन से बचें और अत्यधिक तीखा भोजन न करें। इस दिन पर सात्विक भोजन करने की सलाह ही दी जाती है।
  • वृषभ संक्रांति का दिन दान-पुण्य के लिए अत्यंत शुभ है, ऐसे में इस दिन दान देने से चूकना नहीं चाहिए।

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।