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सूर्य देव को तांबे के लोटे से ही क्यों देते हैं अर्घ्य? वजह जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान!

Published: Tue, 12 May 2026 10:34 AM (IST)

वृषभ संक्रांति 15 मई 2026 को मनाई जाएगी, इस दिन सूर्य देव को तांबे के लोटे से अर्घ्य देने का ...और पढ़ें

कब है वृषभ संक्रांति?  (AI Generated Image)

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संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार ज्येष्ठ के महीने में सूर्य देव 15 मई को वृषभ राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इसलिए इस दिन वृषभ संक्रांति मनाई जाएगी। यह दिन सूर्य देव की कृपा प्राप्त करने के लिए शुभ माना जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, सूर्य देव की साधना करने से कारोबार में सफलता मिलती है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। इस दिन सूर्य देव को तांबे के लोटे से अर्घ्य देने का विधान है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर सूर्य देव को तांबे के लोटे से अर्घ्य क्यों दिया जाता है। अगर नहीं पता, तो आइए आपको बताते हैं इसके बारे में विस्तार से।

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क्या है वजह

सूर्य की प्रिय धातु है तांबा- हर धातु का संबंध किसी न किसी ग्रह से है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य देव की प्रिय धातु तांबा है। इसलिए उन्हें प्रसन्न और अर्घ्य देने के लिए तांबे के लोटे का प्रयोग किया जाता है।
अगर आपकी कुंडली में सूर्य की स्थिति कमजोर है, तो ऐसे में रोजाना सूर्य को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें। ऐसा माना जाता है कि इस उपाय को करने से कुंडली में सूर्य की स्थिति  मजबूत होती है। साथ ही मान-सम्मान में वृद्धि और जीवन में सफलता मिलती है।

वृषभ संक्रांति 2026 शुभ मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार, 15 मई को वृषभ संक्रांति मनाई जाएगी।
पुण्य काल- 15 मई को सुबह 05 बजकर 57 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक
महा पुण्य काल- सुबह 05 बजकर 30 मिनट से लेकर सुबह 07 बजकर 46 मिनट तक

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सूर्य देव को अर्घ्य देते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • सूर्य देव को अर्घ्य देते समय "ॐ सूर्याय नम:" या "ॐ घृणि सूर्याय नम:" मंत्र का जप जरूर करना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मंत्रों का जप करने से मन में सकारात्मकता आती है और सूर्य देव की कृपा बरसती है।
  • सूर्य देव को अर्घ्य देने से पहले स्नान करें और साफ कपड़ें पहनें। ऐसा माना जाता है कि बिना स्नान के सूर्य देव को अर्घ्य देने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है।
  • अर्घ्य देते समय जूते या चप्पल नहीं पहनने चाहिए। इस गलती को करने से सूर्य देव नाराज हो सकते हैं।
  • इसके अलावा मन में किसी के बारे में गलत न सोचें और किसी से वाद-विवाद न करें।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।