विश्वकर्मा जयंती पर मशीन और औजारों की पूजा विधि, सही पूजन लाएगा बरकत
विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर को मनाई जाती है, जिसमें घर, फैक्ट्री और ऑफिस की मशीनों व औजारों की विधिपूर्वक पूजा की जाती है।

विश्वकर्मा पूजा: मशीनों और औजारों की पूजा का सही तरीका (Picture Credit: AI Generated)
HighLights
विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर को, मशीनों-औजारों की होती है विशेष पूजा।
पूजा से पहले कार्यस्थल और सभी उपकरणों की अच्छी तरह सफाई करें।
भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर विधिपूर्वक पूजन और आरती करें।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म के अनुसार विश्वकर्मा पूजा के दिन घर, फैक्ट्री और ऑफिस की सभी मशीनें बंद रहती हैं और इस दिन उन मशीनों की विधि पूर्वक पूजा की जाती है। यह एक दिन ऐसा होता है जब आपके काम की ही पूजा की जाती है। इस दिन सभी फैक्ट्री आम लोगों के लिए बंद होती हैं, लेकिन मशीनों को पूजा जाता है।
मशीन पर फूलों की माला चढ़ाई जाती है। ऑटो-रिक्शा और सभी गाड़ियों के बोनट पर तिलक लगाया जाता है। इस दिन दर्जी अपनी कैंची को पूजते हैं, तो वास्तुकार और शिल्पकार अपने सामान की पूजा करते हैं। यही नहीं ऑफिस में काम करने वाले इंजीनियर अपने लैपटॉप की पूजा करते हैं।
आमतौर पर कहा जाता है कि कर्म ही पूजा है, लेकिन इस दिन आपके काम में जिन चीजों का इस्तेमाल होता है उन सभी को पूजा जाता है। दरअसल यह भगवान विश्वकर्मा को सम्मान देने का एक तरीका माना जाता है। हर बार की तरह इस साल भी विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर को ही मनाई जाएगी। आइए आपको बताते हैं इस दिन मशीन और औजारों की पूजा की सही विधि क्या है?
विश्वकर्मा पूजा 2026 मशीन की पूजा विधि
यह त्योहार मुख्य रूप से घरों, कारखानों और काम की जगहों पर श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। अगर आप भी विश्वकर्मा पूजा के दिन अपनी मशीन और औजारों को पूजते हैं, तो उसका सही तरीका जान लेना भी जरूरी है।
- विश्वकर्मा पूजा से पहले फैक्ट्री, दुकान, वर्कशॉप, गैराज या ऑफिस की अच्छी तरह से सफाई करें। साथ ही, जिन मशीनों और औजारों की आप पूजा करने वाले हैं, उनकी भी अच्छी तरह से सफाई करें।
- अगर कोई मशीन काफी दिनों से खराब है तो उसे ठीक करवाना जरूरी है। अगर आप किसी वजह से उसे ठीक नहीं भी करवा पाए हैं, तब भी उस मशीन को साफ करके रखें। आपको इस दिन किसी भी औजार या मशीन में गंदगी जमा करके नहीं रखनी चाहिए।
- एक साफ चबूतरे या चौकी पर पीला या लाल कपड़ा बिछाएं और भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर या मूर्ति उसके ऊपर रखें। चौकी को फूलों और सजावट की अन्य चीजों से भी सजाया जा सकता है।
- चौकी के पास पानी से भरा मिट्टी या तांबे का कलश रखें, उस पर कलावा बांधें और उसमें आम के पत्ते और नारियल रखें।
- फैक्ट्री, दुकान या घर में रखे सभी औजारों, हथियारों, और मशीनों को यदि संभव हो तो, पूजा की जगह के आस-पास रखें। आप बड़ी मशीनों को उनके स्थान से हटाने के बजाय, उन्हें उसी स्थान पर रोली से टीका और अक्षत लगाएं।
- सभी औजारों और महीनों की पूजा हल्दी, कुमकुम, चावल के दाने और फूल चढ़ाकर करें और भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर को भी टीका लगाएं। तस्वीर के सामने दीपक और अगरबत्ती जलाएं और पूजा की पारंपरिक चीजें जैसे फूल, फल, अगरबत्ती, दीपक, अक्षत और मिठाई चढ़ाएं।
- इसके बाद फैक्ट्री के सभी लोग साथ में आरती और पूजा करें। पूजन समाप्त होने के बाद सभी लोगों को प्रसाद बांटें।
अगर आप भी मशीन और औजारों की पूजा करते हैं, तो आपको इसी विधि से पूजन करना चाहिए। ऐसा करने से विश्वकर्मा जी का आशीर्वाद बना रहता है और जीवन में खुशहाली आती है।
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